Thursday, February 25, 2021
Home देश-समाज 'कोई पटाखे नहीं, मुझे नहीं लगता किसी को पटाखे जलाने चाहिए' - दीवाली पर...

‘कोई पटाखे नहीं, मुझे नहीं लगता किसी को पटाखे जलाने चाहिए’ – दीवाली पर Tanishq ने फिर परोसा हिंदू विरोधी प्रोपेगेंडा

Tanishq के विज्ञापन में न दीवाली पूजा से संबंधित कुछ नजर आ रहा है और न ही उसकी महत्ता से संबंधित कुछ। इसमें दीये, कैंडल्स, रंगोली, मिठाई, पूजा की थाली आदि चीजें गायब हैं और...

ज्वैलरी ब्रांड तनिष्क ने अपने लव जिहाद वाले विवादित विज्ञापन के बाद दीवाली के अवसर पर नया ऐड तैयार किया है। इस ऐड में भी उन्होंने अपने प्रचार के नाम पर हिंदू विरोधी प्रोपगेंडा परोसा है जिसकी वजह से सोशल मीडिया पर एक बार फिर बॉयकॉट तनिष्क ट्रेंड करने लगा है।

इस ऐड में दीवाली के नाम पर सिर्फ़ कुछ महिलाएँ नजर आ रही हैं जो हल्के रंग की साड़ियों में हैं और तनिष्क के आभूषण धारण करके बता रही हैं कि इस दीवाली पर क्या-क्या किया जाना चाहिए और क्या-क्या नहीं। 

परंपरागत श्रृंगार के नाम पर महिलाओं ने सिर्फ़ तनिष्क की ज्वैलरी ही पहनी है। विज्ञापन में न दीवाली पूजा से संबंधित कुछ नजर आ रहा है और न ही कुछ उसकी महत्ता से संबंधित। वहीं बैकग्राउंड की बात करें तो उसमें भी सामान्य लाइटिंग है, कोई दीया या कोई साज-सज्जा नहीं है।

ऐड शुरू होते ही एक महिला इसमें कहती है, “यकीनन कोई पटाखे नहीं। मुझे नहीं लगता किसी को पटाखे जलाने चाहिए।” इसके बाद दो-तीन महिलाएँ अपनी बातें रखती हैं और अंत में इकट्ठा होकर खिलखिलाती नजर आती हैं। बस ऐड खत्म।

अब इस ऐड को लेकर कई तरह के सवाल लोगों के मन में हैं। लोगों का पूछना है कि आखिर क्या जिस तरह से दीवाली में पटाखे जलाने को मना किया जाता है उसी प्रकार क्या क्रिसमस पर न क्रिसमस ट्री लगाने की या फिर बकरीद पर जानवरों की कुर्बानी न देने की अपील भी की जाती है? या यह सब सिर्फ़ हिंदुओं को निशाना बनाने का एक तरीका है?

सोचने वाली है बात है कि यह प्रचार दीवाली के लिए निर्मित हुआ है। यदि मान भी लिया जाए कि तनिष्क का प्रोपेगेंडा हिंदू विरोधी नहीं है तो फिर इसमें दीये, कैंडल्स, रंगोली, मिठाई, पूजा की थाली आदि चीजें कहाँ हैं? जो आमतौर पर दीवाली के मौके पर हर घर की शोभा बढ़ाते हैं। क्या दीवाली का मतलब सिर्फ़ तनिष्क का सोना पहनना होता है?

आज से 6 साल पहले भी तनिष्क हर त्योहार पर अपने प्रचार बनाता था, लेकिन तब फर्क बस ये था कि उनका मकसद प्रोपेगेंडा फैलाना नहीं होता था। साल 2014 के दीवाली ऐड में और आज 2020 के विज्ञापन में फर्क देखिए।

पहले बैकग्राउंड में पटाखों की आवाजें थी। लाइटों से जगमगाते घर थे। आस-पास दीये जल रहे थे और एक बेटा अपनी माँ के लिए अपने बोनस से छोटा सा तोहफा लाया था। इस ऐड में सिर्फ़ भावनाओं के साथ उत्पाद का प्रचार हुआ था। कोई बेवजह का ज्ञान या फिर कोई प्रोपेगेंडा नहीं था। किसी ने इसका कोई विरोध भी नहीं किया था।

वहीं आज, इसी तनिष्क के ऐड से उत्पाद का विज्ञापन गायब है और हिंदुओं के त्योहार को लक्षित करते हुए प्रोपेगेंडा प्रमुखता से दिखाया जा रहा है। ऐसे में लोगों का कहना बस यह है कि तनिष्क या तो हिंदुओं को बेवकूफ समझना अब बंद करे या फिर अपनी ऐड फर्म से कॉन्ट्रैक्ट तोड़े, जिनका मकसद एक बने बनाए ब्रांड इमेज को खराब करना मात्र रह गया है।

शोभा गणेशन नाम की यूजर कहती हैं कि दीवाली का त्योहार बिंदी, लक्ष्मी पूजा और भगवान श्रीराम के घर आए बिना नहीं हो सकता। यह कोई किटी पार्टी या नए साल का गेट-टूगेदर नहीं है, जहाँ ऐड में ये सारी चीजें दिखाई जा रही हैं।

कुछ लोग ऐसे प्रयासों को हिंदू त्योहारों का इस्लामीकरण करना भी बता रहे हैं। उनका कहना है कि क्या कभी हिंदुओं में बिना बिंदी या चुनरी के दीवाली मनाते किसी ने किसी को देखा है? Tanishq के इस ऐड में कोई पूजा की थाली नहीं है, न ही कहीं भगवान राम का जिक्र है, आखिर किस आधार पर यह विज्ञापन दीवाली के लिए तैयार हुआ है?

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

LoC पर युद्धविराम समझौते के लिए भारत-पाक तैयार, दोनों देशों ने जारी किया संयुक्त बयान

दोनों देशों ने तय किया कि आज, यानी 24-45 फरवरी की रात से ही उन सभी पुराने समझौतों को फिर से अमल में लाया जाएगा, जो समय-समय पर दोनों देशों के बीच हुए हैं।

यहाँ के CM कॉन्ग्रेस आलाकमान के चप्पल उठा कर चलते थे.. पूरे भारत में लोग उन्हें नकार रहे हैं: पुडुचेरी में PM मोदी

PM मोदी ने कहा कि पहले एक महिला जब मुख्यमंत्री के बारे में शिकायत कर रही थी, पूरी दुनिया ने महिला की आवाज में उसका दर्द सुना लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री ने सच बताने की बजाए अपने ही नेता को गलत अनुवाद बताया।

‘लोकतंत्र सेनानी’ आज़म खान की पेंशन पर योगी सरकार ने लगाई रोक, 16 सालों से सरकारी पैसों पर कर रहे थे मौज

2005 में उत्तर प्रदेश की मुलायम सिंह यादव की सपा सरकार ने आजम खान को 'लोकतंत्र सेनानी' घोषित करते हुए उनके लिए पेंशन की व्यवस्था की थी।

RSS कार्यकर्ता नंदू की हत्या के लिए SDPI ने हिन्दूवादी संगठन को ही बताया जिम्मेदार: 8 गुंडे पुलिस हिरासत में, BJP ने किया बंद...

BJP ने RSS कार्यकर्ता की हत्या के विरोध में अलप्पुझा जिले में सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक ‘हड़ताल’ का आह्वान किया है। 8 SDPI कार्यकर्ता हिरासत में हैं।

दिल्ली दंगों का 1 साल: मस्जिदों को राशन, पीड़ित हिन्दुओं को लंबी कतारें, प्रत्यक्षदर्शी ने किया खालसा व केजरीवाल सरकार की करतूत का खुलासा

ऑपइंडिया ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के स्थानीय लोगों से बात की, जिन्होंने दंगों को लेकर अपने अनुभव साझा किए और AAP सरकार के दोहरे रवैए के बारे में बताया।

केजरीवाल की रैली में ₹500 देने का वादा कर जुटाई भीड़, रूपए ना मिलने पर मजदूरों का हंगामा

वीडियो में देखा जा सकता है कि रैली में आने के लिए तय किए गए रुपए न मिलने के कारण मजदूर भड़के हुए हैं और पैसों की माँग कर रहे हैं। उनमें महिलाएँ भी शामिल हैं।

प्रचलित ख़बरें

उन्नाव मर्डर केस: तीसरी लड़की को अस्पताल में आया होश, बताई वारदात से पहले की हकीकत

विनय ने लड़कियों को कीटनाशक पिलाकर बेहोश किया और बाद में वहाँ से चला गया। बेहोशी की हालत में लड़कियों के साथ किसी तरह के सेक्सुअल असॉल्ट की बात सामने नहीं आई है।

ई-कॉमर्स कंपनी के डिलीवरी बॉय ने 66 महिलाओं को बनाया शिकार: फीडबैक के नाम पर वीडियो कॉल, फिर ब्लैकमेल और रेप

उसने ज्यादातर गृहणियों को अपना शिकार बनाया। वो हथियार दिखा कर रुपए और गहने भी छीन लेता था। उसने पुलिस के समक्ष अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

कला में दक्ष, युद्ध में महान, वीर और वीरांगनाएँ भी: कौन थे सिनौली के वो लोग, वेदों पर आधारित था जिनका साम्राज्य

वो कौन से योद्धा थे तो आज से 5000 वर्ष पूर्व भी उन्नत किस्म के रथों से चलते थे। कला में दक्ष, युद्ध में महान। वीरांगनाएँ पुरुषों से कम नहीं। रीति-रिवाज वैदिक। आइए, रहस्य में गोते लगाएँ।

महिला ने ब्राह्मण व्यक्ति पर लगाया था रेप का झूठा आरोप: SC/ST एक्ट में 20 साल की सज़ा के बाद हाईकोर्ट ने बताया निर्दोष

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, "पाँच महीने की गर्भवती महिला के साथ किसी भी तरह की ज़बरदस्ती की जाती है तो उसे चोट लगना स्वाभाविक है। लेकिन पीड़िता के शरीर पर इस तरह की कोई चोट मौजूद नहीं थी।”

UP: भीम सेना प्रमुख ने CM आदित्यनाथ, उन्नाव पुलिस के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत दर्ज की FIR

भीम सेना प्रमुख ने CM योगी आदित्यनाथ और उन्नाव पुलिस अधिकारियों पर गुरुग्राम में SC/ST एक्ट के तहत शिकायत दर्ज करवाई है।

लोगों को पिछले 10-15 सालों से थूक वाली रोटियाँ खिला रहा था नौशाद: पूरे गिरोह के सक्रीय होने का संदेह, जाँच में जुटी पुलिस

नौशाद के साथ शादी समारोह में लगे ठेकेदारों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। वो शहर की कई मंडपों और शादियों में खाना बना चुका है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

291,994FansLike
81,859FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe