Homeदेश-समाजकॉन्ग्रेस नेता नूरी खान ने पूछा- यूनुस मुल्ला की गिरफ्तारी क्यों?: अभिषेक दुबे बन...

कॉन्ग्रेस नेता नूरी खान ने पूछा- यूनुस मुल्ला की गिरफ्तारी क्यों?: अभिषेक दुबे बन महाकाल मंदिर में घुसा था, भस्म आरती में सबसे आगे बैठा था

इस मामले में ठीक से सुरक्षा जाँच न कर पाने वाले मंदिर के 3 गार्डों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। गार्डों पर बिना रसीद के कुछ लोगों को VIP गेट से इंट्री करवाने का भी आरोप है। इसी के साथ अनुमति बनाने वाले पुजारी गणेश नारायण शर्मा को भी नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे का समय दिया गया है। यदि मंदिर प्रशासन उनके जवाब से संतुष्ट नहीं होता है तो उनकी भी सेवा समाप्त की जा सकती है।

मध्य प्रदेश के उज्जैन (Ujjain) स्थित महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) की भस्म आरती में बुधवार (15 दिसंबर 2021) को फर्जी आईडी (Fake ID) के सहारे घुसे यूनुस मुल्ला को जेल भेज दिया गया है। यूनुस मुल्ला की हिन्दू प्रेमिका खुशबू ने अपने भाई के आईडी पर उसे मंदिर में घुसने में मदद की थी। अभिषेक दुबे नाम से मौजूद मुल्ला पर शक तब हुआ, जब उसे मंत्र पढ़ने में समस्या होते लोगों ने देखा। इसके बाद उसका चेहरा उसके पहचान पत्र से मिलान करवाया गया। तब आखिरकार उसका भेद खुल ही गया। वहीं, इस मामले में मध्य प्रदेश महिला कॉन्ग्रेस की वरिष्ठ उपाध्यक्ष नूरी खान ने इस पर राजनीति शुरू कर दी।

नूरी खान ने मुल्ला की गिरफ्तारी पर हैरानी जताते हुए ट्वीट किया है, साथ ही उज्जैन पुलिस से सवाल भी किया है। नूरी खान ने ट्वीट में कहा, “मंदिर प्रशासन के ऐसे कोई भी नियम नहीं हैं कि मुस्लिम मंदिर में प्रवेश ना कर सके। उसके बावजूद यूसुफ़ मुल्ला की गिरफ़्तारी हैरत की बात है। @UjjainPolice जवाब दे कि किस आधार पर प्रकरण दर्ज किया गया है!”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरती के दौरान यूनुस ठीक से हिन्दू विधि विधान के अनुसार हरकत नहीं कर रहा था। वह मंत्र भी नहीं पढ़ पा रहा था। ऐसे में उन दोनों को पकड़ कर मंदिर परिसर में बनी पुलिस चौकी को सौंप दिया गया था। पूछताछ में उसने सब कुछ सच-सच उगल दिया। इस मामले में ठीक से सुरक्षा जाँच न कर पाने वाले मंदिर के 3 गार्डों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। गार्डों पर बिना रसीद के कुछ लोगों को VIP गेट से इंट्री करवाने का भी आरोप है। इसी के साथ अनुमति बनाने वाले पुजारी गणेश नारायण शर्मा को भी नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे का समय दिया गया है। यदि मंदिर प्रशासन उनके जवाब से संतुष्ट नहीं होता है तो उनकी भी सेवा समाप्त की जा सकती है।

FIR Copy

आरोपित पर धारा 419, 420 IPC के साथ मध्यप्रदेश श्रीमहाकालेश्वर मंदिर अधिनियम 1982 की धारा 37(छ) के तहत कार्रवाई की गई है। इस केस की विवेचना सब इंस्पेक्टर राजेंद्र जाधव कर रहे हैं। गौरतलब है कि मोहम्मद यूनुस मुल्ला मूल रूप से कर्नाटक का निवासी है। आरोपित औ उसकी प्रेमिका मुंबई में रहते हैं। खुशबू और यूनुस मुल्ला मंदिर के पास एक होटल में गए थे। वहाँ दोनों ने अपना-अपना आईडी दिया, जिसके बाद लव जिहाद के आशंका में होटल वालों ने पुलिस को खबर कर दी। हालाँकि, पुलिस ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। खुद को फैशन डिजायनर बताते हुए खुशबू ने यूनुस को अपना वर्कर बताया है। खुशबू ने यूनुस की इंट्री अपना भाई अभिषेक दुबे बता कर करवाई थी। इस बीच उज्जैन पुलिस ने खुशबू के माता पिता को बुला कर उनकी बेटी को उनके सुपुर्द कर दिया है। CSP पल्लवी शुक्ला ने इसकी पुष्टि की है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -