Thursday, May 13, 2021
Home देश-समाज 70-80% प्रॉफिट के बावजूद अरुणाचल प्रदेश के लोगों ने चीनी उत्पादों का किया पूर्ण...

70-80% प्रॉफिट के बावजूद अरुणाचल प्रदेश के लोगों ने चीनी उत्पादों का किया पूर्ण बहिष्कार: रिपार्ट

चीन के साथ सीमा साझा कर रहे जिले में चीन से लगभग 10 लाख रुपए का समान हर महीने इम्पोर्ट होता था और विक्रेता उससे 50 प्रतिशत के मार्जिन पर कमाते थे। वहीं चीन के बहिष्कार के फैसले से विक्रेताओं के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी अधिक धन खर्च करना पड़ रहा है। ज्यादा पैसे खर्च होने के बावजूद लोग इससे हतोत्साहित नहीं हैं।

अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले में रहने वाले लोगों ने देश और भारतीय सेना के साथ एकजुटता में खड़े होकर चीनी उत्पादों का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया है। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, LAC पर गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच हुए झड़पों के बाद से जिले के स्थानीय लोगों ने सभी चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने का फैसला किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, चीन के साथ सीमा साझा कर रहे जिले में चीन से लगभग 10 लाख रुपए का समान हर महीने इम्पोर्ट होता था और विक्रेता उससे 50 प्रतिशत के मार्जिन पर कमाते थे। वहीं चीन के बहिष्कार के फैसले से विक्रेताओं के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी अधिक धन खर्च करना पड़ रहा है क्योंकि चीनी उत्पाद सस्ते दामों पर उपलब्ध होते थे। ज्यादा पैसे खर्च होने के बावजूद लोग इससे हतोत्साहित नहीं हैं।

बता दें जिन उत्पादों को चीन से आयात किया जाता था उनमें शराब, कॉस्मेटिक आइटम, सिगरेट और खिलौने शामिल थे।

न्यू मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष न्यालुक डोनी कहते हैं, “चीनी उत्पादों का बहिष्कार किए लगभग दो महीने हो गए हैं। ग्राहकों और ओल्ड मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से दो महीने से चीनी उत्पादों का बहिष्कार किया हुआ है। इससे पहले, चीनी उत्पाद आसानी से उपलब्ध थे और हमें उसमें लगभग 70-80 प्रतिशत मार्जिन मिलता हैं। जब हम भारतीय उत्पाद बेचते हैं तो हमारा लाभ 10-15 प्रतिशत होता है। लेकिन हमें भारतीय उत्पादों को ही बेचने का फैसला करना होगा।” चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने के बाद इसे विक्रेता और ग्राहकों दोनों द्वारा सख्ती से पालन किया जा रहा है, भले ही इसके लिए उन्हें अधिक पैसा क्यों न खर्च करना पड़े।

गौरतलब है कि कुछ महीनों से दोनों देशों के बीच संबंध काफी खराब हुए हैं। चीन के खिलाफ व्यापक राष्ट्रीय प्रतिक्रिया में नागरिक अपने अपने तरीके से योगदान दे रहे हैं। इस साल जून में एलएसी के साथ गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सेना के बीच हिंसक झड़प हुई थीं। इस खूनी झड़प में दोनों पक्षों को हताहत होना पड़ा था। फिलहाल अभी भी एलएसी पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘इजरायल पर शाहीन मिसाइल दागो… ‘क़िबला-ए-अव्वल’ (अल-अक्सा मस्जिद) को आजाद करो’: इमरान खान पर दबाव

एक पाकिस्तानी नागरिक इस बात से परेशान है कि जब देश का प्रधानमंत्री भी सिर्फ ट्वीट ही करेगा तो फिर परमाणु शक्ति संपन्न देश होने का क्या फायदा।

जहाँ CISF पर हमला-BJP वर्करों की हत्या, उस कूच बिहार में बंगाल के गवर्नर: असम भी जाएँगे, ममता नाराज

राज्यपाल हिंसा प्रभावित इलाकों का जायजा लेंगे। हिंसा के कारण असम के शिविरों में रह रहे लोगों से भी मुलाकात करेंगे।

कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों को शिवराज सरकार देगी ₹5000 प्रति माह, फ्री शिक्षा और राशन भी

शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों को मध्य प्रदेश सरकार हर माह 5000 रुपए देगी।

बंगाल-असम में कॉन्ग्रेस की हार ISF और AIUDF के कारण: CWC मीटिंग में हार का ठीकरा गठबंधन पार्टियों पर

CWC की बैठक में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष के चुनाव पर भी बात हुई। कुछ लोगों ने दोबारा से राहुल गाँधी को ही कॉन्ग्रेस अध्यक्ष बनाने की बात कही।

कोरोना काल में पत्र लेखन प्रधान राजनीतिक चालें और विरोध की संस्कृति

जबसे तीसरे चरण के टीकाकरण की घोषणा हुई है, कोविड के विरुद्ध देश की लड़ाई में राजनीतिक दखल ने एक अलग ही रूप ले लिया है।

इजरायल में सौम्या की मौत पर केरल CM की श्रद्धांजलि… फिर किया पोस्ट एडिट: BJP ने लगाया ‘कट्टरपंथियों’ से डरने का आरोप

इजरायल में हमास के हमले में सौम्या की मौत के बाद केरल की राजनीति में उबाल, बीजेपी ने लेफ्ट, कॉन्ग्रेस पर लगाया कट्टरपंथियों से डरने का आरोप

प्रचलित ख़बरें

इजरायल पर इस्लामी गुट हमास ने दागे 480 रॉकेट, केरल की सौम्या सहित 36 की मौत: 7 साल बाद ऐसा संघर्ष

फलस्तीनी इस्लामी गुट हमास ने इजरायल के कई शहरों पर ताबड़तोड़ रॉकेट दागे। गाजा पट्टी पर जवाबी हमले किए गए।

इजरायल पर हमास के जिहादी हमले के बीच भारतीय ‘लिबरल’ फिलिस्तीन के समर्थन में कूदे, ट्विटर पर छिड़ा ‘युद्ध’

अब जब इजरायल राष्ट्रीय संकट का सामना कर रहा है तो जहाँ भारतीयों की तरफ से इजरायल के साथ खड़े होने के मैसेज सामने आ रहे हैं, वहीं कुछ विपक्ष और वामपंथी ने फिलिस्तीन के साथ एक अलग रास्ता चुना है।

इजरायल का आयरन डोम आसमान में ही नष्ट कर देता है आतंकी संगठन हमास का रॉकेट: देखें Video

इजरायल ने फलस्तीनी आतंकी संगठन हमास द्वारा अपने शहरों को निशाना बनाकर दागे गए रॉकेट को आयरन डोम द्वारा किया नष्ट

फिलिस्तीनी आतंकी ठिकाने का 14 मंजिला बिल्डिंग तबाह, ईद से पहले इजरायली रक्षा मंत्री ने कहा – ‘पूरी तरह शांत कर देंगे’

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “ये केवल शुरुआत है। हम उन्हें ऐसे मारेंगे, जैसा उन्होंने सपने में भी न सोचा हो।”

66 साल के शख्स की 16 बेगमें, 151 बच्चे, बताया- ‘पत्नियों को संतुष्ट करना ही मेरा काम’

जिम्बाब्वे के एक 66 वर्षीय शख्स की 16 पत्नियाँ और 151 बच्चे हैं और उसकी ख्वाहिश मरने से पहले 100 शादियाँ करने की है।

बांग्लादेश: हिंदू एक्टर की माँ के माथे पर सिंदूर देख भड़के कट्टरपंथी, सोशल मीडिया में उगला जहर

बांग्लादेश में एक हिंदू अभिनेता की धार्मिक पहचान उजागर होने के बाद इस्लामिक लोगों ने अभिनेता के खिलाफ सोशल मीडिया में उगला जहर
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,373FansLike
93,110FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe