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कलकत्ता खिलाफत समिति ने ममता सरकार से माँगी ईद-उल-फितर नमाज की अनुमति, जुटती है 2 लाख से अधिक की भीड़

''हमने पहले ही पिछले सप्ताह पूर्वी कमान को एक पत्र भेजा है। हम राज्य सरकार से अनुमति मिलने का इंतजार कर रहे हैं। अगर राज्य सरकार अनुमति देती है, तो कारी फजलुर रहमान कोविड-19 प्रोटोकॉल को बनाए रखते हुए रेड रोड पर नमाज का नेतृत्व करेंगे।''

कोलकाता में हर साल ईद-उल-फितर नमाज की व्यवस्था करने के लिए जिम्मेदार कलकत्ता खिलाफत समिति (CKC) को हर बार की तरह इस बार भी रेड रोड पर नमाज के संचालन के लिए राज्य सरकार की अनुमति का इंतजार है। इस अवसर पर हर साल दो लाख से अधिक की भीड़ जमा होती है।

मिलेनियम पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, CKC के एक सदस्य मल्लिक मोहम्मद इशाक ने कहा, ”हमने पहले ही पिछले सप्ताह पूर्वी कमान को एक पत्र भेजा है। हम राज्य सरकार से अनुमति मिलने का इंतजार कर रहे हैं। अगर राज्य सरकार अनुमति देती है, तो कारी फजलुर रहमान कोविड-19 प्रोटोकॉल को बनाए रखते हुए रेड रोड पर नमाज का नेतृत्व करेंगे।”

कोविड -19 महामारी की वजह से लगाए गए लॉकडाउन के कारण पिछले साल खुला प्रार्थना सत्र आयोजित करने की अनुमति से इनकार कर दिया गया था। रेड रोड पर इकट्ठा होने वाली सभा को ईद-उल-फितर के अवसर पर विशेष नमाज के लिए देश में होने वाली सबसे बड़ी सभा कहा जाता है। सीकेसी 1920 से ही शहीद मीनार मैदान में प्रार्थना का आयोजन कर रहा है लेकिन 26 साल पहले इसे रेड रोड पर स्थानांतरित कर दिया गया था।

ईद-उल-फितर को 13 मई या 14 मई को चंद्र दर्शन के आधार पर मनाया जाएगा।

कोरोनावायरस की दूसरी लहर का कहर बंगाल में भी जारी

इस सभा के आयोजन की अनुमति ऐसे समय में माँगी गई है जब कोरोनोवायरस महामारी की दूसरी लहर चल रही है, जिसमें रोजाना 3,00,000 से अधिक नए कोरोनोवायरस मामले सामने आ रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग के आँकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल राज्य में मंगलवार को क्रमश: 107 मौतों और 17,639 मामलों के साथ एक दिन के अब तक के सर्वाधिक मौत और नए केस के मामले दर्ज किए गए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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