Saturday, October 1, 2022
Homeदेश-समाजमंदिर की ज़मीन पर बन रहा मदरसा का दफ्तर, ग्रामीणों ने जताई आपत्ति तो...

मंदिर की ज़मीन पर बन रहा मदरसा का दफ्तर, ग्रामीणों ने जताई आपत्ति तो बंगाल पुलिस ने पीटा

स्थानीय लोगों के गुस्से का तब कोई ठिकाना न रहा, जब उन्होंने देखा कि निर्माणाधीन बिल्डिंग पर मदरसा विभाग का बोर्ड टँगा हुआ है। बताया गया कि उस बिल्डिंग का नाम 'करमतीर्थ' रखा जाएगा और वहाँ अल्पसंख्यक विभाग और मदरसा डिपार्टमेंट का दफ्तर होगा।

पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी के मुस्लिम तुष्टिकरण के कारण स्थिति लगातार अराजक हो रही है। नॉर्थ 24 परगना के लक्ष्मीपुर में लोगों ने मंदिर बनाने के लिए ज़मीन दान ली, लेकिन सरकार ने उस पर मदरसा का दफ्तर बनवाना चालू कर दिया। गोबरडांगा पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र में इस फ़ैसले के बाद से ही हिंसा चालू हो गई। स्थानीय लोग आक्रोशित हैं और पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई। सोमवार (जनवरी 20, 2020) को आक्रोशित लोगों ने पुलिस के समक्ष अपने विरोध दर्ज कराया। सरकार मंदिर के लिए दी गई ज़मीन पर मदरसा विभाग का दफ़्तर खोलना चाहती है।

स्थानीय लोगों ने कहा है कि सरकार ने मंदिर के नाम पर ज़मीन लेकर उनके साथ धोखा किया है और यही उनकी नाराज़गी की वजह भी है। इसके बाद उलटा पुलिस ने ग्रामीणों को ही निशाने पर ले लिया। आक्रोशित ग्रामीणों पर लाठीचार्ज किया गया, फायरिंग की गई और आँसू गैस के गोले छोड़े गए। गाँव में पुलिस को तैनात कर दिया गया है। साथ ही रैपिड एक्शन फ़ोर्स को भी मौके पर लगाया गया है।

दरअसल, मामला यूँ है कि एक स्थानीय महिला निर्मला दास ने अपनी तीन बीघा ज़मीन मंदिर के लिए दान दे दी थी। उन्होंने ज़मीन 22 वर्ष पहले दान दी थी। उस समय राज्य में सीपीएम की सरकार थी। दिवंगत विधवा ने मंदिर के साथ-साथ स्कूल और हॉस्पिटल बनाने के लिए भी ज़मीन दान की थी। हाल ही में कुछ दिनों पहले तृणमूल कॉन्ग्रेस की स्थानीय यूनिट ने एक तरह से उस ज़मीन पर कब्ज़ा कर लिया और एक भवन बनवाने लगे। स्थानीय लोगों से झूठ बोला गया कि वहाँ कम्युनिटी भवन बन रहा है।

स्थानीय लोगों के गुस्से का तब कोई ठिकाना न रहा, जब उन्होंने देखा कि निर्माणाधीन बिल्डिंग पर मदरसा विभाग का बोर्ड टँगा हुआ है। बताया गया कि उस बिल्डिंग का नाम ‘करमतीर्थ’ रखा जाएगा और वहाँ अल्पसंख्यक विभाग और मदरसा डिपार्टमेंट का दफ्तर होगा। आक्रोशित लोगों ने उस बोर्ड को देखते ही निर्माण कार्य रोकना शुरू कर दिया। ‘सिंह वाहिनी’ के अध्यक्ष देवदत्त माजी ने कहा कि ममता बनर्जी की मुस्लिम तुष्टिकरण की नीतियों ने सभी हदों को पार कर दिया है। स्थानीय भाजपा नेता सत्यजीत मलिक ने भी तृणमूल की आलोचना करते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।

कहा जा रहा है कि राज्य में असदुद्दीन ओवैसी की आहट से सहमी ममता बनर्जी मुस्लिम तुष्टिकरण में कोई कमी नहीं रखना चाहती हैं। राज्य में कॉन्ग्रेस ने भी एक मुस्लिम को विधायक दल का नेता बनाया, इससे वो पहले ही घबराई हुई हैं।

बंगाल: माँ काली की मूर्ति तोड़ बदमाश फरार, 8वीं बार मंदिर में चोरी का प्रयास

आतंकियों से जुड़े हो सकते हैं बंगाल पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के तार, मालिक नूर मोहम्मद गिरफ़्तार

ओवैसी के डर से बंगाल में दंगाइयों को खुली छूट दे रही हैं ममता!

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

4G से 10 गुना तेज़ इंटरनेट के लिए हो जाइए तैयार, कीमत भी ज़्यादा नहीं: PM मोदी ने लॉन्च किया 5G, कहा – नई...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (1 अक्टूबर, 2022) को 5जी सर्विस लॉन्च कर दी है। कई उद्योगपति इस कार्यक्रम का हिस्सा रहे, सरकार को सराहा।

दीपावली पर PFI ने रची थी देश भर में बम ब्लास्ट की साजिश: आसपास के सामान से IED बनाने की दे रहा था ट्रेनिंग,...

PFI आसपास मौजूद सामान से IED बनाने की ट्रेनिंग दो रहा था। उसकी योजना दशहरा पर देश भर में बम विस्फोट और संघ नेताओं की हत्या करने की थी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
225,480FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe