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अब्दुल मजीद ने हिंदुओं की आराध्य देवी पर की आपत्तिजनक टिप्पणी, आक्रोशित लोग सड़कों पर उतरे: जबलपुर पुलिस ने NSA के तहत गिरफ्तार कर भेजा जेल, ऐसे ही एक अन्य केस में बेल पर है आरोपित

अब्दुल मजीद ने हिंदू समुदाय की आस्था की केंद्र माता बूढ़ी खेरमाई को लेकर व्हाट्सऐप ग्रुपल में अमर्यादित और अभद्र टिप्पणी की। इसकी वजह से तनाव फैल गया।

मध्य प्रदेश के जबलपुर में धार्मिक तनाव फैल गया, क्य़ोंकि अब्दुल मजीद S/o अब्दुल हफीज ने हिंदुओं की आराध्य देवी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। अब्दुल मजीद ने हिंदू समुदाय की आस्था की केंद्र माता बूढ़ी खेरमाई को लेकर व्हाट्सऐप ग्रुपल में अमर्यादित और अभद्र टिप्पणी की। इसकी वजह से तनाव फैल गया। देखते ही देखते हिंदू समुदाय में गुस्सा भड़क उठा और सराफा चौक पर लोग इकट्ठा होकर विरोध करने लगे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जबलपुर में 2-3 दिनों से इसी वजह से तनाव फैल रहा था। जिसमें गोहलपुर के पुराने पुल के पास सिरसातले का रहने वाला अब्दुल मजीद की हरकतों के खिलाफ लोग प्रदर्शन कर रहे थे। इस मामले में हनुमानताल थाना पुलिस और सीएसपी सुनील नेमा ने कार्रवाई करते हुए आरोपित अब्दुल मजीद (36 साल) को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने लगाया NSA, भेजा जेल

हिंदू संगठनों की शिकायत पर हनुमानताल पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच की थी। इसमें पुलिस ने पाया कि उसकी पोस्ट से न सिर्फ धार्मिक भावनाएँ आहत हुईं, बल्कि सांप्रदायिक तनाव की आशंका भी बढ़ गई थी। हिंदू संगठनों और धार्मिक गुरुओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की। उनकी शिकायत पर पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत अब्दुल मजीद को गिरफ्तार कर केंद्रीय जेल भेज दिया।

पहले भी धार्मिक भावनाओं को चोट पहुँचा चुका है अब्दुल माजिद

यह पहली बार नहीं है जब अब्दुल मजीद ने ऐसा घिनौना काम किया हो। पहले भी वह माढ़ोताल थाने में दर्ज एक मामले में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोपी रह चुका है। उस वक्त भी उसकी हरकतों ने इलाके में तनाव पैदा किया था।

इसी वजह से जबलपुर एसपी सम्पत उपाध्याय ने इसे गंभीरता से लिया और कलेक्टर दीपक सक्सेना को रिपोर्ट भेजी। जबलपुर के कलेक्टर ने तुरंत NSA के तहत वारंट जारी किया, जिसके बाद अब्दुल मजीद को जेल की सलाखों के पीछे पहुँचा दिया गया।

बूढ़ी खेरमाई मंदिर जबलपुर के हिंदू समुदाय का आस्था का प्रतीक है। अब्दुल मजीद की हरकतों के खिलाफ लोगों ने सराफा चौक पर प्रदर्शन भी किया था। जिसके बाद मौके पर पहुँची पुलिस ने लोगों को भरोसा दिलाया कि दोषी को सजा मिलेगी। इस आश्वासन के बाद प्रदर्शन शांत हुआ।

एसपी सम्पत उपाध्याय ने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएँगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जिम्मेदारी से सोशल मीडिया का इस्तेमाल करें और किसी भी आपत्तिजनक पोस्ट की जानकारी पुलिस को दें।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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