अमिताभ, सहवाग, रिलायंस खड़ा हुआ जवानों के परिवार के साथ, करेंगे हर संभव मदद

सूरत के एक व्यापारी ने शहीदों के लिए अपनी बेटी का रिसेप्शन रद्द कर दिया। इसके बदले उन्होंने सेवा संस्थाओं को ₹5 लाख और शहीदों को परिवार को संयुक्त रुप से ₹11 लाख रुपए दान करने का निर्णय लिया है।

पुलवामा आतंकी हमले के बाद सिर्फ़ सेना ने अपने 42 जवानों को नहीं खोया है बल्कि 42 परिवारों में किसी ने अपना पिता, किसी ने अपना बेटा, किसी ने भाई को खोया है। शायद सेना एक बार को भर्ती निकाल कर 42 जवानों के रिक्त स्थान को भर दे। लेकिन, उन परिवारों के लिए भरपाई कैसी होगी, जिनके घर में कमाई का एक मात्र स्त्रोत वही पिता, पति, भाई या बेटा था।

किसी जवान के घर में उसकी बेटी-बहन को पैसे न होने के कारण स्कूल न छोड़ना पड़े या किसी के घर में आर्थिक तंगी के कारण चूल्हा न जले, इसलिए सितारों से लेकर आम जन तक अपनी क्षमता के अनुसार इन परिवारों की मदद कर रहे हैं। इसमें हाल में अमिताभ बच्चन, सहवाग, रिलायंस फाउंडेशन का भी नाम आया है।

अमिताभ बच्चन ने घोषणा की है कि पुलवामा में बलिदान हुए जवानों के परिवार वालों को ₹5 लाख देंगे। कुल मिलाकर यह रकम ₹2.45 करोड़ बनेगी। जागरण में छपी रिपोर्ट के अनुसार ख़बर है कि अमिताभ की टीम इस वक्त भारत सरकार के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं, जिससे जल्द से जल्द ये मदद परिवारों तक पहुँचाई जा सके।

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बता दें कि अमिताभ इससे पहले भी शहीदों के 44 परिवार वालों को ₹2.25 करोड़ की मदद कर चुके हैं।

इसके अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेटर सहवाग ने पुलवामा आतंकवादी हमले में शिकार हुए सीआरपीएफ के जवानों के बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने का जिम्मा लिया है। सहवाग ने ट्वीट पर लिखा, “हम शहीदों के लिए कुछ भी करें तो वह काफी नहीं होगा, लेकिन पुलवामा में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों के बच्चों की पढ़ाई का झज्जर स्थित सहवाग स्कूल में मैं पूरा खर्च उठाने का प्रस्ताव देता हूँ।”

स्टार मुक्केबाज़ विजेन्द्र सिंह ने भी अपने एक महीने के वेतन को शहीदों के परिवार वालों के लिए दान किया है। विजेंद्र इस समय हरियाणा पुलिस में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा, “मैं एक महीने का वेतन पुलवामा आतंकवादी हमले में शहीद हुए जवानों के लिए दान कर रहा हूँ और चाहता हूँ कि हर कोई उनके परिवारों की मदद के लिए आगे आए।”

रिलायंस फाउंडेशन ने शनिवार को यानी आज (फरवरी 16, 2019) प्रेस रिलीज के ज़रिए इस बात की घोषणा की है कि वो वीरगति को प्राप्त हुए सभी जवानों के बच्चों की शिक्षा और रोज़गार की स्वयं जिम्मेदारी लेता है। साथ ही इस रिलीज में अपने अस्पताल में घायल हुए जवानों को अच्छे से अच्छा इलाज देने की भी बात बोली है।

इसके अलावा बड़े नामी सितारों को छोड़कर सूरत के सेठ देवशी माणेक (हीरा व्यापारी) ने भी जवानों के परिवार वालों के लिए ऐसा काम किया है, जिसकी जितनी सराहना की जाए उतनी कम है। इस व्यापारी ने शहीदों के लिए अपनी बेटी का रिसेप्शन रद्द कर दिया। इसके बदले उन्होंने सेवा संस्थाओं को ₹5 लाख और शहीदों को परिवार को संयुक्त रुप से ₹11 लाख रुपए दान करने का निर्णय लिया है।

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