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अभिषेक बनर्जी के करीबी TMC यूथ विंग महासचिव के ठिकानों पर CBI की रेड: पशु तस्करी के मामले में लुक-आउट नोटिस जारी

विनय मिश्रा राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के करीबी हैं। सीबीआई ने ये कार्रवाई दो घोटालों से जुड़े मामलों में की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिश्रा के अन्य ठिकानों पर भी जल्द छापेमारी हो सकती है। उनपर मवेशी तस्करी घोटाला और कोयला चोरी मामले में शामिल होने का आरोप है।

केंद्रीय जाँच एजेंसी (सीबीआई) ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में कई जगहों पर छापेमारी की है। यह छापेमारी पशु तस्करी मामले में हुई है, सीबीआई ने इस अभियान के तहत तृणमूल युवा कॉन्ग्रेस महासचिव विनय मिश्रा के ठिकाने पर भी छापा मारा। विनय मिश्रा काफी समय से फ़रार चल रहे हैं जिसकी वजह से सीबीआई ने उनके विरुद्ध लुकआउट नोटिस भी जारी किया है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोलकाता के कई दिग्गज नेता और व्यवसायी पशु तस्करी के मामले से जुड़े हुए हैं। इस मामले में जाँच अभियान आगे बढ़ाते हुए सीबीआई की टीम ने गुरुवार (31 दिसंबर 2020) को कोलकाता के विभिन्न क्षेत्रों में छापा मारा। इसी कड़ी में सीबीआई की एक टीम ने तृणमूल कॉन्ग्रेस के महासचिव विनय मिश्रा के ठिकाने पर भी छापा मारा।

खास बात है कि विनय मिश्रा राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के करीबी हैं। सीबीआई ने ये कार्रवाई दो घोटालों से जुड़े मामलों में की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिश्रा के अन्य ठिकानों पर भी जल्द छापेमारी हो सकती है। उनपर मवेशी तस्करी घोटाला और कोयला चोरी मामले में शामिल होने का आरोप है। 

पुलिस ने मौके पर मौजूद तमाम अहम दस्तावेज़ों की जाँच की, इसके पहले सीबीआई विनय मिश्रा को कई बार नोटिस जारी कर चुकी है इसके बावजूद वह जाँच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए थे। नतीजतन अब उनके खिलाफ़ लुकाउट नोटिस जारी किया गया है। फ़िलहाल इस मामले में सीबीआई की तरफ़ से जाँच जारी है।

सीबीआई के इस एक्शन के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा- “बंगाल के एक पावर ब्रोकर विनय मिश्रा के यहाँ सीबीआई के छापे के बाद बंगाल के उच्च अधिकारियों की आपातकालीन बैठक और मुख्यमंत्री एवं भाइयों के यहाँ हलचल, प्रदेश में चर्चा का विषय है!”

गौरतलब है कि भारत बांग्लादेश सीमा पर काफी बड़े पैमाने पर पशु तस्करी होती है। यह मामला आधिकारिक रूप से चर्चा में तब आया जब 21 सितंबर 2020 को सीबीआई की कोलकाता शाखा ने इस सम्बन्ध में मामला दर्ज किया था। इसके बाद सीबीआई ने 6 नवंबर को पशु तस्करी रैकेट के सरगना को गिरफ्तार किया था जो भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर अपना रैकेट चला रहा था। आरोपित एनैमुल हक़ मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और सीबीआई ने उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया था। 

हक़ के साथ सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) के एक अधिकारी को भी गिरफ्तार किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ केंद्रीय जाँच एजेंसी ने इस मामले के संबंध में गुरुवार को कोलकाता के दो चार्टर्ड अकाउंटेंट के दफ्तर पर छापा मारा था। 36 बीएसएफ़ बटालियन के पूर्व कमांडेंट सतीश कुमार (जिसकी तैनाती अभी रायपुर में है), एनैमुल हक़, अनारुल एसके और मोहम्मद गुलाम मुस्तफ़ा को सीबीआई ने हिरासत में लिया था। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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