Tuesday, April 16, 2024
Homeदेश-समाजUP: PFI के फरार 4 सदस्यों के घरों पर कुर्की नोटिस चस्पा, CAA विरोध...

UP: PFI के फरार 4 सदस्यों के घरों पर कुर्की नोटिस चस्पा, CAA विरोध प्रदर्शनों में थे शामिल

25 सितंबर तक आरोपितों के अदालत में हाजिर नहीं होने पर कार्रवाई होगी। पुलिस अदालत से आदेश प्राप्त करके कुर्की की कार्रवाई कर सकती है। पुलिस का कहना है कि फरार चल रहे चारों आरोपितों के पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) से जुड़े होने की भी बात सामने आई है।

उत्तर प्रदेश के कैराना में पुलिस ने सोमवार (अगस्त 31, 2020) को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के 4 सदस्यों के घरों पर पिछले साल दिसंबर माह में आयोजित नागरिकता कानून विरोध प्रदर्शनों के सम्बन्ध में संपत्ति का कुर्की नोटिस चस्पा किया है। PFI के ये सदस्य करीब 8 माह पूर्व सीएए के विरोध में उत्तर प्रदेश स्थित ईदगाह के मैदान में धरना प्रदर्शन करने के मामले में फरार चल रहे हैं।

25 सितंबर तक आरोपितों के अदालत में हाजिर नहीं होने पर कार्रवाई होगी। पुलिस अदालत से आदेश प्राप्त करके कुर्की की कार्रवाई कर सकती है। पुलिस का कहना है कि फरार चल रहे चारों आरोपितों के पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) से जुड़े होने की भी बात सामने आई है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकारियों ने कहा कि पीएफआई के सभी चार सदस्य – डॉ गुफरान, डॉ मुनव्वर, अहमद और कारी अब्दुल वाजिद फरार हैं। कैराना पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस के अधिकारी प्रेमवीर राणा ने कहा कि एक स्थानीय अदालत ने सीआरपीसी की धारा 82 (व्यक्ति के फरार होने की संपत्ति की कुर्की) के तहत नोटिस जारी किए हैं और आरोपितों को 25 सितंबर को उसके सामने पेश होने का निर्देश दिया है।

ज्ञात हो कि ये पीएफआई सदस्य उन 18 लोगों में शामिल हैं, जिनके खिलाफ पिछले साल 20 दिसंबर को शामली जिले के कैराना शहर में नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ धरने और हिंसक प्रदर्शनों के मामले में केस दर्ज किया गया था। इनमें से 14 लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जबकि 4 पीएफआई के सदस्य फरार हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कोतवाली प्रभारी प्रेमवीर राणा ने बताया कि दिसंबर 20, 2019 को नागरिकता कानून के विरोध में भीड़ ने ईदगाह के मैदान में इकट्ठा होकर धरना-प्रदर्शन व नारेबाजी की थी। मामले में पुलिस ने तीन नामजद व 700 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। तीन नामजद आरोपितों के अलावा वीडियोग्राफी व बयानों के आधार पर 15 अन्य आरोपियों के नाम भी प्रकाश में आए थे।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मोदी की गारंटी’ भी होगी पूरी: 2014 और 2019 में किए इन 10 बड़े वादों को मोदी सरकार ने किया पूरा, पढ़ें- क्यों जनता...

राम मंदिर के निर्माण और अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से लेकर नागरिकता संशोधन अधिनियम को अधिसूचित करने तक, भाजपा सरकार को विपक्ष के लगातार कीचड़ उछालने के कारण पथरीली राह पर चलना पड़ा।

‘वित्त मंत्री रहते RBI पर दबाव बनाते थे P चिदंबरम, सरकार के लिए माहौल बनाने को कहते थे’: बैंक के पूर्व गवर्नर ने खोली...

आरबीआई के पूर्व गवर्नर पी सुब्बाराव का दावा है कि यूपीए सरकारों में वित्त मंत्री रहे प्रणब मुखर्जी और पी चिदंबरम रिजर्व बैंक पर दबाव डालते थे कि वो सरकार के पक्ष में माहौल बनाने वाले आँकड़ें जारी करे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe