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जामिया इस्लामिया ने जारी किया फरमान, छात्रों से कहा- हॉस्टल खाली करो और घर जाओ

जामिया विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से हॉस्टल खाली करने को कहा है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ए.पी. सिद्धकी ने शुक्रवार देर रात एक पत्र जारी करते हुए कहा, “जो विद्यार्थी हॉस्टल में रह गए थे, उन्हें अब हॉस्टल खाली करने का निर्देश दिया जाता है। विश्वविद्यालय के आसपास का क्षेत्र पहले ही......."

जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने तत्काल प्रभाव से छात्रों को हॉस्टल (गर्ल्स और ब्यॉयज) खाली करने का आदेश दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से छात्रों को निर्देश देते हुए कहा गया है कि सरकार द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइंस का पालन करते हुए छात्र अपने घर जा सकते हैं। बता दें कि विश्वविद्यालय ने यह आदेश शुक्रवार (मई 1, 2020) को जारी किया।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि छात्रों के लिए सरकार की नई गाइडलाइंस में ट्रांसपोर्ट और ट्रैवल प्रोटोकॉल है। गौरतलब है कि लॉकडाउन घोषित किए जाने के कारण कई छात्र अपने घर नहीं जा सके थे और हॉस्टल में ही रुके हुए हैं। 

लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फँसे लोगों को घरों तक पहुँचाने के लिए राज्य सरकारों की अपील के बाद भारतीय रेलवे स्पेशल ट्रेनें भी चला रही हैं। वहीं कई राज्य सरकारों ने विशेष बसों के माध्यम से अपने राज्यों के छात्रों की वापसी सुनिश्चित करवाई है। 

आधिकारिक पत्र

जामिया के विद्यार्थियों को हॉस्टल खाली करने का फरमान

इन व्यवस्थाओं के शुरू होने के बाद जामिया विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से हॉस्टल खाली करने को कहा है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ए.पी. सिद्धकी ने शुक्रवार देर रात एक पत्र जारी करते हुए कहा, “जो विद्यार्थी हॉस्टल में रह गए थे, उन्हें अब हॉस्टल खाली करने का निर्देश दिया जाता है। विश्वविद्यालय के आसपास का क्षेत्र पहले ही हॉटस्पॉट घोषित किया जा चुका है। ऐसे में विश्वविद्यालय द्वारा आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराना कठिन होगा।”

विश्वविद्यालय प्रशासन ने हॉस्टल में मौजूद छात्रों से कहा, “आप सभी को मालूम है कि कोरोना वायरस के कारण विश्वविद्यालय बंद है। यहाँ लाइब्रेरी समेत सभी शैक्षणिक गतिविधियाँ पूरी तरह से बंद हैं। विश्वविद्यालय जुलाई में परीक्षाएँ लेगा और इसी के साथ नया सत्र सितंबर 2020 से शुरू होगा।”

गृह मंत्रालय ने श्रमिकों के लिए जारी किया ट्रेन

गृह मंत्रालय ने राज्यों को अपने निवासियों को बसों में वापस लाने की अनुमति दे दी है। इसके बाद केंद्र सरकार ने फँसे हुए प्रवासियों को घर पहुँचाने के लिए ‘श्रमिक स्पेशल ट्रेन’ की शुरुआत की है। इन ट्रेनों में प्रवासी मजदूरों के अलावा विभिन्न राज्यों में फंसे स्टूडेंट्स, शरणार्थी, टूरिस्ट को भी घर भेजा जा रहा है।

यात्रा से पहले सभी यात्रियों की स्कीनिंग की जा रही है और केवल उन्हीं लोगों को भेजा जा रहा है, जिनमें कोरोना वायरस के कोई लक्षण नहीं दिखाई नहीं दे रहे। इसके साथ ही मास्क पहनना अनिवार्य है। साथ ही यात्रियों को ट्रेन में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इंडियन रेलवे ने साफ कर दिया है कि टिकट खरीदने के लिए कोई भी पैसेंजर रेलवे स्टेशन नहीं जाएगा। पैसेंजर ट्रेन का परिचालन अभी शुरू नहीं किया गया है।

इन ट्रेनों में केवल राज्य सरकार द्वारा चिन्हित किए गए और ​रजिस्टर किए गए लोगों को ही ट्रैवल करने का मौका मिलेगा। गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस के मुताबिक, राज्यों द्वारा ही इन यात्रियों को टिकटों की व्यवस्था की जाएगी। व्यक्तिगत तौर पर किसी को भी रेलवे टिकट नहीं जारी करेगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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