Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयआपके हर सवाल का पल भर में जवाब दे देता है जो ChatGPT, उसे...

आपके हर सवाल का पल भर में जवाब दे देता है जो ChatGPT, उसे बनाने वाली कंपनी की अंतरिम CEO बनीं मीरा मुराती: फाउंडर को पद से हटाया गया

कंपनी ने उनको ये पद सौंपते हुए कहा कि मुराती कुशल और बहुत प्रतिभावान है। इससे ये भी साफ हो गया है कि आगे स्थाई सीईओ की नियुक्ति करते वक्त भी उनके नाम पर विचार हो सकता है।

दुनिया को मुफ्त और सुरक्षित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) देने के मकसद वाली अमेरिकन कंपनी ओपनएआई (OpenAI) ने शुक्रवार (17 नवंबर,2023) को 34 साल मीरा मुराती को कंपनी के अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का पद सौंपा है। ये वही कंपनी है जिसने 30 नवंबर, 2022 को चैट GPT AI सिस्टम चैटबॉट से दुनिया को रुबरू कराया था। भाषा की दिशा में बातचीत को बेहतरीन बनाने वाले ये AI सिस्टम पल भर में आपके सवाल से जुड़ी हर जानकारी आपके सामने रख देता है।

दरअसल कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने इसके पूर्व सीईओ और को फाउंटर सैम ऑल्टमैन को उनके पद से हटा दिया। कहा जा रहा है कि OpenAI को ऑल्टमैन की काबिलियत पर यकीन नहीं रह गया था। इस वजह से उन्हें हटाने का फैसला लिया गया। इससे पहले मुराती कंपनी की मुख्य तकनीकी अधिकारी का पद भी सँभाल चुकी हैं। उन्होंने ChatGPT को बनाने में भी अहम भूमिका निभाई। कई साल तक मीरा मुराती ने चैटजीपीटी और डीएएल-ई जैसे क्रांतिकारी प्रोडक्ट्स के विकास और उन्हें बनाने में OpenAI के लिए काम किया।

अब कहीं जाकर वो अंतरिम सीईओ का पद मिलने से सुर्खियों में आई हैं। कंपनी ने उनको ये पद सौंपते हुए कहा कि मुराती कुशल और बहुत प्रतिभावान है। इससे ये भी साफ हो गया है कि आगे स्थाई सीईओ की नियुक्ति करते वक्त भी उनके नाम पर विचार हो सकता है।

हालाँकि पिछले साल से उन्हें चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर का पद सौंपा गया था। उनके बारे में OpenAI के मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों का कहना है कि मुराती कंपनी के संचालन में इस दौरान भी अहम भूमिका निभा रही थीं। उन्होंने ये पक्का करने में बेहतरीन काम किया कि कंपनी के इंजीनियर तय वक्त पर ChatGPT बना लें।

यही नहीं उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट के साथ कंपनी के रिश्तों को नई ऊंचाईयाँ दीं। यही वजह रही कि माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने टाइम पत्रिका में उनके बारे में लिखा, “उनके पास तकनीकी विशेषज्ञता, व्यावसायिक कौशल और मिशन के महत्व की गहरी जानकारी के साथ टीम को साथ लाने की काबिलियत है। इसका नतीजा ये हुआ कि मीरा ने अब तक आई कुछ सबसे रोमांचक AI तकनीकों को बनाने में मदद की है।”

इतना ही नहीं वाशिंगटन और यूरोप में ओपनएआई की ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया। अल्बानिया में साल 1988 में जन्मी और कनाडा में पढ़ी मीरा मुराती एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं। ये उनकी तकनीकी कुशलता का ही उदाहरण है कि उन्होंने डार्टमाउथ कॉलेज में अपने ग्रेजुएशन के दौरान ही एक हाइब्रिड रेस कार बना डाली थी।

साल 2013 से 2016 तक उन्होंने एलन मस्क की कंपनी टेस्ला में मॉडल एक्स की सीनियर प्रोडक्ट मैनेजर का पद संभाला। साल 2018 में उन्होंने OpenAI का दामन थामा था। हालाँकि, उनके नाम को देखते हुए उनके भारतीय मूल से होने का भ्रम था, लेकिन उनका सरनेम उनके अल्बानिया से होने की गवाही देता है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -