Friday, January 22, 2021
Home देश-समाज 'नीतीश कुमार, आपको समय क्षमा नहीं करेगा': 11 माँगों के साथ बिहार के 4.5...

‘नीतीश कुमार, आपको समय क्षमा नहीं करेगा’: 11 माँगों के साथ बिहार के 4.5 लाख शिक्षक हड़ताल पर

"बिहार में पिछले 25 दिनों से लगभग साढ़े चार लाख शिक्षक हड़ताल पर हैं। राज्य के सारे प्राथमिक विद्यालयों के करोड़ों बच्चों की शिक्षा बाधित है। सरकार चुप है। कहीं कोई सुगबुगाहट नहीं। शिक्षकों की माँगें कितनी जायज या नाजायज हैं, इसका निर्णय तब होगा जब सरकार उनके प्रतिनिधियों से बात करे। पर अबतक कोई वार्ता नहीं हुई है।"

बिहार में कुल मिला कर लगभग साढ़े चार लाख शिक्षक हैं जो नियोजित हैं। इनका वेतन वेतन लगभग 25-30 हजार रुपए के क़रीब है। इनके अलावा लगभग दस हजार पुराने शिक्षक हैं, जिनका वेतन 85-90 हजार रुपए है। फिलहाल नियोजित शिक्षक पूर्ण हड़ताल में हैं। स्कूल पूरी तरह बंद हैं। पिछली बार 2015 मे भी शिक्षकों ने सेवा शर्त नियमावली के लिए हड़ताल किया था तब सरकार ने दो महीने में ही सेवा शर्त नियमावली लागू करने का वादा किया था। ये अब तक पूरा नहीं हुआ। शिक्षक आक्रोश में हैं।

बिहार एकमात्र राज्य हैं जहाँ TET पास कर के आए अभ्यर्थियों का भी नियोजन शिक्षामित्रों की तरह पंचायत द्वारा अल्प वेतन पर कराया गया। आज वे शिक्षमित्रों से जूनियर हैं। बिहार में 2002, 2005, 2007, 2009, 2011, 2013-14 में शिक्षक नियोजन हुआ। सन 2002 और 2005 में 1500 के वेतन पर मात्र 11 महीने के लिए शिक्षकों का नियोजन हुआ था। 2006 में उन सब को परमानेंट कर दिया गया और उनका नियत वेतन 5000 रुपए हो गया। फिर धीरे धीरे बढ़ते बढ़ते वेतन 9000 तक हुआ। 2015 में सरकार ने उन्हें एक 5200-20200 का अधूरा वेतनमान दिया, जो अब तक दिया जा रहा है। जो लड़के TET पास कर के आए, उन्हें भी इसी वेतनमान के अधीन रखा गया।

अब आक्रोशित शिक्षक पुराने शिक्षकों वाला वेतनमान माँग रहे हैं। पटना हाईकोर्ट ने अक्टूबर 31, 2017 को शिक्षकों के पक्ष में निर्णय भी दिया था। लेकिन, सरकार सुप्रीम को र्टगई और वहाँ निर्णय बदल दिया गया। आम लोगों में एक मत यह भी है कि शिक्षक मन से काम नहीं करते, और अधिकांश अयोग्य हैं। जब ऑपइंडिया ने कुछ प्रदर्शनकारी शिक्षकों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि यह कुछ हद तक सही भी है, पर इसके लिए पूरी व्यवस्था को ठप नहीं किया जा सकता। उनसे काम कराना सरकार की जिम्मेवारी है। उनका कहना है कि काम न करने के लिए केवल शिक्षक दोषी नहीं, सरकार भी दोषी है।

कहा जा रहा है कि शिक्षा विभाग को सबसे अधिक मध्याह्न भोजन ने प्रभावित किया है। शिक्षकों का कहना है कि हेडमास्टर उसी के संचालन में रह जाते हैं, निरीक्षण करने आए अधिकारी भी वही जाँच करते हैं क्योंकि वहीं से ‘माल’ निकलता है। इस चक्कर मे पठन-पाठन व्याधित हो रहा है। शिक्षकों बताते हैं कि जब तक मध्याह्न भोजन को हेडमास्टर से अलग नहीं किया जाता, कोई उपाय नहीं।

शिक्षकों की 11 माँगें

प्राइमरी स्कूल में कार्यरत सर्वेश तिवारी ने अपने फेसबुक पोस्ट में इस समस्या पर बात करते हुए लिखा:

“बिहार में पिछले 25 दिनों से लगभग साढ़े चार लाख शिक्षक हड़ताल पर हैं। राज्य के सारे प्राथमिक विद्यालयों के करोड़ों बच्चों की शिक्षा बाधित है। सरकार चुप है। कहीं कोई सुगबुगाहट नहीं। शिक्षकों की माँगें कितनी जायज या नाजायज हैं, इसका निर्णय तब होगा जब सरकार उनके प्रतिनिधियों से बात करे। पर अबतक कोई वार्ता नहीं हुई है।”

“कितना अजीब है न! सरकारें शिक्षा जैसे विषय पर इतनी उदासीन कैसे हो सकती हैं? शिक्षकों की माँगों से असहमति हो सकती है, पर छात्रों के भविष्य से नहीं होनी चाहिए। शिक्षकों की कुल 11 माँगें हैं। उनमें एक माँग देख लीजिए। सन 2005 में कुछ लड़कियों की शिक्षक के पद पर अपने गाँव में नियुक्ति हुई। बाद में चालीस किलोमीटर दूर किसी गाँव में उनका विवाह हो गया। विवाह हुए चौदह-पन्द्रह वर्ष हो गए, पर वह शिक्षिका कभी दस दिन ससुराल नहीं रही। कैसे रहे? नौकरी तो मायके के गाँव में है, और स्थानांतरण की व्यवस्था नहीं है। आप अंदाजा लगाइए कि उसका जीवन कितना नरक बन गया होगा।”

धरने पर बैठे आक्रोशित नियोजित शिक्षक

उन्होंने आगे लिखा:

“पाँच साल पहले सरकार ने कहा था कि दो महीने में ही हम सेवा शर्त नियमावली ला देंगे। शिक्षकों के पाँच वर्ष बीत गए पर सरकार के दो महीने पूरे नहीं हुए। यह है सरकार! शिक्षक कुछ और नहीं माँग रहे, यही सेवा शर्त नियमावली माँग रहे हैं। शिक्षक स्वाभिमान की लड़ाई लड़ रहे हैं। शिक्षक सरकार की उस मानसिकता के विरुद्ध लड़ रहे हैं जिसके कारण सरकार हमेशा यह कह देती है कि शिक्षक हमारे राज्यकर्मी नहीं है। तनिक सोचिए तो, यदि शिक्षक सचमुच राज्यकर्मी नहीं हैं, तो सरकार कितनी असंवैधानिक है जो शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्य में भी अपने कर्मी नहीं रखी है।”

सर्वेश कुमार तिवारी का फेसबुक लेख

इसी पर बात करते हुए उन्होंने आगे बताया:

“शिक्षक सरकार की इसी नीचता के विरुद्ध लड़ रहे हैं। सरकार कह रही है कि हम वेतन बढ़ा देते हैं, पर शिक्षकों से बात नहीं करेंगे। सच पूछिए तो सरकार की इसी तानाशाही के विरुद्ध लड़ रहे हैं शिक्षक। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तानाशाही को केवल शिक्षक ही नहीं देख रहे, समय देख रहा है। अपने पन्द्रह वर्ष के कार्यकाल में उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को तो लगभग लगभग मार ही दिया है। उन्हें समय शायद ही क्षमा करे।”

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चीनी माल जैसा चीन की कोरोना वैक्सीन का असर? मीडिया के सहारे साख बचाने का खतरनाक खेल

चीन की कोरोना वैक्सीन के असर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लेकिन वह इससे जुड़े डाटा साझा करने की बजाए बरगलाने की कोशिश कर कर रहा है।

मोदी सरकार का 1.5 साल वाला प्रस्ताव भी किसान संगठनों को मंजूर नहीं, कृषि कानूनों को रद्द करने पर अड़े

किसान नेताओं ने अपने निर्णय में कहा है कि नए कृषि कानूनों के डेढ़ साल तक स्‍थगित करने के केंद्र सरकार के प्रस्‍ताव को किसान संगठनों ने खारिज कर दिया है। संयुक्‍त किसान मोर्चा ने बयान जारी कर बताया कि तीनों कृषि कानून पूरी तरह रद्द हों।
00:31:45

तांडव: घृणा बेचो, माफी माँगो, सरकार के लिए सब चंगा सी!

यह डर आवश्यक है, क्रिएटिव फ्रीडम कभी भी ऑफेंसिव नहीं होता, क्योंकि वो सस्ता तरीका है। अभी तक चल रहा था, तो क्या आजीवन चलने देते रहें?

कहाँ गए दिल्ली जल बोर्ड के ₹26,000 करोड़: केजरीवाल सरकार पर करप्शन का बड़ा आरोप

दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर BJP ने जल बोर्ड के 26 हजार करोड़ रुपए डकारने का आरोप लगाया है।

सीरम इंस्टीट्यूट में 5 जलकर मरे: कोविड वैक्सीन सुरक्षित, लोग जता रहे साजिश की आशंका

सीरम इंस्टीट्यूट में लगी इस आग ने अचानक लोगों के मन में संदेह को पैदा कर दिया है। लोग आशंका जता रहे हैं कि कहीं ये सब जानबूझकर तो नहीं किया गया।

1277 करोड़ रुपए की कंपनी: इंडियन कैसे करते हैं पखाना (पॉटी), देते हैं इसकी ट्रेनिंग और प्रोडक्ट

इंडिया के लोग पखाना कैसे करते हैं? आप बोलेंगे बैठ कर! लेकिन किसी के लिए यही सामान्य सा ज्ञान बिजनस बन गया और...

प्रचलित ख़बरें

‘उसने पैंट से लिंग निकाला और मुझे फील करने को कहा’: साजिद खान पर शर्लिन चोपड़ा ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

अभिनेत्री-मॉडल शर्लिन चोपड़ा ने फिल्म मेकर फराह खान के भाई साजिद खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

‘अल्लाह का मजाक उड़ाने की है हिम्मत’ – तांडव के डायरेक्टर अली से कंगना रनौत ने पूछा, राजू श्रीवास्तव ने बनाया वीडियो

कंगना रनौत ने सीरीज के मेकर्स से पूछा कि क्या उनमें 'अल्लाह' का मजाक बनाने की हिम्मत है? उन्होंने और राजू श्रीवास्तव ने अली अब्बास जफर को...

Pak ने शाहीन-3 मिसाइल टेस्ट फायर किया, हुए कई घर बर्बाद और सैकड़ों घायल: बलूच नेता का ट्वीट, गिरना था कहीं… गिरा कहीं और!

"पाकिस्तान आर्मी ने शाहीन-3 मिसाइल को डेरा गाजी खान के राखी क्षेत्र से फायर किया और उसे नागरिक आबादी वाले डेरा बुगती में गिराया गया।"

‘कोहली के बिना इनका क्या होगा… ऑस्ट्रेलिया 4-0 से जीतेगा’: 5 बड़बोले, जिनकी आश्विन ने लगाई क्लास

अब जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर ही ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दिया है, आइए हम 5 बड़बोलों की बात करते हैं। आश्विन ने इन सबकी क्लास ली है।

ढाई साल की बच्ची का रेप-मर्डर, 29 दिन में फाँसी की सजा: UP पुलिस और कोर्ट की त्वरित कार्रवाई

अदालत ने एक ढाई साल की बच्ची के साथ रेप और हत्या के दोषी को मौत की सजा सुनाई है। UP पुलिस की कार्रवाई के बाद यह फैसला 29 दिन के अंदर सुनाया गया है।

मटन-चिकेन-मछली वाली थाली 1 घंटे में खाइए, FREE में ₹1.65 लाख की बुलेट ले जाइए: पुणे के होटल का शानदार ऑफर

पुणे के शिवराज होटल ने 'विन अ बुलेट बाइक' नामक प्रतियोगिता के जरिए निकाला ऑफर। 4 Kg की थाली को ख़त्म कीजिए और बुलेट बाइक घर लेकर जाइए।
- विज्ञापन -

 

चीनी माल जैसा चीन की कोरोना वैक्सीन का असर? मीडिया के सहारे साख बचाने का खतरनाक खेल

चीन की कोरोना वैक्सीन के असर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लेकिन वह इससे जुड़े डाटा साझा करने की बजाए बरगलाने की कोशिश कर कर रहा है।

मोदी सरकार का 1.5 साल वाला प्रस्ताव भी किसान संगठनों को मंजूर नहीं, कृषि कानूनों को रद्द करने पर अड़े

किसान नेताओं ने अपने निर्णय में कहा है कि नए कृषि कानूनों के डेढ़ साल तक स्‍थगित करने के केंद्र सरकार के प्रस्‍ताव को किसान संगठनों ने खारिज कर दिया है। संयुक्‍त किसान मोर्चा ने बयान जारी कर बताया कि तीनों कृषि कानून पूरी तरह रद्द हों।
00:31:45

तांडव: घृणा बेचो, माफी माँगो, सरकार के लिए सब चंगा सी!

यह डर आवश्यक है, क्रिएटिव फ्रीडम कभी भी ऑफेंसिव नहीं होता, क्योंकि वो सस्ता तरीका है। अभी तक चल रहा था, तो क्या आजीवन चलने देते रहें?

ट्रक ड्राइवर से माफिया बने बदन सिंह बद्दो की कोठी पर चला योगी सरकार का बुलडोजर, दो साल से है फरार

मोस्ट वांटेड अपराधी ढाई लाख के इनामी बदन सिंह बद्दो की अलीशान कोठी पर योगी सरकार ने बुल्डोजर चलवा दिया। पुलिस ने बद्दो की संपत्ति कुर्क करने के बाद कोठी को जमींदोज करने की बड़ी कार्रवाई की है।

‘कोवीशील्ड’ बनाने वाली कंपनी के दूसरे हिस्से में भी आग, जलकर मरे लोगों को सीरम देगी ₹25 लाख

कोवीशील्ड बनाने वाली सीरम के पुणे प्लांट में दोबारा आग लगने की खबर है। दोपहर में हुई दुर्घटना में 5 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

तांडव के डायरेक्टर-राइटर के घर पर ताला, प्रोड्यूसर ने ऑफिस छोड़ा: UP पुलिस ने चिपकाया नोटिस

लखनऊ में दर्ज शिकायत को लेकर यूपी पुलिस की टीम मुंबई में तांडव के डायरेक्टर और लेखक के घर तथा प्रोड्यूसर के दफ्तर पहुॅंची।

कहाँ गए दिल्ली जल बोर्ड के ₹26,000 करोड़: केजरीवाल सरकार पर करप्शन का बड़ा आरोप

दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर BJP ने जल बोर्ड के 26 हजार करोड़ रुपए डकारने का आरोप लगाया है।

सीरम इंस्टीट्यूट में 5 जलकर मरे: कोविड वैक्सीन सुरक्षित, लोग जता रहे साजिश की आशंका

सीरम इंस्टीट्यूट में लगी इस आग ने अचानक लोगों के मन में संदेह को पैदा कर दिया है। लोग आशंका जता रहे हैं कि कहीं ये सब जानबूझकर तो नहीं किया गया।

‘गाँवों में जाकर भाजपा को वोट देने के लिए धमका रहे जवान’: BSF ने टीएमसी को दिया जवाब

टीएमसी के आरोपों का जवाब देते हए BSF ने कहा है कि वह एक गैर राजनैतिक ताकत है और सभी दलों का समान रूप से सम्मान करता है।

1277 करोड़ रुपए की कंपनी: इंडियन कैसे करते हैं पखाना (पॉटी), देते हैं इसकी ट्रेनिंग और प्रोडक्ट

इंडिया के लोग पखाना कैसे करते हैं? आप बोलेंगे बैठ कर! लेकिन किसी के लिए यही सामान्य सा ज्ञान बिजनस बन गया और...

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
384,000SubscribersSubscribe