3 साल की बच्ची से बलात्कार: कश्मीर में नेता और मुस्लिम संगठन सेंक रहे अपनी-अपनी रोटी

3 साल की बच्ची के बलात्कार पर - (i) राज्य की विवादित स्थिति (ii) राजनीतिक हस्तक्षेप जैसे कारण भला और कौन गिना सकता है। सैयद अली शाह गिलानी, जहर है आपके मन के भीतर, भारत के खिलाफ जहर।

कश्मीर के बांदीपोरा में तीन साल की बच्ची के साथ हुए बलात्कार ने अब एक राजनीतिक और सांप्रदायिक मोड़ ले लिया है। इस पर जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शरिया लागू करने का सुझाव दिया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “मैं सुंबल में 3 साल की बच्ची के साथ हुई बलात्कार की घटना की ख़बर सुनकर स्तब्ध हूँ। किस तरह की बीमार मानसिकता के लोग ऐसी वारदातों को अंजाम देते हैं। समाज अक्सर ऐसी वारदातों के लिए महिलाओं के अवांछित निमंत्रण को दोषी ठहराता है, लेकिन क्या सच में उस मासूम की ग़लती थी। आज ऐसे वक़्त में शरिया क़ानून के अनुसार, ऐसे काम करने वालों को पत्थर से मारकर मौत की सज़ा देनी चाहिए।” अफसोस की यह बयान एक पूर्व मुख्यमंत्री का है, जिससे समाज को उम्मीद होती है। जिससे वोटर को यह उम्मीद होती है कि कानून-व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी। अफसोस इस बात का भी मुफ्ती ने न तो ऐसे समाज का निर्माण किया, न ही राज्य में ऐसी कानून-व्यवस्था बना पाईं। और तो और, सदियों पुराने आतंकी मानसिकता वाले शरिया कानून को थोपने की बात कह गईं। चुनावी मौसम में और आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए मुस्लिम वोट बैंक को खुश करने का इससे बेहतर अवसर (या घिनौना?) शायद उन्हें दुबारा नहीं मिलता।

पूर्व मुख्यमंत्री के बाद अब धर्म के ठेकेदारों की सुनिए। मुत्ताहिदा मजलिस उलेमा (एमएमयू) सहित विभिन्न धार्मिक निकायों ने इस बलात्कार की निंदा करते हुए कहा, “ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि कश्मीर में कई लोग, महान सूफी संतों द्वारा दिखाए गए मार्ग और शिक्षाओं को भूल गए हैं।” गजब खेल गए गुरु! 3 साल की बच्ची का बलात्कार हो जाता है और आप धार्मिक मार्ग-शिक्षा के बीच झूल रहे हैं? आतंकियों की मौत पर तो आप लोग पूरी घाटी को ही बंद करने का आह्वान कर डालते हैं। पत्थरबाजों को उकसाते हैं। अब खून नहीं खौल रहा आपका? या इस घटना में वो बात नहीं, जो आपको फायदा पहुँचा सके?

लगे हाथ पाक परस्त अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी को भी सुन ही लीजिए। इन जनाब ने इस घटना पर ‘गहरा दुख’ व्यक्त किया है। लेकिन बोलते-बोलते बुढ़ापे के कारण या भारत-विरोधी मानसिकता की वजह से, इन्होंने इस घटना को राज्य की विवादित स्थितियों से जोड़ दिया। उन्होंने इस तरह की घटनाओं को राज्य के ताने-बाने और समृद्ध संस्कृति पर एक काला दाग करार दिया। उन्होंने राज्य में न्यायपालिका और पुलिस प्रशासन पर भी सवाल खड़े किए। राजनीतिक हस्तक्षेप से पूरी व्यवस्था को संक्रमित और बर्बाद करने जैसी बातें भी गिलानी ने अपने बयान में कही। मतलब बुढ़ापा हावी नहीं है। जहर है मन के भीतर, भारत के खिलाफ जहर। 3 साल की बच्ची के बलात्कार पर – (i) राज्य की विवादित स्थिति (ii) राजनीतिक हस्तक्षेप जैसे कारण भला और कौन गिना सकता है। और तीसरा पॉइंट – समृद्ध संस्कृति पर काला दाग! आपके मुँह से यह शोभा नहीं देता गिलानी साब! आप तो आतंकियों की पैरवी कीजिए, पत्थरबाजों को उकसाइए, पाकिस्तान से पैसे मँगवाइए, कश्मीरी पंडित अपने घर न लौट सकें, इसके लिए हर तरह के माहौल बनाइए – लेकिन कृपया करते कश्मीर के समृद्ध संस्कृति पर अपना मुँह मत खोलिए।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

अब जरा खबर देखिए और समझिए कि घाटी में यह सेलेक्टिव आउटरेज़ क्यों? द एशियन एज की ख़बर के अनुसार, पीड़िता और आरोपित ताहिर, दोनों इस्लाम के अलग-अलग समुदायों से संबंध रखते हैं। ऐसी सूरत में पीड़िता के समुदाय से संबंध रखने वाले लोगों ने सोमवार को सड़क पर उतर कर न्याय के लिए विरोध-प्रदर्शन किया। हैरान कर देने वाली बात यह है कि तीन साल की बच्ची के साथ बलात्कार की वारदात रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना है और इस पर अलग-अलग सम्प्रदाय की बात बेशर्मी से अधिक और कुछ नहीं।

मीडिया में आई ख़बरों के अनुसार, हो सकता है कि आरोपित ताहिर ने कई अन्य स्थानीय लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार किया हो। उस पर दंड संहिता की धारा 363, 342 और 376 के तहत मामला दर्ज किया गया है। फ़िलहाल इस घटना के लिए एक विशेष जाँच समिति का गठन कर दिया गया है।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

"आज भगवा वस्त्र पहनकर लोग चूरन बेच रहे हैं, भगवा वस्त्र पहनकर बलात्कार हो रहे हैं, मंदिरों में बलात्कार हो रहे हैं। क्या यही हमारा धर्म है? हमारे सनातन धर्म को जिन लोगों ने बदनाम किया है, उन्हें ईश्वर माफ़ नहीं करेगा।"

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

शरद पवार

पाकिस्तान जैसा प्यार कहीं नहीं मिला, 370 हटाने से बढ़ेगा आतंकवाद: शरद पवार

"मैं पाकिस्तान गया हूँ। वहाँ के लोगों में मेहमाननवाजी कूट-कूट कर भरी है।पाकिस्तान के बारे में गलत चित्र पेश किया जा रहा है कि वहाँ लोग खुश नहीं हैं। यहाँ (भारत) सरकार राजनीतिक लाभ लेने के लिए पाकिस्तान के बारे में झूठी खबरें फैला रही है।”
हिना सिद्धू, मलाला युसुफ़ज़ई

J&K पाकिस्तान को देना चाहती हैं मलाला, पहले खुद घर लौटकर तो दिखाएँ: पूर्व No.1 शूटर हिना

2013 और 2017 विश्वकप में पहले स्थान पर रह कर गोल्ड मेडल जीत चुकीं पिस्टल शूटर हिना सिद्धू ने मलाला को याद दिलाया है कि ये वही पाकिस्तान है, जहाँ कभी उनकी जान जाते-जाते बची थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में लड़कियों की शिक्षा के लिए कितने मौके हैं, इसे मलाला बेहतर जानती हैं।
तजिंदर बग्गा, एंड्रिया डिसूजा

‘₹500 में बिक गईं कॉन्ग्रेस नेता’: तजिंदर बग्गा ने खोली रिया (असली नाम एंड्रिया डिसूजा) की पोल

बग्गा ने रिया को व्हाट्सएप मैसेज किया और कहा कि वो उनसे एक प्रमोशनल ट्वीट करवाना चाहते हैं। रिया ने इसके लिए हामी भर दी और इसकी कीमत पूछी। बग्गा ने रिया को प्रत्येक ट्वीट के लिए 500 रुपए देने की बात कही। रिया इसके लिए भी तैयार हो गई और एक फेक ट्वीट को...
सिंध, पाकिस्तान

मियाँ मिट्ठू के नेतृत्व में भीड़ ने हिन्दू शिक्षक को पीटा, स्कूल और मंदिर में मचाई तोड़फोड़

इस हमले में कट्टरपंथी नेता मियाँ मिट्ठू का हाथ सामने आया है। उसने न सिर्फ़ मंदिर बल्कि स्कूल को भी नुक़सान पहुँचाया। मियाँ मिट्ठू के नेतृत्व में भीड़ ने पुलिस के सामने शिक्षक की पिटाई की, मंदिर में तोड़फोड़ किया और स्कूल को नुक़सान पहुँचाया।
सुप्रीम कोर्ट, राम मंदिर

अगर राम जन्मस्थान को लेकर आस्था है तो इस पर सवाल नहीं उठा सकते: सुप्रीम कोर्ट

मुस्लिम पक्षकार राजीव धवन ने अदालत में दावा किया कि पहले हिंदू बाहर के अहाते में पूजा करते थे, लेकिन दिसंबर 22-23, 1949 की रात रामलला की मूर्ति को अवैध तरीके से मस्जिद के अंदर शिफ्ट कर दिया गया।
सीजेआई रंजन गोगोई

CJI रंजन गोगोई: कश्मीर, काटजू, कन्हैया…CM पिता जानते थे बेटा बनेगा मुख्य न्यायाधीश

विनम्र स्वभाव के गोगोई सख्त जज माने जाते हैं। एक बार उन्होंने अवमानना नोटिस जारी कर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू को अदालत में तलब कर लिया था। काटजू ने सौम्या मर्डर केस में ब्लॉग लिखकर उनके फैसले पर सवाल उठाए थे।
सुब्रमण्यम स्वामी: राजनीति के लिए free market/हिंदुत्व, या free market/हिंदुत्व के लिए राजनीति?

सियासत का स्वामी: जिसके कारण गॉंधी कठघरे में आए, वाजपेयी गए और रामसेतु बचा

स्वामी की ‘legacy’ के आकलन में पार्टी, विचारधारा और निष्ठा को एक ही चीज़ मानकर देखने पर वे शायद ‘मौकापरस्त’, नज़र आएँगे। लेकिन किसी नेता को आंकने के पैमाने के तौर पर उसके कर्म उसके शब्दों से अधिक सटीक होते हैं और स्वामी को इसी कसौटी पर परखा जाना चाहिए।
अखिलेश यादव-मुलायम सिंह यादव

लोहिया ट्रस्ट की बिल्डिंग यादव परिवार के कब्जे से मुक्त, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर योगी सरकार ने की कार्रवाई

लोहिया ट्रस्ट के मुलायम सिंह यादव अध्यक्ष और शिवपाल सिंह यादव सचिव हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कई शीर्ष नेता ट्रस्ट के सदस्य हैं। यह बिल्डिंग शिवपाल यादव की पार्टी के कब्जे में थी और पिछले कुछ महीने से इसका बाजार दर पर किराया वसूला जा रहा था।
हिन्दू लड़की की हत्या

…बस एक एग्जाम और डेंटल डॉक्टर बन जातीं नमृता लेकिन पाकिस्तान में रस्सी से बंधा मिला शव

बहन के मृत शरीर को देख नमृता के भाई डॉ विशाल सुंदर ने कहा, "उसके शरीर के अन्य हिस्सों पर भी निशान हैं, जैसे कोई व्यक्ति उन्हें पकड़ रखा था। हम अल्पसंख्यक हैं, कृपया हमारे लिए खड़े हों।"
सरदार पटेल, ऑपरेशन पोलो हैदराबाद

जब सरदार पटेल ने हैदराबाद को कश्मीर बनने से रोका: कहानी निज़ाम को झुकाने वाले Operation Polo की

108 घंटे तक चले इस ऑपरेशन के दौरान 18 सितम्बर को भारतीय सेना हैदराबाद में घुसी। हैदराबाद की सरकार ने 17 सितम्बर को ही इस्तीफा दे दिया था। हाउस अरेस्ट में किए जाने का बाद निज़ाम अब ये कह कर भुलावा दे रहा था कि वह नई सरकार का गठन करेगा।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

91,064फैंसलाइक करें
15,046फॉलोवर्सफॉलो करें
97,457सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: