Thursday, October 1, 2020
Home देश-समाज कोरोना से जंग में जुटा RPF: मास्क बनाने से लेकर भोजन बाँटने तक के...

कोरोना से जंग में जुटा RPF: मास्क बनाने से लेकर भोजन बाँटने तक के काम में लगे हैं जवान

कोरोना संक्रमण के खिलाफ RPF सामुदायिक क्षमता निर्माण कार्यक्रम के स्लम एरिया में वॉलेंटियर्स को व्हाट्सएप जैसी टेक्नोलॉजी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एक स्वयंसेवक को 20 घरों की जिम्मेदारी दी गई है।

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवान, रेल प्रशासन, चिकित्सा विभाग, राज्य पुलिस और सिविक प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कोरोना संक्रमण का मुकाबला कर रहे हैं। रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के जवान जागरूकता अभियान, खाद्य वितरण, मास्क एवं सेनिटाइज़र के उत्पादन में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

लॉकडाउन दौरान परिसंपत्तियों, कोचों, लोकोमोटिव, स्टेबल रेक, यार्ड, सिग्नलिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्टेशन, रिले रूम, माल शेड, वैगन स्टॉक इत्यादि की सुरक्षा और उपयोग सुनिश्चित की जाती है और सभी फिक्स्ड और मूविंग एसेट्स पर नजर रखी जाती है। इस समय के दौरान, भारतीय रेलवे ने कोरोना वायरस के व्यापक प्रसार से निपटने के लिए एक रणनीति के तहत यात्री सेवाओं की आवाजाही पर रोक लगा दी है। लेकिन आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए मालगाड़ियों की आवाजाही, दवाओं को अभी भी पूरे देश में वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स इसके इतर गरीब और जरूरतमंदों के लिए आगे आई है। वो कई तरह से उनकी सहायता कर रहे हैं। इसमें 2 क्वारंटाइन सेंटर स्थापित करने और संचालित करने के साथ ही जरूरतमंदों के बीच राशन एवं पका हुआ भोजन वितरित करना, Covid19 वॉलेंटियर्स को प्रशिक्षित करना आदि शामिल है।

RPF ने करीब 2.75 लाख लोगों में बाँटा खाना

RPF/DLI फिलहाल 2 क्वारंटाइन सेंटरों का संचालन कर रहा है। इनमें से एक तुगलकाबाद में है और दूसरा दया बस्ती में। इसमें कुल 90 बेड लगे हुए हैं। RPF, आईआरसीटीसी, गैर सरकारी संगठनों के सहयोग और अपने स्वयं के संसाधनों का उपयोग करके लगभग 20 स्थानों पर 2.75 लाख से अधिक पकाए गए भोजन वितरित किए हैं, जो लॉकडाउन के बाद से भारतीय रेलवे द्वारा अखिल भारतीय खाद्य वितरण के 10% से अधिक है।

RPF द्वारा वितरित किया जा रहा भोजन

इसके अलावा जहाँ पर पका हुआ भोजन उपलब्ध कराना मुश्किल है, वहाँ पर लगभग 2000 लोगों को राशन उपलब्ध करवाया गया है। माँग बढ़ने पर, फोर्स के सदस्यों ने अपने स्वयं के संसाधनों का इस्तेमाल करने का फैसला किया और चार जगहों पर रसोई स्थापित की, जहाँ कच्चे माल की सोर्सिंग से लेकर खाना पकाने और वितरण तक सब कुछ आरपीएफ/डीएलआई द्वारा किया जा रहा है।

RPF महिला स्टाफ बना रही मास्क

RPF ने ‘समाज का समाज के लिए योगदान’ प्रोगाम की शुरुआत की है, जिसमें कोविड-19 स्वयंसेवकों को लॉन्च किया गया है। इसका मकसद रेलवे ट्रैक के आस-पास रहने वाले लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ उन पर नजर रखना है। इसके अलावा ज्यादा से ज्यादा लोगों को मास्क उपलब्ध कराने के लिए आरपीएफ की महिला स्टाफ ने खुद से ही मास्क बनाने का कार्य शुरू किया है। वहीं लॉकडाउन में गरीब लोगों को राशन देने के कार्य के साथ खाना देने का भी काम कर रही है।

Covid-19 के खिलाफ RPF सामुदायिक क्षमता निर्माण कार्यक्रम के स्लम एरिया में वॉलेंटियर्स को व्हाट्सएप जैसी टेक्नोलॉजी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एक स्वयंसेवक को 20 घरों की जिम्मेदारी दी गई है। इसके जरिए वो उन घरों में रहने वाले बुजुर्गों को दवाई और खाने के साथ गर्भवती महिलाओं की इमरजेंसी के जानकारी देने और रेलवे ट्रैक पर घूमने वाले लोगों पर नजर रखने का कार्य करेगा।

आरपीएफ ने अब तक करीब 500 से ज्यादा लोगों को आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड करवाने के साथ उसके प्रति जागरूक भी किया है। आज के समय में तकरीबन हर आरपीएफ सिपाही के फोन में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड है। RPF/DLI के लगभग 50 फीसदी कर्मचारियों ने पहले खुद को प्रशिक्षित किया और फिर इनकी मदद में आगे आए।

दिल्ली डिवीजन के सिक्योरिटी कमिश्नर हरीश सिंह पापोला ने बताया कि वो एहतियात बरतने के उपायों के बारे में अपने स्टाफ को हर दिन जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी पोस्ट और आउटपोस्ट का वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बार-बार विजिट किया जा रहा है और वो स्टाफ का मनोबल को ऊँचा रखने के लिए उनके साथ बातचीत भी कर रहे हैं। आगे अधिकारी ने कहा कि ऊपर से नीचे तक सभी लोग इस बात को जान रहे हैं कि ये वक्त अतिरिक्त मेहनत करने की और कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई में देश के लिए समर्पित सिपाही बनने का समय है।

उल्लेखनीय है कि भारतीय रेलवे एक ऐसा तंत्र है जिसके बिना आप देश को चलाने की कल्पना भी नहीं कर सकते। रेलवे केवल यातायात के लिए ही नहीं, बल्कि देश में जब गंभीर परिस्थितियाँ पैदा होती है तो देश सेवा में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रेलवे की सेवा की तुलना किसी अन्य तंत्र से करना मुमकिन नहीं है। आज देश में कोरोना वायरस का प्रकोप फैला है जिससे देश पूरी तरह से बंद हो चुका है लेकिन इन गम्भीर व कठिन समय में भी रेलवे अपनी सेवाएँ देश को दे रहा है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

इंडिया टुडे के राहुल कँवल, हिन्दी नहीं आती कि दिमाग में अजेंडा का कीचड़ भरा हुआ है?

हाथरस के जिलाधिकारी और मृतका के पिता के बीच बातचीत के वीडियो को राहुल कँवल ने शब्दों का हेरफेर कर इस तरह पेश किया है, जैसे उन्हें धमकाया जा रहा हो।

कठुआ कांड की तरह ही मीडिया लिंचिंग की साजिश तो नहीं? 31 साल पहले भी 4 नौजवानों ने इसे भोगा था

जब शोषित समाज के वंचित कहे जाने वाले तबकों से हो और आरोपित तथाकथित ऊँची मानी जाने वाली जातियों से, तो मीडिया लिंचिंग के लिए एक बढ़िया मौका तैयार हो जाता है।

‘हर कोई डिम्पलधारी को गिरने से रोकता रहा, लेकिन बाबा ने डिसाइड कर लिया था कि घास में तैरना है तो कूद गया’

हा​थरस केस पर पॉलिटिक्स करने गए राहुल गाँधी का एक वीडियो के सामने आने के बाद ट्विटर पर 'एक्ट लाइक पप्पू' ट्रेंड करने लगा।

दिल्ली दंगों की चार्जशीट में कपिल मिश्रा ‘व्हिसल ब्लोअर’ नहीं: साजिश से ध्यान हटाने के लिए मीडिया ने गढ़ा झूठा नैरेटिव

दंगों पर दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में कपिल मिश्रा को 'व्हिसल ब्लोअर' नहीं बताया गया है। जानिए, मीडिया ने कैसे आपसे सच छिपाया।

‘द वायर’ की परमादरणीया पत्रकार रोहिणी सिंह ने बताया कि रेप पर वैचारिक दोगलापन कैसे दिखाया जाता है

हाथरस में आरोपित की जाति पर जोर देने वाली रोहिणी सिंह जैसी लिबरल, बलरामपुर में दलित से रेप पर चुप हो जाती हैं? क्या जाति की तरह मजहब अहम पहलू नहीं होता?

रात 3 बजे रिया को घर छोड़ने गए थे सुशांत, सुबह फँदे से लटके मिले: डेथ मिस्ट्री में एक और चौंकाने वाला दावा

रिया चकवर्ती का दावा रहा है कि 8 जून के बाद उनका सुशांत से कोई कॉन्टेक्ट नहीं था। लेकिन, अब 13 जून की रात दोनों को साथ देखे जाने की बात कही जा रही है।

प्रचलित ख़बरें

ईशनिंदा में अखिलेश पांडे को 15 साल की सजा, कुरान की ‘झूठी कसम’ खाकर 2 भारतीय मजदूरों ने फँसाया

UAE के कानून के हिसाब से अगर 3 या 3 से अधिक लोग कुरान की कसम खाकर गवाही देते हैं तो आरोप सिद्ध माना जा सकता है। इसी आधार पर...

व्यंग्य: दीपिका के NCB पूछताछ की वीडियो हुई लीक, ऑपइंडिया ने पूरी ट्रांसक्रिप्ट कर दी पब्लिक

"अरे सर! कुछ ले-दे कर सेटल करो न सर। आपको तो पता ही है कि ये सब तो चलता ही है सर!" - दीपिका के साथ चोली-प्लाज्जो पहन कर आए रणवीर ने...

रात 3 बजे रिया को घर छोड़ने गए थे सुशांत, सुबह फँदे से लटके मिले: डेथ मिस्ट्री में एक और चौंकाने वाला दावा

रिया चकवर्ती का दावा रहा है कि 8 जून के बाद उनका सुशांत से कोई कॉन्टेक्ट नहीं था। लेकिन, अब 13 जून की रात दोनों को साथ देखे जाने की बात कही जा रही है।

‘हिन्दू राष्ट्र में आपका स्वागत है, बाबरी मस्जिद खुद ही गिर गया था’: कोर्ट के फैसले के बाद लिबरलों का जलना जारी

अयोध्या बाबरी विध्वंस मामले में कोर्ट का फैसला आने के बाद यहाँ हम आपके समक्ष लिबरल गैंग के क्रंदन भरे शब्द पेश कर रहे हैं, आनंद लीजिए।

शाम तक कोई पोस्ट न आए तो समझना गेम ओवर: सुशांत सिंह पर वीडियो बनाने वाले यूट्यूबर को मुंबई पुलिस ने ‘उठाया’

"साहिल चौधरी को कहीं और ले जाया गया। वह बांद्रा के कुर्ला कॉम्प्लेक्स में अपने पिता के साथ थे। अभी उनकी लोकेशन किसी परिजन को नहीं मालूम। मदद कीजिए।"

लड़कियों को भी चाहिए सेक्स, फिर ‘काटजू’ की जगह हर बार ‘कमला’ का ही क्यों होता है रेप?

बलात्कार आरोपित कटघरे में खड़ा और लोग तरस खा रहे... सबके मन में बस यही चल रहा है कि काश इसके पास नौकरी होती तो यह आराम से सेक्स कर पाता!

