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बंगाल में पुलिया के पास मिला BJP के बूथ प्रभारी का शव, अपने ही घर में नहीं घुसने दिया जा रहा था: TMC के गुंडों पर हत्या का आरोप

"मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की TMC गुंडों से भरी हुई है। ये गुंडे फलते-फूलते हैं, क्योंकि राज्य की गृह मंत्री के रूप में ममता बनर्जी वो उन्हें संरक्षण देती है। मिथुन खामरुई जैसे सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं के खून से उनके हाथ रंगे हुए हैं।"

पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या का दौर अब भी थमता हुआ नहीं दिख रहा है। पार्टी के सूचना एवं तकनीक विभाग के इंचार्ज एवं बंगाल भाजपा के प्रभारी अमित मालवीय ने एक वीडियो ट्वीट किया है, जिसमें भाजपा कार्यकर्ता मिथुन खामरुई का शव जमीन पर पड़ा हुआ दिख रहा है। साथ ही आसपास कई लोग भी जमा हुए दिख रहे हैं। उन्होंने TMC के दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये पार्टी हिंसा को लेकर हंगामा कर रही थी, जिस पर राज्य में इसी का पेटेंट है।

मामला पश्चिमी मेदिनीपुर जिले का है। मिथुन खामरुई सालबोनी प्रखंड के करनगर क्षेत्र स्थित मोहनपुर गाँव में बूथ संख्या 28 पर पार्टी के प्रभारी थे। अमित मालवीय ने बताया है कि पिछले कुछ महीनों से सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडे उन्हें धमकी दे रहे थे। उन्हें उनके घर में भी नहीं घुसने दिया जा रहा था। 2018 में मिथुन खामरुई की माँ ने भाजपा के टिकट पर पंचायत चुनाव लड़ा था। सिर्फ अभी ही नहीं, बल्कि 2021 में विधानसभा चुनाव के बाद भी हिंसा हुई थी जिसमें उनके घर पर भी कई बार हमले किए गए थे।

अमित मालवीय ने कहा, “मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की TMC गुंडों से भरी हुई है। ये गुंडे फलते-फूलते हैं, क्योंकि राज्य की गृह मंत्री के रूप में ममता बनर्जी वो उन्हें संरक्षण देती है। मिथुन खामरुई जैसे सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं के खून से उनके हाथ रंगे हुए हैं। मिथुन खामरुई का पोस्टमॉर्टम मेदिनीपुर अस्पताल में हुआ है और उनके पिता ने FIR भी दर्ज करा दी है। भाजपा परिवार की पूरी मदद कर रही है।” मिथुन का शव एक खेत के पास पड़ा हुआ मिला, जहाँ कई ग्रामीण जमा हो गए।

भाजपा की बंगाल यूनिट ने कहा कि ये सब तृणमूल कॉन्ग्रेस के क्रूर हथकंडे को उजागर करता है। पार्टी ने TMC के स्थानीय मंडल अध्यक्ष बाबुल घोष पर मिथुन खामरुई की हत्या का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है। उनका शव उनके घर से कुछ ही किलोमीटर दूर एक पुलिया के पास बरामद किया गया। उनकी उम्र मात्र 35 वर्ष थी। पहले वो TMC के सक्रिय कार्यकर्ता हुआ करते थे, लेकिन फिर भाजपा में आ गए थे। सोमवार (29 जनवरी, 2024) को उनके न मिलने से परिवार वाले उनकी तलाश कर रहे थे। पुलिस इसे शराब पीने से हुई मौत बता रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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