Saturday, January 22, 2022
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…वो 5 करीबी, जिनसे पूछकर मौलाना साद लेता था फैसले, सबके पासपोर्ट जब्त: पहले से दर्ज थी FIR

दिल्ली पुलिस विदेशी जमातियों पर भी अपना शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। खबर है कि 900 विदेशी जमातियों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर हो सकती है। क्यूँकि इन सभी पर वीजा नियमों के उल्लंघन का आरोप है, जिसके कारण इन सभी के पासपोर्ट और दूसरे दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं।

दिल्ली निजामुद्दीन मरकज मामले में क्राइम ब्रांच ने मौलाना साद के 5 करीबियों का पासपोर्ट जब्त कर लिया है। ये पाँचों वे लोग हैं जिन पर पहले से इस मामले के संबंध में एफआईआर दर्ज है।

इन पाँचों आरोपितों को लेकर कहा जा रहा है कि मरकज से जुड़े हर फैसले इनसे पूछकर लिए जाते थे। ऐसे में पासपोर्ट जब्त होने के बाद अब इनमें से कोई भी मामले की जाँच पूरी होने तक देश के बाहर नहीं जा सकता।

इसके अलावा, दिल्ली पुलिस विदेशी जमातियों पर भी अपना शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। खबर है कि 900 विदेशी जमातियों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर हो सकती है। क्यूँकि इन सभी पर वीजा नियमों के उल्लंघन का आरोप है, जिसके कारण इन सभी के पासपोर्ट और दूसरे दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली मरकज मामले के संबंध में पुलिस ने मौलाना साद के बेटों और रिश्तेदारों समेत कुल 166 जमातियों से पूछताछ कर चुकी है। इनमें ज्यादातर जमातियों ने क्राइम ब्रांच को दिए अपने बयान में माना था कि 20 मार्च के बाद मरकज में रुकने के लिए मौलाना साद ने ही बोला था।

वहीं, ज्यादातर जमातियों ने क्राइम ब्रांच को बताया कि वो खुद से मरकज से निकलना चाहते थे लेकिन मौलाना साद ने उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया था।

यहाँ, याद दिला दें कि मरकज मामला खुलने के बाद मौलाना साद का एक ऑडियो वायरल हुआ था। उस ऑडियो में साद जमातियों को मरकज में रुकने का दबाव बना रहा था और कह रहा था कि मरने के लिए मस्जिद से बेहतर कोई जगह नहीं है।

इस ऑडियो में उसे जमातियों को ये कहते स्पष्ट सुना गया था कि अल्लाह पर भरोसा करो, अल्लाह कोई मुसीबत इसलिए ही लाता है कि देख सके कि इसमें मेरा बंदा क्या करता है।

इसके बाद मौलाना साद पर कार्रवाई करने का सिलसिला जोर पकड़ा था और क्राइम ब्रांच ने मौलाना साद समेत 7 लोगों को नोटिस भेजा था। मगर, उस समय मौलाना साद खुद को क्वारंटाइन करने की आड़ में गायब हो गया और जब पुलिस ने छानबीन शुरू की, तब भी भी निकलकर सामने नहीं आया। हालात ये हैं कि उसका क्वारंटाइन पीरियड पूरा होने के बाद भी पुलिस को उसे पकड़ने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है।

साद न तो पुलिस के सामने आ रहा है और न ही अपनी कोरोना जाँच करवा रहा है। उसके बदले मीडिया व पुलिस से डील उसका वकील अय्यूबी करता है। जिन्होंने पिछले दिनों साद के ऊपर पूछे गए सवालों पर जवाब दिया था कि पुलिस को जो भी कार्रवाई करनी थी, वो कर चुकी है। पुलिस की तरफ से उन्हें 2 नोटिस मिले हैं। जिसका उन्होंने जवाब दे दिया है। इसके अलावा उनसे कोरोना टेस्ट करवाने के लिए बोला गया था, उन्होंने वह भी करवा लिया है। मौलाना के वकील का ये भी कहना था कि वे अधिकारियों से बात भी लगातार कर रहे हैं।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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