11 मरीजों की आँखों की रोशनी गई, मध्य प्रदेश के इंदौर में अस्पताल की बड़ी लापरवाही

9 साल पहले इसी अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद करीब 20 लोगों की आँखों की रोशनी चली गई थी। इस घटना के बाद भी...

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई है। एमोजी लाइन स्थित नेत्र चिकित्सालय में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने आए मरीजों को अपनी आँखों की रोशनी से ही हाथ धोना पड़ गया। ऑपरेशन के दौरान 11 लोगों के आँखों की रोशनी चली गई। अस्पताल के डॉक्टर पर ऑपरेशन में लापरवाही करने के आरोप लगे हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रवीण जड़िया ने शनिवार (अगस्त 17, 2019) को बताया कि 8 अगस्त को राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत इंदौर आई हॉस्पिटल में 13 मरीजों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया। इनमें से दो मरीजों को ठीक होने के बाद निजी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। लेकिन शेष 11 मरीजों ने आँखों की रोशनी बाधित होने की शिकायत की है।

इस बीच राज्य प्रशासन ने इस मामले में 72 घंटे के भीतर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है और साथ ही अस्पताल का लाइसेंस निलंबित करने पर विचार किया जा रहा है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा कि 9 साल पहले इसी अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद करीब 20 लोगों की आँखों की रोशनी चली गई थी। इस घटना के बाद भी कैसे हॉस्पिटल को वापस अनुमति प्रदान की गई, इस संबंध में जाँच कर प्रबंधन व दोषियों पर कड़ी कार्यवाही हो। साथ ही मुख्यमंत्री ने पीड़ितों को 50-50 हजार रुपए की मदद देने का ऐलान भी किया है।

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राज्य के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने इस घटना पर दुख जताते हुए स्वीकार किया कि आई हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद 11 मरीजों की आँखों की रोशनी चली गई है। इन मरीजों की आँखों की रोशनी वापस लाने के लिए चेन्नई से विशेषज्ञ डॉक्टरों को बुलाया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर पूरे मामले की जाँच इंदौर कमिश्नर की अगुवाई में सात सदस्यीय कमिटी करेगी, जिसमें इंदौर कलेक्टर समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही पीड़ित परिवार को 20-20 हजार रुपए की सहायता प्रदान की जाएगी।

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