Tuesday, April 13, 2021
Home देश-समाज '...वो गाली नहीं, लोकतंत्र में आलोचना होगी ही': उद्धव ठाकरे के खिलाफ ट्वीट करने...

‘…वो गाली नहीं, लोकतंत्र में आलोचना होगी ही’: उद्धव ठाकरे के खिलाफ ट्वीट करने वाली महिला की याचिका पर बॉम्बे HC

"सिर्फ एक शब्द का प्रयोग करना आपत्तिजनक नहीं हो जाता। सुनैना ने एक विशेषण का प्रयोग किया था, जो गाली नहीं है बल्कि 'Foolish Emotions' को दर्शाता है।"

बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि एक लोकतंत्र में न्यायपालिका की भी आलोचना की जा सकती है और उसे इसके लिए तैयार रहना चाहिए। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि ‘अदालत की अवमानना’ एकदम अंतिम उपाय या हथियार होना चाहिए। मंगलवार (दिसंबर 15, 2020) को एक महिला सुनैना होली द्वारा दायर की गई याचिका पर टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने ये कहा। महिला को उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य के खिलाफ ट्वीट्स करने पर गिरफ्तार किया गया था।

पीड़िता सुनैना होली अपने खिलाफ मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज की गई FIR को रद्द करवाने के लिए कोर्ट पहुँची थीं। जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस एमएस कार्णिक की पीठ ने कहा कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को पता है कि आलोचना होने वाली है। ‘अदालत की अवमानना’ को कोर्ट ने अंतिम हथियार करार दिया और साथ ही जजों ने इसे अपनी व्यक्तिगत राय भी बताया। सुनैना के वकील अभिनव चंद्रचूड़ ने दलील दी कि FIR में कोई अपराध साबित नहीं किया जा सका है।

उन्होंने कहा कि सुनैना ने एक विशेषण का प्रयोग किया था, जो गाली नहीं है बल्कि ‘Foolish Emotions’ को भी दर्शाता है। उन्होंने दलील दी कि सिर्फ एक शब्द का प्रयोग करना आपत्तिजनक नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में जिसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है, उसे और ज्यादा अटेंशन मिल जाता है। उन्होंने उदाहरण दिया कि हाल ही में एक कॉमेडियन के खिलाफ एक्शन लिया गया, अगर ये नहीं होता तो शायद ही किसी को कुछ पता चलता।

इस पर पीठ ने उन्हें टोका कि ये कॉमेडियन वाला मामला फ़िलहाल सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीन है। कोर्ट ने कहा कि सभी चीजें नहीं पढ़ी जातीं और इस मामले के विवरण पढ़ने के लिए समय भी नहीं है। महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार के वकील मनोज मोहिते ने कहा कि आपत्तिजनक ट्वीट्स और टिप्पणियाँ करने वालों के उद्देश्य को देखा जाना चाहिए। HC बेंच ने FOE (अभिव्यक्ति की आजादी) के अधिकार की बात करते हुए कहा कि दूसरों के अधिकारों का अतिक्रमण किए बिना इसका प्रयोग किया जाना चाहिए।

साथ ही याद दिलाया कि इस मूलभूत अधिकार की सुरक्षा के लिए राजनेता, न्यायपालिका, मीडिया और सार्वजनिक ज़िंदगी में जो भी हैं – वो सभी जिम्मेदार हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि भारत में सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले ऐसी आदिवासी समुदाय भी हैं, जिन्हें अपने मूलभूत अधिकारों का पता तक नहीं और उन तक इसे लेकर जागरूकता फैलाना प्रशासन के लिए कठिन कार्य है। कोर्ट ने कहा कि 130 करोड़ के इस देश में हमें बचपन से ही सहिष्णुता के बारे में पढ़ाया जाता रहा है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा,

“हमारे देश में हमें अपने समाज की तरफ देखने की ज़रूरत है। जनसंख्या और सामाजिक संरचनाओं को देखिए। जो विदेशी यहाँ यात्रा करने आते हैं, वो हमारे देश की समरसता को देख कर आश्चर्यचकित हो जाते हैं। दूसरे देशों से सहिष्णुता को लेकर तुलना कीजिए और देखिए यहाँ कैसे 130 करोड़ लोग साथ मिलजुल कर रह रहे हैं। ये कोई मजाक नहीं है, ये आसान नहीं है। ये सहिष्णुता श्रेयस्कर है।”

गुरुवार (दिसंबर 17, 2020) को अदालत फिर से इस मामले को सुनेगी। वकील चंद्रचूड़ ने यूएस सुप्रीम कोर्ट का आँकड़ा देते हुए कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट के जज 1 दिन में उतने मामले सुन लेते हैं, जितना अमेरिका का सुप्रीम कोर्ट 1 वर्ष में सुनता है। उन्होंने कहा कि FIR कोई इनसाइक्लोपीडिया नहीं होता है। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति पीएम का भी नाम लेता है तो पीएम एक पद है, आलोचना के लिए खुला है।

इससे पहले बॉम्बे HC ने इसी मामले में कहा था कि पूरे समाज के अधिकारों और व्यक्तिगत अधिकारों के बीच लोगों को संतुलन बनाना ही पड़ेगा। उसने उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे से जुड़े मामले में सुनवाई करते हुए पूछा कि क्या उन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जो ट्विटर पर कुछ आपत्तिजनक लिखेंगे। सुनैना द्वारा पोस्ट की गई 3 ट्वीट के आधार पर महाराष्ट्र पुलिस ने 3 अलग-अलग FIR दर्ज की थी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मरकज से कुम्भ की तुलना पर CM तीरथ सिंह ने दिया ‘लिबरलों’ को करारा जवाब, कहा- एक हॉल और 16 घाट, इनकी तुलना कैसे?

हरिद्वार में चल रहे कुंभ की तुलना तबलीगी जमात के मरकज से करने वालों को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने करारा जवाब दिया है।

यूपी पंचायत चुनाव लड़ रहे एक प्रत्याशी के घर से भारी मात्रा समोसे-जलेबी की जब्ती, दक्षिण भारत में छिड़ा घमासान

क्या ज़माना आ गया है। चुनाव के मौसम में छापे मारने पर समोसे और जलेबियाँ बरामद हो रही हैं! जब ज़माना अच्छा था और सब ख़ुशी से जीवनयापन करते थे तब चुनावी मौसम में पड़ने वाले छापे में शराब जैसे चुनावी पेय पदार्थ बरामद होते थे।

100 करोड़ की वसूली के मामले में अनिल देशमुख को CBI का समन, 14 अप्रैल को होगी ‘गहन पूछताछ’

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 100 करोड़ रुपए की वसूली मामले में पूछताछ के लिए समन जारी किया है। उन्हें 14 अप्रैल को जाँच एजेंसी के सामने पेश होना पड़ेगा।

आंध्र या कर्नाटक… कहाँ पैदा हुए रामभक्त हनुमान? जन्म स्थान को लेकर जानें क्यों छिड़ा है नया विवाद

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) द्वारा गठित एक विशेषज्ञ पैनल 21 अप्रैल को इस मामले पर अपनी रिपोर्ट सौंप सकता है। पैनल में वैदिक विद्वानों, पुरातत्वविदों और एक इसरो वैज्ञानिक भी शामिल हैं।

‘गुस्ताख-ए-नबी की इक सजा, सर तन से जुदा’: यति नरसिंहानंद के खिलाफ मुस्लिम बच्चों ने लगाए नारे, वीडियो वायरल

डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद के खिलाफ सोमवार को मुस्लिम बच्चों ने 'सर तन से जुदा' के नारे लगाए। पिछले हफ्ते आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान ने अपने ट्विटर अकाउंट पर महंत की गर्दन काट देने की बात की थी।

कुम्भ और तबलीगी जमात के बीच ओछी समानता दिखाने की लिबरलों ने की जी-तोड़ कोशिश, जानें क्यों ‘बकवास’ है ऐसी तुलना

हरिद्वार में चल रहे कुंभ की दुर्भावनापूर्ण इरादे के साथ सोशल मीडिया पर सेक्युलरों ने कुंभ तुलना निजामुद्दीन मरकज़ के तबलीगी जमात से की है। जबकि दोनों ही घटनाओं में मूलभूत अंतर है।

प्रचलित ख़बरें

राजस्थान: छबड़ा में सांप्रदायिक हिंसा, दुकानों को फूँका; पुलिस-दमकल सब पर पत्थरबाजी

राजस्थान के बारां जिले के छाबड़ा में सांप्रदायिक हिसा के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया गया है। चाकूबाजी की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने...

बंगाल: मतदान देने आई महिला से ‘कुल्हाड़ी वाली’ मुस्लिम औरतों ने छीना बच्चा, कहा- नहीं दिया तो मार देंगे

वीडियो में तृणमूल कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता को उस पीड़िता को डराते हुए देखा जा सकता है। टीएमसी नेता मामले में संज्ञान लेने की बजाय महिला पर आरोप लगा रहे हैं और पुलिस अधिकारी को उस महिला को वहाँ से भगाने का निर्देश दे रहे हैं।

SHO बेटे का शव देख माँ ने तोड़ा दम, बंगाल में पीट-पीटकर कर दी गई थी हत्या: आलम सहित 3 गिरफ्तार, 7 पुलिसकर्मी भी...

बिहार पुलिस के अधिकारी अश्विनी कुमार का शव देख उनकी माँ ने भी दम तोड़ दिया। SHO की पश्चिम बंगाल में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

जुमे की नमाज के बाद हिफाजत-ए-इस्लाम के कट्टरपंथियों ने हिंसा के लिए उकसाया: हमले में 12 घायल

मस्जिद के इमाम ने बताया कि उग्र लोगों ने जुमे की नमाज के बाद उनसे माइक छीना और नमाजियों को बाहर जाकर हिंसा का समर्थन करने को कहने लगे। इसी बीच नमाजियों ने उन्हें रोका तो सभी हमलावरों ने हमला बोल दिया।

‘हमें बार-बार जाना पड़ता है, वो वॉशरूम कब जाती हैं’: साक्षी जोशी का PK से सवाल- क्या है ममता बनर्जी का टॉयलेट शेड्यूल

क्लबहाउस पर बातचीत में ‘स्वतंत्र पत्रकार’ साक्षी जोशी ने ममता बनर्जी की शौचालय की दिनचर्या के बारे में उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से पूछताछ की।

बालाघाट में यति नरसिंहानंद के पोस्टर लगाए, अपशब्दों का इस्तेमाल: 4 की गिरफ्तारी पर भड़की ओवैसी की AIMIM

बालाघाट पुलिस ने यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ पोस्टर लगाने के आरोप में मतीन अजहरी, कासिम खान, सोहेब खान और रजा खान को गिरफ्तार किया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,165FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe