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Article-370 पर सरकार के फैसले के विरोध में कश्मीर में 9 जगहों पर पत्थरबाजी, अजित डोभाल ने श्रीनगर में डाला डेरा

सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी इस वक्त श्रीनगर में हैं और काफी करीब से हालात पर नजर बनाए हुए है। डोभाल केंद्र के फैसले को सही तरीके से लागू होने तक श्रीनगर में ही रुकेंगे। वह लगातार वहाँ पर स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर को अनुच्छेद 370 के तहत मिले विशेषाधिकारों को अब हटा दिया गया है। केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद घाटी में सुरक्षा को बढ़ाया गया है, ताकि किसी भी तरह की स्थिति से निपटा जा सके। खुद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल भी इस वक्त श्रीनगर में हैं और काफी करीब से हालात पर नजर बनाए हुए है। अजित डोभाल केंद्र के फैसले को सही तरीके से लागू होने तक श्रीनगर में ही रुकेंगे। NSA अजित डोभाल लगातार वहाँ पर लोकल लोगों से बैठक कर रहे हैं।

इस बीच, मंगलावर (अगस्त 6, 2019) को श्रीनगर के कुछ इलाकों से पत्थरबाजी की घटना सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, श्रीनगर के हाजी बाग कैंप, सोम्यार मंदिर, इस्लामियां कॉलेज, छोटा बाजार समेत 9 इलाकों में अराजक तत्वों द्वारा पत्थरबाजी की गई है। जबकि कुछ अन्य इलाकों में लोगों के सड़कों पर उतर आने और पाबंदियों का विरोध करते हुए प्रदर्शन किए गए।

गौरतलब है कि, कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने के निर्णय लेने के पहले से ही सेना ने व्यापक तैयारी कर ली थी, जिसकी वजह से जम्मू कश्मीर से कोई बड़ी घटना सामने नहीं आ रही है। एहतियात के तौर पर कल (अगस्त 5, 2019) रात जम्मू कश्मीर के कई नेताओं को भी गिरफ्तार कर लिया गया था ताकि वे शांति भंग ना कर पाएँ।

केन्द्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर को लेकर सोमवार को किए गए महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक फैसलों के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। मंगलवार (अगस्त 6, 2019) को भी श्रीनगर और जम्मू में धारा-144 लागू है। इसके अलावा डोडा, किश्तवाड़, बनिहाल और रामबन में कर्फ्यू लगाया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षाबलों की 40 कम्पनियाँ जम्मू संभाग के जम्मू, डोडा, उधमपुर, रामबन, किश्तवाड़, राजौरी तथा पुंछ जिलों में तैनात की गई हैं। राज्य के ज्यादातर मार्गों पर कंटीली तार लगाकर लोगों की आवाजाही को रोका जा रहा है, ताकि कोई शरारती तत्व राज्य का शांतिपूर्ण माहौल खराब करने की हिम्मत न कर सके। इस दौरान रैलियों और राजनीतिक बैठकों पर भी प्रतिबंध लागू हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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