Tuesday, May 17, 2022
Homeदेश-समाजफ्री इलाज चाहिए तो बन जाओ ईसाई: मिशनरी हॉस्पिटल में 3 साल के बीमार...

फ्री इलाज चाहिए तो बन जाओ ईसाई: मिशनरी हॉस्पिटल में 3 साल के बीमार बच्चे को लेकर पहुँचे हिंदू परिवार को दी लालच

कर्नाटक के बीजापुर जिले में BLDE एसोसिएशन ने थैलेसीमिया से पीड़ित उनके तीन साल के बेटे का इलाज के लिए इराना की मदद करने के लिए आगे आया है। संस्था ने इराना और उनके परिवार को उनके बेटे का मुफ्त इलाज कराकर उन्हें ईसाई धर्म अपनाने से रोका।

तमिलनाडु (Tamilnadu) के वेल्लोर स्थित एक अस्पताल में मुफ्त इलाज करवाने का लालच देकर ईसाई धर्म (Christianity) अपनाने के लिए कहा गया। कर्नाटक (Karnataka) का एक हिंदू परिवार यहाँ अपने 3 साल के बच्चे के इलाज के लिए गया था। बताया गया कि यहाँ पर बच्चे का मुफ्त इलाज के बदले में मिशनरी ने उन्हें ईसाई धर्म अपनाने और चर्च में प्रार्थना करने के लिए कहा।

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, 34 वर्षीय ढाबा (होटल) कर्मचारी और कर्नाटक के बसवाना बागेवाड़ी के निवासी इराना नागुर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। वह अपने तीन साल के बेटे के इलाज के लिए काफी परेशान थे। इराना पहले ही अपने बेटे के इलाज के लिए 3 लाख रुपए से अधिक खर्च कर चुके थे।

जानकारी के मुताबिक, इस गरीब पिता ने बच्चे के बेहतर इलाज के लिए पूरे दक्षिण भारत की यात्रा की और अंत में वह तमिलनाडु के वेल्लोर स्थित एक अस्पताल में पहुँचे। इस अस्पताल का संचालन ईसाई मिशनरी करती है। जब वे वहाँ पर पहुँचे तो मिशनरी ने उनके बेटे का मुफ्त इलाज करने के बदले कुछ शर्तें रख दीं। मिशनरी ने इराना को ईसाई धर्म अपनाने और कम से कम दो महीने के लिए चर्च में प्रार्थना करने के लिए कहा। इससे उनको अस्पताल में मुफ्त इलाज मिल सकेगा।

मीडिया से बात करते हुए इराना ने बताया कि वह थक गए थे, क्योंकि उन्हें अपने बेटे के इलाज के लिए कहीं से भी कोई आर्थिक सहायता नहीं मिल रही थी। उन्होंने कहा कि वह हर महीने 12,000 रुपए कमाते हैं, लेकिन उन्हें अपनी कमाई का लगभग आधा हिस्सा अपने बीमार बेटे के इलाज पर खर्च करना पड़ता है।

इराना ने बताया कि जब वे वेल्लोर के अस्पताल गए तो उन्होंने उनके बेटे की बोन मैरो सर्जरी (bone marrow surgery) के लिए 10 लाख रुपए सहित हर तरह की व्यवस्था करने का वादा किया। मगर, इसके लिए शर्त यह थी कि उन्हें हर दिन चर्च में जाकर प्रार्थना करनी होगी। 

इराना ने इस बारे में विस्तार से बताते हुए कहा, “ईसाई धर्म में धर्मांतरण के बारे में भी बातचीत हुई। मैं यीशु को स्वीकार करने के लिए दृढ़ था, क्योंकि अस्पताल के अधिकारियों ने मेरे बेटे के सभी चिकित्सा खर्चों का जिम्मा लेने का वादा किया था।” बता दें कि इराना का एक बेटा और 2 बेटियाँ हैं। 

हालाँकि, कर्नाटक के बीजापुर जिले में BLDE एसोसिएशन ने थैलेसीमिया से पीड़ित उनके तीन साल के बेटे का इलाज के लिए इराना की मदद करने के लिए आगे आया है। संस्था ने इराना और उनके परिवार को उनके बेटे का मुफ्त इलाज कराकर उन्हें ईसाई धर्म अपनाने से रोका। परिवार ने अब ईसाई धर्म अपनाने की योजना छोड़ दी है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कानपुर वाला गुटखा खाकर करेंगे विज्ञापन, कमाएँगे पैसे… मीडिया को बोलेंगे कि बॉलीवुड अफोर्ड नहीं कर सकता: महेश बाबू को इसलिए पड़ रही गाली

महेश बाबू पिछले साल पान मसाला के विज्ञापन का हिस्सा बने थे। नेटिजन्स ने अब उन पर हमला बोलते हुए उसी ऐड को फिर से वायरल करना शुरू कर दिया है।

ज्ञानवापी की वो जगह, जहाँ नहीं हो सका सर्वे: 72*30*15 फीट है मलबा और 15 फीट की दीवार का घेरा, हिंदू पक्ष ने कहा-...

ज्ञानवापी विवादित ढाँचे से शिवलिंग मिलने के बाद हिंदू पक्ष में जहाँ खुशी की लहर है। वहीं मुस्लिम पक्ष का कहना है कि सांप्रदायिक उन्माद रचने की साजिश कहा है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
186,313FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe