Wednesday, May 19, 2021
Home देश-समाज ...जब पुलिस कमिश्नर ही पहुँच गए चर्च, पादरियों के साथ गाया गाना: लॉकडाउन के...

…जब पुलिस कमिश्नर ही पहुँच गए चर्च, पादरियों के साथ गाया गाना: लॉकडाउन के सवाल पर बोले – ‘आशीर्वाद लेने गया था’

वरिष्ठ IPS अधिकारी भास्कर राव ने मीडिया से बात करते हुए अपनी सफाई में कहा कि वह सभी धार्मिक स्थानों का दौरा कर रहे थे, ताकि कोरोनो वायरस संकट से लड़ने के लिए आशीर्वाद माँगा जा सके।

बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त भास्कर राव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर इस वक़्त तेज़ी से वायरल हो रहा है। इसमें वे लॉकडाउन का उल्लंघन कर शहर के एक स्थानीय चर्च में ईसाई पुजारियों के एक समूह के साथ प्रार्थना करते नजर आ रहे हैं।

बता दें कि ये वही भास्कर राव हैं, जिन्हें कर्नाटक में कोरोनो वायरस की लड़ाई लड़ने में और लोगों से लॉकडाउन का पालन कराने के लिए सबसे ज्यादा सराहा गया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भास्कर राव पिछले हफ्ते बेंगलुरु के सेंट मार्क कैथेड्रल चर्च में मौजूद थे, जहाँ उन्हें चर्च के गाना गाने और बजाने वालों के साथ गाते देखा गया था। इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया, जो वायरल हो गया।

इस वीडियो में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी भास्कर राव, ईसाई पुजारियों के साथ चर्च में गा रहे थे। साथ ही कई अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त सौमेंदु मुखर्जी को भी गिरजाघर में एक साथ प्रार्थना और गाते हुए देखा गया।

गौरतलब है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित चर्च में भीड़ को एक दूसरे के साथ खड़े होकर सामाजिक दूरियों के मानदंडों का उल्लंघन करते देखा जा सकता है। क्या इन लोगों पर लॉकडाउन के नियम लागू नहीं होते?

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया

चर्च में बेंगलुरु के टॉप पुलिसकर्मियों की उपस्थिति से नाराज़ लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए उन पर कई सवाल खड़े कर दिए। कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने राव से पूछा कि आख़िर उन्हें इस लॉकडाउन में चर्च जाने की क्या आवश्यकता पड़ गई थी।

सोशल मीडिया यूज़र्स ने सवाल किया कि लॉकडाउन अवधि के दौरान पुलिस प्रमुख इस तरह की धार्मिक सभा में कैसे भाग ले सकते हैं, जब सभी धर्मों और धर्मों से जुड़ी सारी मंडलियाँ देश भर में प्रतिबंधित हैं।

एक यूजर ने पूछा कि कमिश्नर भास्कर राव द्वारा रेड ज़ोन के तहत एक चर्च में प्रार्थना करना नियमों का उल्लंघन नहीं है क्या? उन्होंने यह भी बताया कि सारे मंदिर दो महीने से बंद हैं।

“सरकार ने लोगों को मंदिरों, मस्जिदों और चर्चों में जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। जितनें भी लोग पूजा पाठ करते थे, वे सब भी इस वक़्त बंद हैं। सरकारी नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए आयुक्त इस नियम का उल्लंघन कैसे कर सकते हैं? एक यूजर ने पूछा।

IPS भास्कर राव की सफाई

वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी भास्कर राव ने डेक्कन हेराल्ड से बात करते हुए अपनी सफाई में कहा कि वह सभी धार्मिक स्थानों का दौरा कर रहे थे, ताकि कोरोनो वायरस संकट से लड़ने के लिए आशीर्वाद माँगा जा सके।

उन्होंने कहा, “यह लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन नहीं है क्योंकि सभी का मेडिकल परीक्षण हुआ था और सभी ने सोशल डिस्टेंसिग को बनाए रखा था”।

साथ ही उन्होंने कहा की वे विभिन्न समुदाय के नेताओं के साथ बातचीत कर रहे है ताकि उनकी मदद से हम लोगों के अंदर कोरोनो वायरस महामारी की स्थिति पर जागरूकता पैदा कर सके। जो इस समय अत्यधिक महत्व रखता है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मोदी स्ट्रेन’: कैसे कॉन्ग्रेस टूलकिट ने की PM मोदी की छवि खराब करने की कोशिश? NDTV भी हैशटैग फैलाते आया नजर

हैशटैग और फ्रेज “#IndiaStrain” और “India Strain” सोशल मीडिया पर अधिक प्रमुखता से उपयोग किया गया। NDTV जैसे मीडिया हाउसों को शब्द और हैशटैग फैलाते हुए भी देखा जा सकता है।

