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कोरोना संक्रमित शवों के कफन चुराते थे, ब्रैंडेड लेबल लगाकर बेचते थे बाजार में, 520 कफन बरामद: 7 गिरफ्तार

बड़ौत पुलिस के इंस्पेक्टर आज शर्मा ने बताया कि पुलिस लॉकडाउन के कारण तलाशी अभियान में जुटी हुई थी तब ब्रांडेड कपड़ों से लदी एक गाड़ी पकड़ी गई। कपड़ों का बिल न होने पर आरोपितों से सख्ती से पूछताछ की गई तब इस पूरे राज का भंडाफोड़ हुआ।

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से लाशों के कफन चोरी करके उन्हें दोबारा बेचने का मामला सामने आया है। इस पूरे मामले से जुड़े एक बड़े गैंग का पर्दाफाश हुआ है जो कब्रिस्तान और श्मशान जैसी जगहों से कफन चुराकर उनकी धुलाई और प्रेस करके उन पर ब्रांडेड स्टीकर लगाकर उन्हें दोबारा बाजार में बेच देता था। बड़ौत पुलिस ने इस मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।

बड़ौत पुलिस के इंस्पेक्टर आज शर्मा ने बताया कि पुलिस लॉकडाउन के कारण तलाशी अभियान में जुटी हुई थी तब ब्रांडेड कपड़ों से लदी एक गाड़ी पकड़ी गई। कपड़ों का बिल न होने पर आरोपितों से सख्ती से पूछताछ की गई तब इस पूरे राज का भंडाफोड़ हुआ। पुलिस के अनुसार आरोपित कब्रिस्तान और शमशान से शवों के वस्त्रों और कफन की चोरी कराते थे। इसके लिए बाकायदा 300-400 रुपए की दिहाड़ी पर मजदूर रखे गए थे जो शवों के कफन और अन्य वस्त्रों की चोरी किया करते थे।

आरोपित शवों से उतारे गए वस्त्रों और कफन की धुलाई करके उस पर प्रेस करते थे। इसके बाद इन कपड़ों पर ग्वालियर की ब्रांडेड कंपनी का स्टीकर लगा दिया जाता था और इन कपड़ों को महँगे दामों पर बेच दिया जाता था। आरोपितों के अनुसार एक कफन की कीमत 400 रुपए तक होती थी। इस मामले में यह भी सामने आया है कि कई कपड़े कोरोना संक्रमित मरीजों के शवों के भी होते थे। सभी आरोपितों के खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन और महामारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपितों के पास से पास से 520 कफन, 127 कुर्ते, 140 कमीज, 34 धोती, 12 गर्म शॉल, 52 साड़ी, तीन रिबन के पैकेट, 1 टेप कटर और 158 ग्वालियर की कंपनी के स्टीकर बरामद हुए हैं। आरोपितों में शाहरुख खान, बबलू, राजू शर्मा, श्रवण कुमार शर्मा, प्रवीण कुमार जैन, आशीष जैन और ऋषभ जैन शामिल हैं। सभी आरोपित बागपत के बड़ौत के ही रहने वाले हैं। आरोपितों ने स्वीकार किया है कि वो कई सालों से यह काम करते आ रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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