Friday, July 30, 2021
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एंटीलिया का गुनाह छिपाने के लिए 2 और लोगों की हत्या की योजना बना रहा था सचिन वाजे: NIA सूत्रों के हवाले से दावा

मनसुख हिरेन की हत्या ईको कार में किए जाने का संदेह है। उसकी लाश मिलने से पहले ईको के साथ एक और कार दिखाई दी थी। माना जा रहा है कि यह कार वाजे ही चला रहा था।

एंटीलिया केस में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। एनआईए सूत्रों के अनुसार मुंबई पुलिस का निलंबित अधिकारी सचिन वाजे दो और लोगों की हत्या की योजना बना रहा था। उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित घर एंटीलिया के बाहर​ विस्फोटक लदी कार रखने के इस मामले की जाँच NIA ही कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, वाजे ने एक एनकाउंटर की प्लानिंग की गई थी, ताकि यह बताया जाए कि एनकाउंटर में मारे गए लोगों ने ही एंटीलिया के बाहर जिलेटिन वाली स्कॉर्पियो खड़ी की थी। पूरे प्लान को अंजाम देने के लिए 2 लोगों की पहचान हुई थी, जिनके एनकाउंटर होते ही इन्वेस्टिगेशन का पूरा केस वहीं खत्म हो जाता। लेकिन जिलेटिन की वजह से जब इस केस में टेरर एंगल आया और एटीएस के बाद NIA ने जाँच का काम सँभाला तो वाजे की सारी प्लानिंग फेल होती गई।

बता दें कि पिछले दिनों वाजे के घर में एक अज्ञात व्यक्ति का पासपोर्ट मिला था। सूत्रों के मुताबिक वाजे ने पासपोर्ट होल्डर के साथ ही एक अन्य शख्स को भी मारने का प्लान बनाया था। जाँच में सचिन वाजे के पास से NIA को कई लाख कैश, बेनामी कारतूस और बैंक खाते में जमा डेढ़ लाख रुपए मिले हैं। एजेंसी को शक है कि इस केस में मनसुख हिरेन भी साथ था। इसी वजह से उसकी जान गई।

ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरेन की मौत के मामले की जाँच कर रहे अधिकारियों को संदेह है कि पिछले साल नवंबर में औरंगाबाद से चोरी हुई मारुति ईको कार में उसकी हत्या की गई होगी। हिरेन की कथित हत्या मामले में महाराष्ट्र एटीएस के एक अधिकारी ने कहा कि ठाणे जिले में हिरेन का शव मिलने से एक दिन पहले चार मार्च को ईको कार एक अन्य कार के साथ दिखाई दी थी। संदेह है कि वह कार वाजे चला रहा था।

हिरेन उस स्कॉर्पियो कार का मालिक था, जिसमें 25 फरवरी को मुकेश अंबानी के घर के निकट विस्फोटक सामग्री रखी मिली थी। अंबानी की सुरक्षा में सेंध और हिरेन की हत्या के मामले की जाँच फिलहाल राष्ट्रीय जाँच एजेंसी कर रही है, जिसने इस सिलसिले में 13 अप्रैल को वाजे को गिरफ्तार किया था।

संदेह है कि ईको कार 16 नवंबर को औरंगाबाद शहर के सिटी चौक इलाके से चोरी की गई और फिर हिरेन की हत्या में उसका इस्तेमाल किया गया। जाँचकर्ताओं को संदेह है कि हिरेन की हत्या की साजिश पिछले साल नवंबर में रची गई थी। एटीएस अधिकारी ने कहा कि 4 मार्च को ईको कार में कम से कम दो लोगों के होने के बारे में पता चला है। अधिकारी ने कहा है कि संदेह है कि आरोपितों ने हिरेन को उस वाहन में बिठाए रखा और बाद में उसकी हत्या कर दी।

उन्होंने कहा कि ईको कार का पता चलना अभी बाकी है। हो सकता है कि आरोपितों ने सबूत मिटाने के लिए उसको नष्ट कर दिया हो। पुलिस उन गैरेज में ईको कार की तलाश कर रही है, जहाँ वाहनों को नष्ट किया जाता है। एनआईए को जाँच के दौरान मुंबई में मीठी नदी से ईको कार के नंबर प्लेट के अलावा कुछ इलेक्ट्रॉनिक सामान और एक लैपटॉप मिला था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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