Tuesday, July 27, 2021
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अकरम, शेरखान सहित करीब 12 लोगों ने सरिया, डंडे से तोड़ी कपड़ा व्यापारी वीरेंद्र की टाँग: दुकान बेचकर चले जाने की देते थे धमकी

"वे कम से कम 12-15 लोग थे, हम दो मिल कर क्या कर लेते। उन्होंने टाँगो, कंधों और उंगली पर मारने के बाद हमारी दुकान से 30-40 हजार रुपए की नकदी भी गल्ले से निकाली। बाद का हमें कुछ भी याद नहीं है क्योंकि हम बेहोश हो गए थे।"

दिल्ली के संगम विहार इलाके से एक दुकानदार पर जानलेवा हमले की घटना सामने आई है। पीड़ित का नाम वीरेंद्र है। 19 सितंबर 2020 को दोपहर 12 बजे के आसपास वीरेंद्र के कपड़े की दुकान में घुस कर उन पर हमला बोला गया। यह हमला उनकी दुकान के पास कपड़े की ही दुकान करने वाले अकरम, शेर खान और आशु समेत 10-12 लोगों ने किया।

इस हमले में वीरेंद्र की टाँग टूट गई, कंधा फ्रैक्चर हो गया और उँगली में भी चोट आई। उनके अलावा हमलावरों ने उनके भाई बृजेश पर भी हमला किया। दोनों फिलहाल एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं। अस्पताल ने उन्हें बताया है कि वीरेंद्र की टाँग में रॉड डाली जाएगी।

एम्स में भर्ती घायल वीरेंद्र का कहना है कि संगम विहार में उनकी कपड़ों की दुकान है और उसी के सामने दूसरी दुकान आशू और अकरम की है। वह लोग कई बार उन्हें दुकान बेचकर वहाँ से जाने की धमकी दे चुके हैं। वीरेंद्र ने ऑपइंडिया को घटना वाले दिन की जानकारी देते हुए बताया कि 19 सितंबर को उन्होंने अपनी दुकान के बाहर से जाते हुए एक कस्टमर को देखा, तो उसे अपनी दुकान में बुला लिया।

इसके बाद जब ग्राहक वहाँ से कपड़े लेकर चले गए, तो सामने वाली अकरम की दुकान से अकरम, आशू और शेरखान उनकी दुकान पर 10-12 लोगों के साथ आ गए और ग्राहक बुलाने के नाम पर मारपीट शुरू की। उनके पास लाठी-डंडे व सरिया था। सबने मिल कर वीरेंद्र पर हमला बोल दिया और कहने लगे ग्राहक बुलाता है।

अस्पताल में भर्ती वीरेंद्र

वीरेंद्र के मुताबिक, उनका घर दुकान से दो किलोमीटर दूर है जबकि अकरम का घर भी दुकान के पास है और उसके कई रिश्तेदार भी वहीं आस पास रहते हैं। ऐसे में दूसरे पक्ष ने इस बात का फायदा उठाया और उन्हें जान से मारने के इरादे से हमला किया। दूसरे माले पर बैठे वीरेंद्र के भाई बृजेश ने जब आवाजें सुनीं, तो वो नीचे बचाने आया, मगर उसे भी हमलावरों ने सरिया मार दिया।

वीरेंद्र कहते हैं, “वे कम से कम 12-15 लोग थे, हम दो मिल कर क्या कर लेते। उन्होंने टाँगो, कंधों और उंगली पर मारने के बाद हमारी दुकान से 30-40 हजार रुपए की नकदी भी गल्ले से निकाली। बाद का हमें कुछ भी याद नहीं है क्योंकि हम बेहोश हो गए थे।” वह कहते हैं कि जिन लोगों ने उन पर हमला किया उनमें से वह सिर्फ़ अकरम आशू और शेरखान को पहचानते हैं। मगर, यदि बाकी सबको सामने लेकर आया जाए, तो वह सबको पहचान लेंगे।

वीरेंद्र के भाई बृजेश भी पूरी घटना पर अपनी शिकायत में लिखते हैं कि जब हमला हुआ वह दूसरे माले पर ग्राहक को कपड़े दिखा रहे थे, तभी उन्हें चिल्लाने की आवाज आई। उन्होंने जाकर देखा तो दूसरी दुकान के लोग उनके भाई को मार रहे थे। उन्होंने बीच में जब रोकना चाहा तो उन पर भी हमला हुआ। शेरखान ने उन्हें सरिया मारी और अकरम ने हाथ-पैर में मारा। इसके अलावा आशू ने भी उनपे हमला किया। अब वह इस मामले पर सिर्फ़ कानूनी कार्रवाई चाहते हैं। उनका कहना है कि अगर उस दिन उन्हें बीट वाले नहीं बचाते तो वह सब मिलकर उन दोनों भाइयों को मार डालते।

घटना के 2 दिन बाद शिकायत दर्ज

हमले में घायल वीरेंद्र की एम्स में भर्ती होने के बाद एक वीडियो सामने आई थी। वीडियो में उन्हें यह कहते सुना गया था कि पूरा मामला 19 सितंबर का है लेकिन कोई कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है। कोई उनका बयान लेने भी नहीं आया है। हालाँकि जब ऑपइंडिया ने उनको संपर्क किया तब पुलिस वहाँ पहुँच चुकी थी और उनका बयान दर्ज हो रहा था।

एफआईआर में बयान

शिकायत में कल ही इस मामले में एफआईआर की गई है। पुलिस ने पूरे मामले को धारा 323, 341 और 34 दर्ज किया है। यह एफआईआर वीरेंद्र के भाई बृजेश की शिकायत उपर्युक्त बयान पे हुई है। मामले में एक्शन को लेकर ऑपइंडिया ने संगम विहार थाने में संपर्क करने का प्रयास किया था, लेकिन बात नहीं हो पाई।

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