Sunday, June 16, 2024
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AAP विधायक की वसूली से परेशान डॉक्टर ने दी थी जान, कोर्ट ने ठहराया दोषी: सजा होते ही जाएगी प्रकाश जरवाल की विधायकी

आम आदमी पार्टी विधायक प्रकाश जरवाल पर डॉक्टर राजेंद्र भाटी को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप लगे थे, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें इस मामले में दोषी करार दिया।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के विधायक प्रकाश जरवाल को दोषी पाया है। कोर्ट ने प्रकाश जरवाल को आईपीसी की धारा 306 और 120बी के तहत दोषी करार दिया है। अभी अदालत ने सजा पर फैसला नहीं सुनाया है। जल्द ही इस मामले में फैसला सुना दिया जाएगा। माना जा रहा है कि प्रकाश जरवाल को करीब 10 साल की सजा होगी, जिसके बाद उनकी विधायकी भी चली जाएगी। आम आदमी पार्टी के विधायक प्रकाश जरवाल पर एक डॉक्टर को आत्महत्या के लिए उकसाने का केस चल रहा था। डॉक्टर ने अपने सुसाइड नोट में विधायक का नाम लिखा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोर्ट द्वारा आम आदमी पार्टी के विधायक प्रकाश जरवाल समेत कुल तीन लोगों को दोषी ठहराया गया है। आईपीसी की धारा 306 के तहत प्रकाश जारवाल को 10 साल तक की सजा हो सकती है।

राउज एवेन्यू कोर्ट में स्पेशल जज एमके नागपाल ने फैसला सुनाते हुए आप विधायक को दोषी करार दिया। आम आदमी पार्टी विधायक प्रकाश जरवाल पर डॉक्टर राजेंद्र भाटी को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप लगे थे, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें इस मामले में दोषी करार दिया। साल 2021 के नवंबर महीने में कोर्ट के एक अन्य बेंच ने आम आदमी पार्टी के विधायक के खिलाफ आरोप तय किए थे। अब इसमें कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया है।

डॉक्टर का सुसाइड नोट

बता दें कि दिल्ली में डॉक्टर की खुदकुशी का मामला करीब 4 साल पुराना है। 18 अप्रैल 2020 को दिल्ली के नेब सराय इलाके में 52 वर्षीय डॉक्टर राजेन्द्र सिंह ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक के पास से एक 2 पेज का सुसाइड नोट मिला था जिसमें उन्होंने आत्महत्या के लिए इलाके के विधायक प्रकाश जरवाल और उनके सहयोगी कपिल को जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस ने एक डायरी भी बरामद की थी, जिसमें लिखा था, “मेरा इस इलाके में एक क्लीनिक है और मेरे कुछ वाटर टैंकर दिल्ली जल बोर्ड में किराए से चलते थे, लेकिन एमएलए प्रकाश जरवाल और उसका सहयोगी कपिल नागर मुझसे हर टैंकर के हिसाब से पैसे माँगने लगे। कुछ पैसे दिए भी गए लेकिन बाद में मेरे सभी टैंकर प्रकाश जरवाल ने दिल्ली जल बोर्ड से हटवा दिया।”

सुसाइड नोट में लिखा था, “टैंकरों को दिल्ली जल बोर्ड से हटवाने के बाद जब उन्हें ओखला के दिल्ली जल बोर्ड के लगवाया गया तो टैंकरों को वहाँ से भी प्रकाश जरवाल द्वारा हटवा दिया गया।” नोट के अनुसार प्रकाश जरवाल और उसके सहयोगी से उन्हें जान से मारने की धमकी भी मिल रही थी और धमकियों के कारण उनका जीना मुश्किल हो गया था। जानकारी के मुताबिक, विधायक ने डॉक्टर से पिछले 5 सालों में 5 लाख रुपए लिए भी थे। डॉक्टर उन्हें रुपए देते रहे, ताकि उनके परिवार को परेशान न किया जाए। लेकिन, फिर भी विधायक व उनके सहयोगियों द्वारा बार-बार रुपए की माँग की गई। डॉक्टर ने सुसाइड नोट में अपनी अंतिम इच्छा यही बताई है कि विधायक व उसके साथी को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए।

प्रकाश जरवाल का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ बदसलूकी के मामले में वो गिरफ़्तार किए जा चुके हैं। इसके अलावा उन पर राजद की एक महिला के शोषण करने का भी आरोप लगा था। वो सीएम केजरीवाल के साथ ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ में भी जुड़े हुए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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