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मुझसे ₹5 लाख वसूले, उसे कड़ी सजा दो: डॉक्टर के सुसाइड नोट से फँसे AAP विधायक प्रकाश जारवाल

शव के पास से ही सुसाइड नोट मिला। इसमें विधायक जारवाल और उनके सहयोगी कपिल नागर पर आरोप लगाए गए थे। आरोप है कि विधायक ने डॉक्टर से पिछले 5 सालों में 5 लाख रुपए लिए। डॉक्टर उन्हें रुपए देते रहे, ताकि उनके परिवार को परेशान न किया जाए। लेकिन, फिर भी विधायक व उनके सहयोगियों द्वारा बार-बार रुपए की माँग की गई।

दिल्ली में एक डॉक्टर ने आत्महत्या कर ली। अपने सुसाइड नोट में उन्होंने आम आदमी पार्टी के विधायक प्रकाश जारवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना नेब सराय थाना क्षेत्र की है। सुसाइड नोट में डॉक्टर ने लिखा है कि वे आप विधायक की उगाही से परेशान होकर आत्महत्या कर रहे हैं।

पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है। विधायक जारवाल और उनके साथी कपिल नागर के ख़िलाफ़ उगाही और जान से मारने की धमकी का मामला मृत डॉक्टर के बेटे ने दर्ज कराया है

दक्षिणी दिल्ली के पुलिस उपयुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने मुकदमा दर्ज किए जाने की पुष्टि की है। सुसाइड नोट को जाँच के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस ने बताया कि 52 वर्षीय डॉक्टर राजेंद्र कुमार देवली के दुर्गा विहार में क्लीनिक चलाते थे। उनका घर भी वहीं पर है। शनिवार (अप्रैल 18, 2020) की सुबह उनका किराएदार जब छत पर गया तो उसने पाया कि डॉक्टर का शव कमरे में लटक रहा था। उसने तत्काल परिजनों को सूचना दी। इसके बाद पुलिस वहाँ पहुँची।

शव के पास से ही सुसाइड नोट मिला। इसमें विधायक जारवाल और उनके सहयोगी कपिल नागर पर आरोप लगाए गए थे। जारवाल का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ बदसलूकी के मामले में वो गिरफ़्तार किए जा चुके हैं। इसके अलावा उन पर राजद की एक महिला के शोषण करने का भी आरोप लगा था। वो सीएम केजरीवाल के साथ ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ में भी जुड़े हुए थे।

आरोप है कि विधायक ने डॉक्टर से पिछले 5 सालों में 5 लाख रुपए लिए। डॉक्टर उन्हें रुपए देते रहे, ताकि उनके परिवार को परेशान न किया जाए। लेकिन, फिर भी विधायक व उनके सहयोगियों द्वारा बार-बार रुपए की माँग की गई। डॉक्टर ने सुसाइड नोट में अपनी अंतिम इच्छा यही बताई है कि विधायक व उसके साथी को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए। इस पर सफाई देते हुए विधायक जारवाल ने कहा:

“मुझे मीडिया के माध्यम से डॉक्टर की आत्महत्या और सुसाइड नोट की बात पता चली है। मैं निर्दोष हूँ। पिछले 8-10 महीनों ने न तो मैं उनसे मिला हूँ और न ही हमारी कोई बातचीत हुई थी। 2017 में जब कुछ मीडिया चैनलों ने टैंकर माफिया के ख़िलाफ़ स्टिंग किया था, तो उसमें उनका नाम आया था। इसके बाद उनकी सभी गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था। मुझे पहले भी फँसाने की कोशिश की जाती रही है और अब ऐसा ही हो रहा है। मैं किसी भी जाँच के लिए तैयार हूँ। मैं पुलिस का सहयोग करूँगा।”

‘दैनिक जागरण’ के राष्ट्रीय संस्करण में प्रकाशित ख़बर

वहीं परिजनों का आरोप है कि उन्होंने गाँव की ज़मीन बेच कर विधायक के साथी कपिल नागर को मोटी रकम दी थी। इसके बावजूद उन्हें धमकियाँ मिलती रहीं। डॉक्टर राजेंद्र के परिजनों ने आरोप लगाया कि उनके 5 टैंकर दिल्ली जल बोर्ड में लगे थे, जिसे विधायक ने हटवा दिया। जल बोर्ड से उनकी लाखों रुपए की पेमेंट रुकवा देने की बात भी कही गई है। मृत डॉक्टर के बेटे ने बताया कि उनके पास जुलाई 2019 का एक ऑडियो क्लिप भी है, जिसमें विधायक धमकी देते हुए सुने जा सकते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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