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सिख युवक के साथ शादी के लिए भाग गई थी मुस्लिम महिला, इसलिए ग्रंथी का गला काटने आए; केश काट छोड़ दियाः रिपोर्ट

"मुस्लिम महिला को पुलिस ने बरामद भी किया था। वह सिख व्यक्ति के साथ जाना चाहती थी। लेकिन जुम्मा उसे जबरन घर ले आया। इसके बाद से वह सिख परिवार खतरे में जी रहा है।"

पिछले दिनों राजस्थान के अलवर में गुरुद्वारे के एक ग्रंथी पर हमले की घटना सामने आई थी। अब यह बात सामने आई है कि एक सिख युवक के साथ शादी करने के लिए मुस्लिम लड़की के भाग जाने की घटना का बदला लेने के लिए इसे अंजाम दिया गया। पीड़ित ग्रंथी ने बताया था कि हमलावर फोन पर किसी ‘जुम्मा’ से निर्देश ले रहे थे। अंदेशा जताया जा रहा है कि यह व्यक्ति जुम्मा खान हो सकता है जो अलवाड़ा का सरपंच है।

स्वराज्य की रिपोर्ट के मुताबिक गुरुबख्श सिंह पर हमला करने वाले मुस्लिम बताए जा रहे हैं। अलवाड़ा गाँव के एक व्यक्ति ने स्वराज्य को फोन पर बताया कि अप्रैल में सिख समुदाय के एक व्यक्ति के साथ शादी करने के लिए एक मुस्लिम महिला भाग गई थी। दोनों वयस्क हैं और उनका अफेयर चल रहा था।

रिपोर्ट में कहा गया है, “मेव ने इसे अपने समुदाय के अपमान के तौर पर देखा। विरोध में प्रदर्शन हुआ। इसके बाद जुम्मा ने मामले में हस्तक्षेप कर पुलिस पर दबाव बनाया। पुलिस ने महिला को बरामद कर लिया। जुम्मा उसे जबरन घर ले आया, जबकि वह सिख व्यक्ति के साथ जाना चाहती थी। उसके बाद से ही वह सिख परिवार खतरे में जी रहा है। वे ज्यादा बाहर नहीं जा रहे।”

सूत्र ने मीडिया पोर्टल को बताया कि जुम्मा खान अलवाड़ा का सरपंच है। यहाँ पर सिखों के 400 वोट हैं, जबकि मुस्लिमों के 1500 वोट हैं। बता दें कि अलवर में मेव जाति के अधिकतर लोग धर्मांतरित हो मुस्लिम बन चुके हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई ने अलवर के पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम के हवाले से कहा है कि ऐसा लगता है कि सिंह को कथित प्रेम संबंधों को लेकर अलवाड़ा गाँव में सिखों और मेव मुस्लिमों के बीच पुरानी दुश्मनी के कारण निशाना बनाया गया था।

उल्लेखनीय है कि 21 जुलाई की शाम गुरुबख्श सिंह दवाएँ खरीदने अलवाड़ा गए थे। जब वे लौट रहे थे तो एक व्यक्ति ने उन्हें रुकने का इशारा करते हुए कहा कि एक सिख घायल पड़ा है। जैसे ही सिंह ने अपनी मोटरसाइकिल रोकी, उस व्यक्ति ने चार अन्य लोगों के साथ मिलकर उनकी गर्दन पकड़ उन्हें अपनी तरफ खींच लिया। उनमें से दो के पास चाकू था। उन्होंने उनकी आँखों में मिर्च पाउडर डाला और पट्टी बाँध दी।

गुरबख्श सिंह ने बताया था, “वे लोग मेरी गर्दन काटने की बात कर रहे थे। मैंने घबराकर कहा कि मुझे क्यों मार रहे हो? मैं तो गुरुद्वारे का पुजारी हूँ। तब उन्होंने किसी जुम्मा नाम के व्यक्ति को फोन किया। उसे बताया कि ये तो गुरुद्वारा का पुजारी है।” सिंह के अनुसार जुम्मा से बात होने के बाद हमलावरों ने आपस में बात करते हुए कहा कि गुरुद्वारे का आदमी है तो इसके केश ही काट दो। वही बहुत है।

मामले में रामगढ़ थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 341, 307, 153 ए और 295A के तहत मामला दर्ज किया गया था। दैनिक जागरण के रिपोर्ट के अनुसार अब तक 22 लोग हिरासत में लिए गए हैं। हालाँकि किसी की भी गिरफ्तार नहीं हुई है।

वहीं रामगढ़ के प्रधान नसरू खान का कहना है कि गुरबख्श के साथ हुई घटना से मुस्लिम समाज कलंकित हुआ है। ऐसा कृत्य करने के वाले असामाजिक तत्व हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज ने तय किया है कि यदि आरोपित मुस्लिम निकले तो उनको बिरादरी से बाहर कर दिया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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