Friday, July 1, 2022
Homeदेश-समाजप्यार के लिए खतना तक कराया, दर्द सहे: ईसाई युवक को मुस्लिम प्रेमिका के...

प्यार के लिए खतना तक कराया, दर्द सहे: ईसाई युवक को मुस्लिम प्रेमिका के अब्बा ने पीट कर भगाया

भास्कर और निकत एक-दूसरे को 11 सालों से जानते हैं और एक ही स्कूल से पढ़े हैं। उसने बताया कि निकत कुछ दिनों पहले ही उसके पास आई थी और निकाह के लिए गुहार लगा रही थी। उसने बताया कि उसकी गर्लफ्रेंड के परिजनों ने निकत को घर में ही नज़रबंद कर दिया था।

बोब्बिली भास्कर ने इस्लाम अपनाया क्योंकि वो एक मुस्लिम लड़की से प्यार करता था। लड़की के पिता ने वादा किया था कि अगर भास्कर ने इस्लाम अपना लिया तो दोनों का निकाह कर दिया जाएगा लेकिन वो बाद में मुकर गया। बोब्बिली ने अपनी कहानी ‘स्वराज्य मैग’ के स्वाति गोयल शर्मा के साथ शेयर की। लड़की के अब्बा ने भास्कर ने कहा कि अगर उसने खतना करा लिया तो वो उसे अपना लेगा। ईसाई समुदाय में जन्मे भास्कर ने लड़की के पिता को ‘अल्लाह की क़सम’ दी और धन्यवाद दिया, लेकिन उसे क्या पता था कि ये सब करने के बाद भी उसे कुछ नहीं मिलेगा।

उसने एक स्थानीय इस्लामी संगठन से ‘धर्मान्तरण सर्टिफिकेट’ भी प्राप्त किया। उसके बाद वो सर्जिकल प्रक्रिया से गुजरा। 25 वर्षीय भास्कर तेलंगाना के विकाराबाद जिले का रहने वाला है। हैदराबाद से वाकिराबाद लगभग 75 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। उसे जून 10, 2019 को ‘मुस्लिम वेलफेयर आर्गेनाईजेशन तन्दुर’ से धर्मान्तरण सम्बन्धी प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ था। उसका इस्लामी नाम मोहम्मद अब्दुल हुनैन रखा गया। उसके खतने की प्रक्रिया भी वाकिराबाद के ही एक हॉस्पिटल में हुई। ये सर्जिकल प्रक्रिया एक मुस्लिम डॉक्टर ने पूरी की।

इस प्रक्रिया के कारण न सिर्फ़ उसे लगातार दर्द रहता है, बल्कि शरीर के साथ-साथ उसके मन पर भी इसका गहरा आघात पड़ा है। उसने कहा कि अगर उसकी गर्लफ्रेंड के परिवार ने उसे बाध्य नहीं किया होता तो वो इस प्रक्रिया से कभी नहीं गुजरता। उसे अपना खतना कराने का काफ़ी पछतावा भी है। उसने कहा कि उसे अभी भी दर्द रहता है। हालाँकि, इसके बाद भी लड़की के अब्बा ने भास्कर से कहा कि वो इस्लामी रहन-सहन अपनाए क्योंकि केवल खतना कराने से कुछ नहीं होगा।

भास्कर पहले शुद्ध शाकाहारी था लेकिन अपनी गर्लफ्रेंड को पाने के लिए उसने माँसाहार शुरू किया। ईसाई होने के कारण पहले वो चर्च जाता था लेकिन फिर वो दिन भर में 5 बार नमाज़ पढ़ने लगा। वो अपनी गर्लफ्रेंड को पाने के लिए इतना बेताब था कि उसने नमाज पढ़ते हुए और इस्लामी आयतें पढ़ते हुए कई वीडियो बनाए और लड़की के परिवार वालों को संतुष्ट करने के लिए उन्हें भेजे। इसके बाद जब वो लड़की के अब्बा के पास पहुँचा और बताया कि वो कैसे एक मुस्लिम बन गया है, उसकी गर्लफ्रेंड के अब्बा ने उसके साथ ऐसा व्यवहार किया जैसे वो उसे जानते ही न हों।

लड़की के परिजनों व रिश्तेदारों ने मिल कर भास्कर की जम के पिटाई की। उसने लड़की के परिजनों के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई लेकिन उनके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसने अपनी गर्लफ्रेंड निकत सुल्ताना, उसके पिता सलीमुद्दीन के अलावा आसिफ, सिराज और लतीफ़ के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कराया, जिन्होंने उसकी पिटाई की थी। भास्कर और निकत एक-दूसरे को 11 सालों से जानते हैं और एक ही स्कूल से पढ़े हैं। उसने बताया कि निकत कुछ दिनों पहले ही उसके पास आई थी और निकाह के लिए गुहार लगा रही थी। उसने बताया कि उसकी गर्लफ्रेंड के परिजनों ने निकत को घर में ही नज़रबंद कर दिया था।

भास्कर ने जब मुस्लिम समाज के स्थानीय प्रबुद्ध जनों को हस्तक्षेप करने को कहा और अपना दुखड़ा सुनाया तो उन्होंने दोनों पक्षों की बैठक कराई। बैठक में ही उसकी पिटाई की गई। उसने बताया कि तब से निकत के परिवार वालों ने उसकी ग्रलफ्रेंड से उसकी बात नहीं कराई है। अब इस मामले में सुनवाई होनी है। उसने बताया कि उसके खतने में हज़ारों खर्च हो गए और अब वह वकील को रुपए दे रहा है ताकि केस लड़ सके। इस चक्कर में उसके कितने ही रुपए उड़ गए हैं। उसे अब बस निकत के निर्णय का इन्तजार है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बनेंगे, नहीं थी किसी को कल्पना’: राजनीति के धुरंधर एनसीपी चीफ शरद पवार भी खा गए गच्चा, कहा- उम्मीद थी वो...

शरद पवार ने कहा कि किसी को भी इस बात की कल्पना नहीं थी कि एकनाथ शिंदे को महाराष्ट्र का सीएम बना दिया जाएगा।

आँखों के सामने बच्चों को खोने के बाद राजनीति से मोहभंग, RSS से लगाव: ऑटो चलाने से महाराष्ट्र के CM बनने तक शिंदे का...

साल में 2000 में दो बच्चों की मौत के बाद एकनाथ शिंदे का राजनीति से मोहभंग हुआ। बाद में आनंद दिघे उन्हें वापस राजनीति में लाए।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
201,261FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe