Thursday, April 25, 2024
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सिपाही ने गुटखा खाया लेकिन पैसे नहीं दिए, दुकानदार ने जब 5 रुपए माँगे… तो इतना मारा कि मर गया

थाने में जब राहुल की हालत और गंभीर होने लगी तो सिपाही ने बजाए उसे अस्पताल में भर्ती करने के उसकी चाची को थाने में बुलवाया और राहुल को उन्हें सुपुर्द कर दिया। इसके बाद...

इस हफ्ते की शुरुआत में मथुरा के एक दुकानदार (राहुल बंसल) की मौत के बाद दोषी ठहराए जाने के आरोप में यूपी पुलिस के एक सिपाही को गुरुवार (15 अगस्त) को गिरफ़्तार कर लिया गया।

फ़िरोज़ाबाद पुलिस लाइंस में तैनात कॉन्स्टेबल योगेंद्र चौधरी ने मंगलवार (13 अगस्त) को राहुल बंसल की कथित रूप से पिटाई की थी। यह विवाद गुटखा के लिए 5 रुपए के भुगतान पर खड़ा हुआ था। आगरा के एक अस्पताल में इलाज के दौरान घायल राहुल बंसल व्यक्ति की 24 घंटे बाद मौत हो गई।

कॉन्स्टेबल की गिरफ़्तारी से बंसल परिवार संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कुछ स्थानीय निवासियों के साथ पुलिसकर्मी के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज करने का दबाव बनाने के लिए, राहुल बंसल के शव को सड़क पर रखकर धौली-पियाउ रोड पर जाम लगा दिया।

मृतक के परिवार के सदस्यों ने प्रशासन से पीड़ित के परिजनों को नौकरी के साथ 25 लाख रुपए मुआवज़े की भी माँग की। स्थानीय प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी माँगों के अनुमोदन के लिए उच्च अधिकारियों को भेज दिया जाएगा। गुरुवार को परिवार के सदस्यों से मिलने गए मथुरा के सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंह ने कहा कि प्रशासन उनकी माँगों को पूरा करने की कोशिश करेगा।

दरअसल, मथुरा में एक सिपाही ने गुटखा बेचने वाले दुकानदार को पीट-पीटकर इसलिए अधमरा कर डाला था क्योंकि उसने सिपाही से गुटखे के पैसे माँग लिए थे। 25 वर्षीय राहुल बंसल एक छोटी सी चाय की दुकान चलाता था। ख़बर के अनुसार, फिरोजाबाद में तैनात एक सिपाही ने उस चाय की दुकान से गुटखा लिया, लेकिन उसके पैसे दुकानदार को नहीं दिए। लेकिन, जब राहुल ने गुटखे के पैसे माँगे तो इस पर सिपाही को काफ़ी गुस्सा आ गया। 

सिपाही ने राहुल को पहले तो बड़ी बेरहमी से पीटा और फिर अधमरी हालत में उसे हाइवे थाने में बंद कर दिया। थाने में जब राहुल की हालत और गंभीर होने लगी तो सिपाही ने बजाए उसे अस्पताल में भर्ती करने के उसकी चाची को थाने में बुलवाया और राहुल को उन्हें सुपुर्द कर दिया।

दुकानदार राहुल के इलाज के लिए उसके परिजनों ने कुछ अस्पतालों के चक्कर काटे, लेकिन राहुल की गंभीर हालत को देख कर उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया जाता। काफ़ी परेशानियों का सामना करते हुए परिजनों ने उसे आगरा के नेशनल हॉस्पिटल में भर्ती कराया जहाँ बुधवार (14 अगस्त) की शाम को उसकी मौत हो गई।

राहुल की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने थाना हाईवे पहुँचकर जमकर हंगामा किया और आरोपित सिपाही के ख़िलाफ़ ग़ैर-इरादतन हत्या का मुक़दमा दर्ज कराया। पुलिस अधीक्षक (शहर) अशोक कुमार मीणा ने बताया था कि फ़िरोज़ाबाद में तैनात सिपाही योगेंद्र चौधरी के ख़िलाफ़ ग़ैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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