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बंगाल में रामनवमी शोभायात्रा निकालने के लिए भी हिंदुओं को जाना पड़ा हाई कोर्ट, ममता सरकार कह रही थी- रास्ता बदलो: HC ने कहा- उसी रूट से निकलेगी

जस्टिस जय सेन गुप्ता ने जनी पुत्र सेना और विश्व हिंदू परिषद को 17 मार्च को रामनवमी पर शोभा यात्रा की अनुमति दी है। अनुमति के साथ कहा गया है कि 15 सालों से जिस रास्ते से शोभा यात्रा निकाली जा रही थी उसी से ये यात्रा भी निकलेगी।

कोलकाता हाईकोर्ट ने मंगलवार (16 अप्रैल 2024) को दो हिंदू संगठनों को बंगाल के हावड़ा में राम नवमी के मौके पर शोभा यात्रा निकालने की अनुमति दी है। इन संगठनों के नाम अंजनी पुत्र सेना और विश्व हिंदू परिषद हैं। ये संगठन हावड़ा में 17 अप्रैल को शोभा यात्रा निकालेंगे।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता हाईकोर्ट के जस्टिस जय सेन गुप्ता ने हिंदू संगठनों को शोभा यात्रा निकालने की अनुमति दी। अनुमति में ये भी कहा गया कि ये शोभा यात्रा उसी रास्ते से होकर निकलेगी जिस रास्ते से पिछले 15 सालों से निकलती है।

बता दें कि पिछले साल इसी क्षेत्र में शोभा यात्रा के दौरान हावड़ा मैदान पर हिंसा हुई थी। इसके कारण बंगाल सरकार ने हिंदुओं से कहा था कि वो शोभा यात्रा के लिए अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल करें। हालाँकि हिंदू संगठनों को ये नागवार गुजरा और उन्होंने कोर्ट से गुहार लगाई।

अब कोर्ट ने हिंदुओं के पक्ष को सुनते हुए इस शोभा यात्रा की अनुमति दे दी है, लेकिन साथ ही कोर्ट ने कहा है कि जुलूस में 200 लोगों से ज्यादा लोग शामिल नहीं होने चाहिए। इसके अलावा किसी भी तरह से किसी भी समुदाय के लिए कोई भड़काऊ बयानबाजी या नारेबाजी भी नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा है कि वो राम नवमी की शोभा यात्रा आराम से निकले, इसके लिए राज्य पुलिस के साथ केंद्रीय बलों की सहायता भी ले सकती है।

गौरतलब है कि साल 2023 में रामनवमी के दिन पश्चिम बंगाल में कई जगहों पर हिंसा हुई थी। इसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे। रामनवमी पर शोभायात्रा के दौरान असामाजिक तत्वों ने पत्थरबाजी की थी और फिर कई वाहनों में आग लगा दी गई थी। इसके बाद कोलकाता हाईकोर्ट ने इस मामले को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी को सौंपा था। बाद में 11 लोग गिरफ्तार हुए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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