Thursday, May 30, 2024
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दलित से शादी पर कम्युनिस्ट बाप ने छीना बेटी का बच्चा, अब केरल के मंत्री ने की आपत्तिजनक टिप्पणी: कपल ने दर्ज कराई शिकायत

CPI(M) के मंत्री ने कहा था, “एक व्यक्ति जो शादीशुदा है, उसके दो या तीन बच्चे हैं, उसे अपने दोस्त की पत्नी से फिर से प्यार हो जाता है, और फिर वह दूसरी जवान लड़की के प्यार में पड़ जाता है।"

केरल के कपल अनुपमा और अजीत ने केरल के मत्स्य मंत्री साजी चेरियन के खिलाफ  तिरुवनंतपुरम के पेरुर्कडा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने यह शिकायत अजीत के बारे में ‘आपत्तिजनक’ टिप्पणी को लेकर करवाई है। मंत्री ने पिछले दिनों टिप्पणी करते हुुए कहा था कि अजीत के ‘कई अफेयर्स’ हैं।

केरल विश्वविद्यालय परिसर में शुक्रवार (29 अक्टूबर 2021) को केरल विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एक समारोह में मंत्री ने दावा किया था, “एक व्यक्ति जो शादीशुदा है, उसके दो या तीन बच्चे हैं, उसे अपने दोस्त की पत्नी से फिर से प्यार हो जाता है, और फिर वह दूसरी जवान लड़की के प्यार में पड़ जाता है। उस लड़की के साथ एक बच्चा मिलता है और लड़की के पिता जेल जाते हैं। मैं किसी की आलोचना नहीं करना चाहता। हम इस तर्क के खिलाफ नहीं हैं कि लड़की को अपना बच्चा वापस मिल जाना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “लेकिन हमें उस पिता के बारे में भी सोचना चाहिए। मेरे तीन बच्चे हैं, इसलिए मैं ऐसा कहता हूँ। उसे (अनुपमा) शिक्षा दी गई थी और वह (अपने लक्ष्य से) अलग हो गई थी। उसके माता-पिता ने उसके भविष्य के बारे में कितना सपना देखा होगा और वह कहाँ चली गई? वह एक ऐसे व्यक्ति के साथ गई जो उसकी दोगुनी उम्र का है। साथ ही वह दो बार विवाहित है।”

TNM से बात करते हुए, अनुपमा ने कहा कि उन्होंने शिकायत दर्ज करने का फैसला किया क्योंकि इस तरह का बयान राज्य के एक मंत्री का था। उन्होंने कहा, “इससे पहले भी कई लोग इस तरह की अफवाहें फैला रहे थे, लेकिन हमें परवाह नहीं थी। लेकिन जब एक मंत्री इस तरह की बातें करते हैं तो मामला गंभीर हो जाता है।” अनुपमा ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में कहा, “मंत्री ने जो किया वह चरित्र हनन था। मुझे किसके साथ रहना चाहिए, यह चुनने का अधिकार मेरा है।”

उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री ने जो कुछ भी कहा वह झूठा था। अनुपमा मंत्री के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “अजीत की कोई संतान नहीं है। मुझसे मिलने से पहले उसकी दो बार शादी नहीं हुई थी। मेरे साथ यह उसकी दूसरी शादी है। साथ ही उसने अपने दोस्त की पत्नी से शादी नहीं की, महिला पहले ही अपने पति से अलग हो चुकी थी।” इसके अलावा कपल श्रीकार्यम पुलिस स्टेशन में भी शिकायत दर्ज कराएँगे, क्योंकि मंत्री ने इस पुलिस थाने की सीमा के अंतर्गत आने वाले कार्यावट्टम परिसर में विवादास्पद टिप्पणी की थी।

गौरतलब है कि अनुपमा और अजीत अपने बच्चे को वापस पाने के लिए अदालती लड़ाई लड़ रहे हैं। अनुपमा के पिता और कम्युनिस्ट नेता जयचंद्रन पर 3 दिन के मासूम को उसकी माँ से अलग कर किसी और को सौंपने का आरोप है।  22 वर्षीय स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया की कार्यकर्ता अनुपमा को पार्टी के युवा विंग के नेता अजीत से प्यार हो गया था, जो एक दलित ईसाई है, वो पहले से शादीशुदा था। 

उसके माता-पिता अपनी बेटी की शादी से खुश नहीं थे। अनुपमा अप्रैल से दर-दर भटकती रही। स्थानीय पुलिस, राज्य पुलिस प्रमुख, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और बाल कल्याण समिति से संपर्क किया, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। मीडिया ने जब इस मुद्दे को उजागर किया, तब एफआईआर दर्ज किया गया। जयचंद्रन की तरफ से बाद में कहा गया कि अनुपमा मानसिक तौर पर अस्थिर है, इसलिए उसकी सहमति से बच्चे को गोद दिया गया, क्योंकि वो बच्चा पालने की हालत में नहीं थीं। हालाँकि अनुपमा ने इसे खारिज कर दिया। अब 1 नवंबर को तिरुवनंतपुरम जिला अदालत मामले पर सुनवाई होनी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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