Thursday, June 30, 2022
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‘अंबेडकर’ पर जला आंध्र प्रदेश का अमलापुरम, मंत्री-विधायक के घर फूँके: पुलिस पर पथराव, MLA ने बताया- वे बोतलों में पेट्रोल लेकर आए थे

‘‘यह बहुत ही भयावह था। 1000 से 1500 लोगों की भीड़ ने आकर हमारे घर को जला दिया। वे बोतलों में पेट्रोल लेकर आए हुए थे। यह स्पष्ट रूप से संकेत देता है कि उन्होंने यह सब जानबूझकर किया।"

आंध्र प्रदेश के कोनासीमा जिले का नाम बदलने के विरोध में मंगलवार (24 मई 2022) को अमलापुरम में हिंसक प्रदर्शन हुआ। उग्र भीड़ ने राज्य के परिवहन मंत्री पी विश्वरूपा और मुम्मिडीवरम के विधायक पी सतीश के घर को आग के हवाले कर दिया। पुलिस पर पथराव किया गया। वाहनों को आग लगा दी गई। रिपोर्टों के अनुसार उग्र भीड़ जिले का नाम बीआर अंबेडकर कोनासीमा करने का विरोध कर रही थी।

राज्य की सत्ताधारी पार्टी वाईएसआर कॉन्ग्रेस ने इस हिंसा के लिए असामाजिक तत्वों को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं विपक्षी दलों ने जगनमोहन रेड्डी सरकार पर स्थिति को नियंत्रित करने में नाकाम रहने के आरोप लगाया है। राज्य के प्रमुख विपक्षी दलों तेलुगु देशम पार्टी, भाजपा, जन सेना और कॉन्ग्रेस ने अमलापुरम में स्थिति को काबू करने में नाकाम रही सरकार पर निशाना साधा है। तेलुगु देशम के प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने एक बयान में कहा, ‘‘कोनासीमा में आगजनी दुर्भाग्यपूर्ण है जिसे शांति के लिए जाना जाता है। गृह मंत्री ने एक नाजुक मुद्दे पर निराधार आरोप लगाए। यह पूरी तरह से सरकार और पुलिस की विफलता है।’’

वहीं, राज्य की गृह मंत्री टी वनिता ने कहा कि भीड़ द्वारा किए गए पथराव में करीब 20 पुलिसकर्मी घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने एक स्कूल बस को आग के हवाले कर दिया। इसको देखते हुए अमलापुरम में धारा 144 लगा दी गई है। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भेजे गए हैं। एलुरु रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक जी पाला राजू ने कहा है कि पुलिस अमलापुरम में स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बताया कि घायल पुलिसकर्मी खतरे से बाहर हैं।

अमलापुरम में 24 मई को हुई आगजनी के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। विधायक पी सतीश ने बताया, ‘‘यह बहुत ही भयावह था। 1000 से 1500 लोगों की भीड़ ने आकर हमारे घर को जला दिया। वे बोतलों में पेट्रोल लेकर आए हुए थे। यह स्पष्ट रूप से संकेत देता है कि उन्होंने यह सब जानबूझकर किया।”

गौरतलब है कि जगन सरकार ने 2019 विधानसभा चुनावों के दौरान नए जिलों का वादा किया था। बीते अप्रैल सरकार ने 13 नए जिलों के गठन की घोषणा की थी, जिसके बाद राज्य में जिलों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। इसी घोषणा के तहत पूर्वी गोदावरी जिले से अलग कोनासीमा का गठन किया था। बीते दिनों इसका नाम बदलकर बीआर अंबेडकर कोनासीमा कर दिया गया। इसको लेकर स्थानीय लोग आपत्ति जता रहे हैं। उनका कहना है कि जिले का नाम नहीं बदला जाना चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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