प्राइम टाइम में अर्नब का डंका, 77% दर्शक देखते हैं रिपब्लिक; राजदीप और NDTV के शो दर्शकों के लिए तरसे

न्यूज चैनलों के बीच रिपब्लिक की न केवल बादशाहत बनी हुई, बल्कि प्राइम टाइम के स्लॉट में कोई भी एंकर अर्नब के आसपास नजर नहीं आ रहा।

लॉकडाउन, मास्क, एंटीजन टेस्ट… कोरोना को रोकने के लिए भारत ने समय पर लिए फैसले, दुनिया ने किया अनुकरण

ORF के ओसी कुरियन ने बताया है कि किस तरह भारत ने कोरोना का प्रसार रोकने के लिए फैसले समय पर लिए।

UP: भदोही में 14 साल की दलित बच्ची की सिर कुचलकर हत्या, बिना कपड़ों के शव खेत में मिला

भदोही में दलित नाबालिग की सिर कुचलकर हत्या कर दी गई। शव खेत से बरामद किया गया। परिजनों ने बलात्कार की आशंका जताई है।

इंडिया टुडे के राहुल कँवल, हिन्दी नहीं आती कि दिमाग में अजेंडा का कीचड़ भरा हुआ है?

हाथरस के जिलाधिकारी और मृतका के पिता के बीच बातचीत के वीडियो को राहुल कँवल ने शब्दों का हेरफेर कर इस तरह पेश किया है, जैसे उन्हें धमकाया जा रहा हो।

कठुआ कांड की तरह ही मीडिया लिंचिंग की साजिश तो नहीं? 31 साल पहले भी 4 नौजवानों ने इसे भोगा था

जब शोषित समाज के वंचित कहे जाने वाले तबकों से हो और आरोपित तथाकथित ऊँची मानी जाने वाली जातियों से, तो मीडिया लिंचिंग के लिए एक बढ़िया मौका तैयार हो जाता है।

1000 साल लगे, बाबरी मस्जिद वहीं बनेगी: SDPI नेता तस्लीम रहमानी ने कहा- अयोध्या पर गलत था SC का फैसला

SDPI के सचिव तस्लीम रहमानी ने अयोध्या में फिर से बाबरी मस्जिद बनाने की धमकी दी है। उसने कहा कि बाबरी मस्जिद फिर से बनाई जाएगी, भले ही 1000 साल लगें।

मिलिए, छत्तीसगढ़ के 12वीं पास ‘डॉक्टर’ निहार मलिक से; दवाखाना की आड़ में नर्सिंग होम चला करता था इलाज

मामला छत्तीसगढ़ के बलरामपुर का है। दवा दुकान के पीछे चार बेड का नर्सिंग होम और मरीज देख स्वास्थ्य विभाग की टीम अवाक रह गई।

‘हर कोई डिम्पलधारी को गिरने से रोकता रहा, लेकिन बाबा ने डिसाइड कर लिया था कि घास में तैरना है तो कूद गया’

हा​थरस केस पर पॉलिटिक्स करने गए राहुल गाँधी का एक वीडियो के सामने आने के बाद ट्विटर पर 'एक्ट लाइक पप्पू' ट्रेंड करने लगा।

दिल्ली दंगों की चार्जशीट में कपिल मिश्रा ‘व्हिसल ब्लोअर’ नहीं: साजिश से ध्यान हटाने के लिए मीडिया ने गढ़ा झूठा नैरेटिव

दंगों पर दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में कपिल मिश्रा को 'व्हिसल ब्लोअर' नहीं बताया गया है। जानिए, मीडिया ने कैसे आपसे सच छिपाया।

फोरेंसिक रिपोर्ट से रेप की पुष्टि नहीं, जान-बूझकर जातीय हिंसा भड़काने की कोशिश हुई: हाथरस मामले में ADG

एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया है कि हाथरस केस में फोरेंसिक रिपोर्ट आ गई है। इससे यौन शोषण की पुष्टि नहीं होती है।

हमसे जुड़ें

267,758FansLike
78,095FollowersFollow
326,000SubscribersSubscribe