कॉन्ग्रेस टूलकिट का प्रभाव? पैट कमिंस और दलाई लामा को PM CARES फंड में दान करने के लिए किया गया था ट्रोल

सोशल मीडिया पर पीएम मोदी को बदनाम करने के लिए एक नया टूलकिट सामने आने के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी एक बार फिर से सुर्खियों में है। चार-पृष्ठ के दस्तावेज में पीएम केयर्स फंड को बदनाम करने की योजना थी।

₹50 हजार मुआवजा, 2500 पेंशन, बिना राशन कार्ड भी फ्री राशन: कोरोना को लेकर केजरीवाल सरकार की ‘मुफ्त’ योजना

दिल्‍ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने कोरोना महामारी में माता पिता को खोने वाले बच्‍चों को 2500 रुपए प्रति माह और मुफ्त शिक्षा देने का ऐलान किया है।

ख़लीफ़ा मियाँ… किसाण तो वो हैं जिन्हें हमणे ट्रक की बत्ती के पीछे लगाया है

हमने सब ट्राई कर लिया। भाषण दिया, धमकी दी, ज़बरदस्ती कर ली, ट्रैक्टर रैली की, मसाज करवाया... पर ये गोरमिंट तो सुण ई नई रई।

कॉन्ग्रेस के इशारे पर भारत के खिलाफ विदेशी मीडिया की रिपोर्टिंग, ‘दोस्त पत्रकारों’ का मिला साथ: टूलकिट से खुलासा

भारत में विदेशी मीडिया संस्थानों के कॉरेस्पोंडेंट्स के माध्यम से पीएम मोदी को सभी समस्याओं के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।

‘केरल मॉडल’ वाली शैलजा को जगह नहीं, दामाद मुहम्मद रियास को बनाया मंत्री: विजयन कैबिनेट में CM को छोड़ सभी चेहरे नए

वामपंथी सरकार की कैबिनेट में सीएम विजयन ने अपने दामाद को भी जगह दी है, जो CPI(M) यूथ विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं।

प्रचलित ख़बरें

जैश की साजिश, टारगेट महंत नरसिंहानंद: भगवा कपड़ा और पूजा सामग्री के साथ जहाँगीर गिरफ्तार, साधु बन मंदिर में घुसता

कश्मीर के रहने वाले जान मोहम्मद डार उर्फ़ जहाँगीर को साधु के वेश में मंदिर में घुस कर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या करनी थी।

अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाती भीड़ का हमला: यहूदी खून से लथपथ, बचाव में उतरी लड़की का यौन शोषण

कनाडा में फिलिस्तीन समर्थक भीड़ ने एक व्यक्ति पर हमला कर दिया जो एक अन्य यहूदी व्यक्ति को बचाने की कोशिश कर रहा था। हिंसक भीड़ अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाते हुए उसे लाठियों से पीटा।

विनोद दुआ की बेटी ने ‘भक्तों’ के मरने की माँगी थी दुआ, माँ के इलाज में एक ‘भक्त’ MP ने ही की मदद

मोदी समर्थकों को 'भक्त' बताते हुए मल्लिका उनके मरने की दुआ माँग चुकी हैं। लेकिन, जब वे मुश्किल में पड़ी तो एक 'भक्त' ने ही उनकी मदद की।

भारत में दूसरी लहर नहीं आने की भविष्यवाणी करने वाले वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने सरकारी पैनल से दिया इस्तीफा

वरिष्ठ वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने भारत में कोविड-19 के प्रकोप की गंभीरता की भविष्यवाणी करने में विफल रहने के बाद भारतीय SARS-CoV-2 जीनोम सीक्वेंसिंग कंसोर्टिया (INSACOG) के वैज्ञानिक सलाहकार समूह के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया।

मेवात के आसिफ की हत्या में सांप्रदायिक एंगल नहीं, पुरानी राजनीतिक दुश्मनी: हरियाणा पुलिस

आसिफ की मृत्यु की रिपोर्ट आने के तुरंत बाद, कुछ मीडिया हाउसों ने दावा किया कि उसे मारे जाने से पहले 'जय श्री राम' बोलने के लिए मजबूर किया गया था, जिसकी वजह से घटना ने सांप्रदायिक मोड़ ले लिया।

ओडिशा के DM ने बिगाड़ा सोनू सूद का खेल: जिसके लिए बेड अरेंज करने का लूटा श्रेय, वो होम आइसोलेशन में

मदद के लिए अभिनेता सोनू सूद को किया गया ट्वीट तब से गायब है। सोनू सूद वास्तव में किसी की मदद किए बिना भी कोविड-19 रोगियों के लिए मदद की व्यवस्था करने के लिए क्रेडिट का झूठा दावा कर रहे थे।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,390FansLike
96,203FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe