Monday, May 20, 2024
Homeदेश-समाजमथुरा मामले पर सुनवाई के लिए तैयार हुआ कोर्ट, तारीख़ भी दे दी: ज्ञानवापी...

मथुरा मामले पर सुनवाई के लिए तैयार हुआ कोर्ट, तारीख़ भी दे दी: ज्ञानवापी की तर्ज पर शाही ईदगाह को सील करने की है माँग

"उन्होंने अपनी याचिका में कहा, "यह स्थिति श्रीकृष्ण जन्मभूमि संपत्ति की है, जो असली गर्भगृह है, वहाँ पर सभी हिंदू धार्मिक अवशेष कमल शेषनाग,ऊँ, स्वास्तिक आदि हिंदू धार्मिक चिह्न व अवशेष हैं। इसमें से कुछ को मिटा दिया गया है और..."

काशी की ज्ञानवापी विवादित ढाँचे में सर्वे और वहाँ शिवलिंग मिलने के बाद अब मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थली के पास स्थित प्रसिद्ध शाही ईदगाह मस्जिद को सील करने की याचिका सिविल कोर्ट ने स्वीकार कर ली है। याचिका में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर से सटी शाही ईदगाह मस्जिद की सुरक्षा बढ़ाए जाने के साथ ही वहाँ आने-जाने पर रोक और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की माँग की गई है। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के लिए 1 जुलाई, 2022 की तारीख तय की है।

बता दें कि मथुरा में कुल 13.37 एकड़ जमीन के मालिकाना हक को लेकर सिविल कोर्ट में पहले से ही एक मामले पर सुनवाई चल रही है। इस जमीन में से 11 एकड़ भूमि कृष्ण जन्मभूमि मंदिर के पास और बाकी शाही ईदगाह के पास है। श्रीकृष्ण जन्म भूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष और कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले वादी महेंद्र प्रताप सिंह ने मथुरा सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में अर्जी लगाते हुए कहा है कि जिस तरह से ज्ञानवापी मस्जिद का मामला सामने आया है, अब कृष्ण जन्म भूमि की जमीन पर बनी ईदगाह के गर्भस्थल को सील किया जाए।

महेंद्र प्रताप सिंह ने अपने इस प्रार्थना पत्र में ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के विवाद का जिक्र करते हुए कहा, “ज्ञानवापी मस्जिद, वाराणसी में जिस प्रकार से हिंदू शिवलिंग के अवशेष मिले हैं उससे स्थिति स्पष्ट हो गई है कि प्रतिवादीगण वहाँ इसी वजह से शुरू से विरोध करते रहे हैं।”

उन्होंने अपनी याचिका में कहा, “यह स्थिति श्रीकृष्ण जन्मभूमि संपत्ति की है, जो असली गर्भगृह है, वहाँ पर सभी हिंदू धार्मिक अवशेष कमल शेषनाग,ऊँ, स्वास्तिक आदि हिंदू धार्मिक चिह्न व अवशेष हैं। इसमें से कुछ को मिटा दिया गया है और कुछ को प्रतिवादीगण मिटाने के प्रयास में हैं। इस स्थिति में अगर हिंदू अवेशेषों को मिटा दिया गया तो कैरेक्टर ऑफ प्रॉपर्टी बदल जाएगा और वाद का उद्देश्य समाप्त जाएगा।”

गौरतलब है कि कि ज्ञानवापी विवादित ढाँचे में सर्वे के दौरान हिन्दू पक्ष ने दावा किया कि ज्ञानवापी के वजूखाना में शिवलिंग मिली है। शिवलिंग के दावे के बाद हिन्दू पक्ष ने कोर्ट में याचिका दी और वजूखाना को सील करने की माँग कि जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने फिलहाल वजूखाना को सील करने का आदेश देते हुए। उसे सील करवाकर CRPF के हवाले करवा दिया है।

बता दें कि कुछ दिनों पहले ही हाईकोर्ट ने श्रीकृष्‍ण जन्‍मभूम‍ि मामले में सुनवाई करते हुए 4 महीने में सभी अर्जियों का निपटारा करने के आदेश दिया था। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने विवादित स्थल का मौका-मुवायना करने की बात भी कही है, जिससे वहाँ की स्थिति स्पष्ट हो सके। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था क‍ि निर्धारित समय के अंदर कृष्ण जन्मभूमि प्रकरण का निस्तारण किया जाए।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भारत में 1300 आइलैंड्स, नए सिंगापुर बनाने की तरफ बढ़ रहा देश… NDTV से इंटरव्यू में बोले PM मोदी – जमीन से जुड़ कर...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आँकड़े गिनाते हुए जिक्र किया कि 2014 के पहले कुछ सौ स्टार्टअप्स थे, आज सवा लाख स्टार्टअप्स हैं, 100 यूनिकॉर्न्स हैं। उन्होंने PLFS के डेटा का जिक्र करते हुए कहा कि बेरोजगारी आधी हो गई है, 6-7 साल में 6 करोड़ नई नौकरियाँ सृजित हुई हैं।

कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने ही अध्यक्ष के चेहरे पर पोती स्याही, लिख दिया ‘TMC का एजेंट’: अधीर रंजन चौधरी को फटकार लगाने के बाद...

पश्चिम बंगाल में कॉन्ग्रेस का गठबंधन ममता बनर्जी के धुर विरोधी वामदलों से है। केरल में कॉन्ग्रेस पार्टी इन्हीं वामदलों के साथ लड़ रही है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -