Friday, August 12, 2022
Homeदेश-समाजमहाराष्ट्र में एक और संत पर हमला, आश्रम में घुसकर 7-8 लोगों ने प्रियशरण...

महाराष्ट्र में एक और संत पर हमला, आश्रम में घुसकर 7-8 लोगों ने प्रियशरण महाराज को मारा चाकू

7-8 अज्ञात हमलावर आश्रम में घुसे और एक महिला से महाराज का पता पूछा। हमलावरों ने महाराज प्रियशरण के साथ मारपीट की और उनके कंधे पर चाकू से हमला किया। उन्होंने संत प्रियशरण को जान से मारने की भी धमकी दी।

महाराष्ट्र में साधू संतों पर हमले की घटनाएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। पिछले दिनों ही महाराष्ट्र के पालघर में हुई संतों की हत्या मामले में अभी ढंग से इंसाफ मिला भी नहीं है कि औरंगाबाद से एक और संत पर हमले की घटना सामने आ गई है। 

खबर है कि इस बार संत प्रियशरण महाराज पर जिले के चौक परिसर के लाडसावंगी मार्ग पर स्थित उनके आश्रम में घुसकर हमला किया गया। हमलावर 7-8 की तादाद में थे। इन्होंने आश्रम में घुसने के लिए पहले उसकी कड़ी तोड़ी और फिर संत से मारपीट करके उनके कंधे पर चाकू से वार भी किया। हैरानी की बात यह है कि यह लोग कोई चोर नहीं थे। ये सिर्फ संत को मारने व धमकाने के लिहाज से आए थे। उन्होंने संत प्रियशरण महाराज को जान से मारने की धमकियाँ भी दी।

बता दें कि, पूरी घटना बुधवार (नवंबर 11,  2020)  की है। फुलबारी पुलिस अब जाँच करने में जुटी है कि आखिर ये लोग कौन थे? अभी तक पुलिस को मारपीट का कारण पता नहीं चल सका है या पुलिस यह पता लगाने में भी असमर्थ है कि महाराज से उपद्रवियों की आखिर क्या दुश्मनी थी। चौका क्षेत्र में सताल शिवारा में राधे गोविंद सेवा मिशन नामक एक आश्रम है। राधा गोविंद सेवा आश्रम में बड़ी संख्या में भक्त आते हैं।

स्ट्रेचर पर संत को अस्पताल ले जाते हुए

पुलिस के मुताबिक, प्रियशरण महाराज राजस्थान के मूल निवासी हैं। उन्होंने पिछले कुछ सालों से क्षेत्र में एक आश्रम शुरू किया और अब वह वहाँ एक गो-सेवा आश्रम भी चलाते हैं। उनके आश्रम में कई सेवक-सेविकाएँ हैं। इसके अलावा पास में ही एक खेत भी है जहाँ महाराज के अनुयायी रहते हैं। 

घटना वाले दिन जब हमलावर आश्रम में घुसे तो उन्होंने पहले एक महिला को धमकाया। इसके बाद उससे महाराज का पता पूछा और फिर उनके साथ मारपीट की। इस दौरान महाराज और हमलावरों में हाथापाई भी हुई जिससे वह घायल हो गए। हमलावरों ने प्रियशरण महाराज के कंधे पर चाकू से हमला किया। महाराज को बाद में निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

मले में घायल संत प्रिय शरण महाराज (चित्र साभार: mbs.news)

याद दिला दें कि इससे पहले महाराष्ट्र के पालघर में 16 अप्रैल को गड़चिनचले गाँव में तकरीबन 200 लोगों की भीड़ द्वारा तीन लोगों को कथित तौर पर चोर समझकर मौत के घाट उतार दिया गया था, जिनमें दो साधू और एक उनका ड्राइवर शामिल था।

यह पूरी घटना वहाँ मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों के सामने हुई थी। इसके बाद साधुओं को अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। जूना अखाड़े के दो साधु महंत सुशील गिरी महाराज (35), महंत चिकने महाराज कल्पवृक्ष गिरी (65) अपने ड्राइवर निलेश तेलगडे (30) के साथ मुंबई से गुजरात के सूरत में अपने साथी के अंतिम संस्कार के लिए जा रहे थे। उन्होंने वैन किराए पर ली थी। कोरोना वायरस के दौरान जारी लॉकडाउन के बीच वे 120 किलोमीटर का सफर तय कर चुके थे।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘द सैटेनिक वर्सेज’ के लेखक सलमान रुश्दी पर जुमे के दिन चाकू से हमला, न्यूयॉर्क में हुई वारदात

'द सैटेनिक वर्सेज' के लेखक उपन्यासकार सलमान रुश्दी को न्यूयॉर्क में भाषण देने से पहले पर चाकू से हमला किया गया है।

‘मानसखण्ड मंदिर माला मिशन’ के जरिए प्राचीन मंदिरों को आपस में जोड़ेंगे CM धामी, माँ वाराही देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर बगवाल में हुए...

सीएम धामी ने कुमाऊँ के प्राचीन मंदिरों को भव्य बनाने और उन्हें आपस में जोड़ने के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन की शुरुआत की।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
213,239FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe