Wednesday, August 4, 2021
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उन्नाव: खेत में मरणासन्न मिली 3 लड़कियों में से 2 की मौत – नजरबंदी वाली बात को पुलिस ने बताया फर्जी

पुलिस ने कहा कि परिवार के लोग बयान और FIR के लिए थाने गए थे और अब वे अपने घर पहुँच गए हैं, जबकि कुछ परिजन पोस्टमार्टम हाउस और कुछ रीजेंसी हॉस्पिटल में हैं। पुलिस ने नज़रबन्दी की खबर को एकदम फर्जी बताया है।

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिला स्थित बबुरहा गाँव में बुधवार (फरवरी 17, 2021) की शाम 13 और 16 वर्ष की आयु की दो लड़कियों (क्रमशः, काजल और कोमल) के शव खेत में पड़े मिले। इनके अलावा, एक 17 वर्षीय लड़की रोशनी, गंभीर हालत में पाई गई, जिसका कि कानपुर के अस्पताल में इलाज चल रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने कहा कि उन्हें संदेह है कि इन लड़कियों ने जहर खाया होगा और डॉक्टर्स का भी प्रथम दृष्टया यही कहना है क्योंकि घटनास्थल पर किसी तरह के कोई अन्य साक्ष्य फिलहाल नहीं मिले, ना ही उनके शरीर पर किसी तरह के कोई चोट के निशान थे। दोनों बड़ी लड़कियाँ बहनें हैं, जबकि उनमें से सबसे छोटी लड़की उनकी चचेरी बहन थी। मामले की जाँच के लिए पुलिस ने 6 टीमें गठित की हैं।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि लड़कियों के भाई ने कहा कि उनके हाथ और पैर बँधे हुए पाए गए थे। छोटी लड़कियों को अस्पताल पहुँचने पर मृत घोषित कर दिया गया, जबकि 17 वर्षीय की हालत गंभीर बनी हुई है।

पत्रकारों से बात करते हुए, लड़कियों के भाई ने कहा, “वे खेत में घास लेने गईं थीं। आज उन्हें घर लौटने में जब देर हुई तो हम उनकी तलाश में गए। हमने उन्हें अपनी चुन्नी जैसे बँधा हुआ पाया।”

वहीं, पुलिस महानिरीक्षक (लखनऊ रेंज) लक्ष्मी सिंह ने कहा कि अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि लड़कियों को बाँधा गया था। पुलिस के अनुसार, उनके हाथ या पाँव पर ऐसे निशान मिलने की पुष्टि फिलहाल नहीं की जा सकती। आईजी लक्ष्मी सिंह ने कहा, “भाई ने यह कहते हुए बयान दिया है, लेकिन हम कुछ नहीं कह सकते क्योंकि पुलिस के मौके पर पहुँचने से पहले ही शवों को हटा दिया गया था।” घटना के बाद देर रात ही लखनऊ आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह उन्नाव के असोहा थाने पहुँच गईं थीं।

इसके अलावा, पुलिस अधीक्षक, उन्नाव आनंद कुलकर्णी ने कहा कि पीड़िता की माँ के बयान के आधार पर पता चला है कि उनके हाथ नहीं बाँधे गए थे। पुलिस ने स्पष्ट रूप से कहा कि वो इस मामले पर सभी लोगों के बयान लेंगे और उसी आधार पर जाँच प्रक्रिया को आगे बढ़ाएँगे।

यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा कि लड़कियाँ बुधवार को दोपहर 3 बजे के आसपास अपने घर से निकली थीं और शाम को परिवार के सदस्यों से मिलीं। उन्नाव के एसपी सुरेशराव ए कुलकर्णी ने कहा कि अभी तक जो जानकारी सामने आई है उससे यही पता चला है कि लड़कियाँ अपने खेत में चारा लेने गईं थीं। शाम को बहुत देर होने पर भी जब वो नहीं लौटीं तो घरवाले उन्हें ढूँढने गए और उन्होंने लड़कियों को खेत में पड़े हुए देखा।

एसपी ने कहा कि तीनों के मुँह से सफ़ेद झाग निकल रहा था। एडीजी ने कहा कि पुलिस की जाँच जारी है और सभी संभावित दृष्टिकोण पर नजर रखी जा रही है।

परिवार की नज़रबन्दी की बात गलत

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि परिवार को पुलिस द्वारा नजरबन्द कर दिया गया है। जबकि ऑपइंडिया को प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस ने इन खबरों को गलत बताया है। पुलिस ने किसी भी व्यक्ति को नज़रबंद नहीं किया है। पुलिस ने कहा कि परिवार के लोग बयान और FIR के लिए थाने गए थे और अब वे अपने घर पहुँच गए हैं, जबकि कुछ परिजन पोस्टमार्टम हाउस और कुछ रीजेंसी हॉस्पिटल में हैं। पुलिस ने नज़रबन्दी की खबर को एकदम फर्जी बताया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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