Homeदेश-समाजUP में भीषण गर्मी में दिमाग की नस फटने के कारण बस यात्री की...

UP में भीषण गर्मी में दिमाग की नस फटने के कारण बस यात्री की मौत

नदरई के पास बस में उनकी हालत बिगड़ गई और बस परिचालक ने उन्हें नदरई चौकी के पास उतार दिया। इसके बाद शिवराज बेहोश हो गए। मृतक शिवराज के बेटे ने पुलिस को सूचना दी।

कासगंज में भीषण गर्मी अब जानलेवा साबित हो रही है। शुक्रवार (मई 31, 2019) दोपहर को गर्मी के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई। वो बस में सवार होकर एटा से कासगंज आ रहे थे। चिकित्सक ने मौत की वजह गर्मी के कारण दिमाग की नस फटना बताया है।

ये घटना गाँव जनियापुर की है, जहाँ 55 साल के शिवराज (कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में मृतक का नाम सोबरन भी बताया जा रहा है) अपने 8 साल के बेटे मंगल के साथ कासगंज जा रहे थे। नदरई के पास बस में उनकी हालत बिगड़ गई और बस परिचालक ने उन्हें नदरई चौकी के पास उतार दिया। इसके बाद शिवराज बेहोश हो गए। मृतक शिवराज के बेटे ने पुलिस को सूचना दी। इस पर चौकी इंचार्ज अवनीश कुमार बेहोश शिवराज को जिला अस्पताल लेकर गए, जहाँ डॉक्टरोंं ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर लव कुमार ने बताया कि गर्मी के कारण दिमाग की नस फटने से उनकी मौत हुई है।

मृतक शिवराज के परिवार में सिर्फ उनका 8 वर्षीय बेटा मंगल रह गया है, उसके अलावा और कोई नहीं है। दोपहर बाद रिश्तेदार उनका शव ले गए। पूरे उत्तर भारत के साथ ही कासगंज समेत पूरे ब्रज में प्रचंड गर्मी का प्रकोप है। दोपहर के समय आसमान से आग बरस रही है और लू के थपड़े चल रहे हैं। शुक्रवार दोपहर को अधिकतम तापमान 43 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया।

कैसे करें बचाव

गर्मी में खूब पानी पिएँ, तरल पदार्थों का सेवन करें। बहुत जरूरी न हो तो सुबह 10 से शाम चार बजे तक बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर निकलना जरूरी हो तो सिर पर अंगोछा डाल लें और सूती कपड़े पहनें।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -