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रेमल तूफान ने नॉर्थईस्ट में ली 37 लोगों की जान, सबसे ज्यादा कहर मिजोरम पर टूटा: 135km/h की रफ्तार से घुसा था भारत में

मिजोरम के आईजोल में एक पत्थर खदान ढह गई, जिसके कारण कई लोग इसके नीचे दब गए। यहाँ राहत बचाव का काम अब भी चल रहा है। इस खदान के ढहने से 13 लोगों की मौत हो गई।

बंगाल की खाड़ी में आए तूफान रेमल के कारण उत्तरपूर्व के राज्यों में अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे अधिक नुकसान मिजोरम में हुआ है जहाँ मौत का आँकड़ा 27 है, इसके अलावा असम, मेघालय और नागालैंड में भी काफी नुकसान तूफान की वजह से हुआ है।

मिजोरम सरकार के जनसम्पर्क विभाग ने बताया है, “तूफान रेमल के कारण हुए भूस्खलन से आइजोल जिले में 27 लोगों की जान चली गई है। इन्फ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुँचने के कारण बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित रहेगी। मिजोरम के मुख्यमंत्री ने ने राज्य आपदा राहत कोष के लिए ₹15 करोड़ की घोषणा की है। मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।” मिजोरम में सबसे अधिक नुकसान एक पत्थर खदान के ढहने से हुआ है।

मिजोरम के आईजोल में एक पत्थर खदान ढह गई, जिसके कारण कई लोग इसके नीचे दब गए। यहाँ राहत बचाव का काम अब भी चल रहा है। इस खदान के ढहने से 13 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा राज्य में अलग अलग जगह भारी बारिश के कारण 14 लोगों की मौत हो गई। मिजोरम के अलावा पड़ोसी राज्य नागालैंड में भी 4 लोगों की मौत हो गई और कई घर ढह गए। नागालैंड में एक 7 वर्ष के बच्चे की मौत हो गई है।

असम में भी रेमल के कारण काफी नुकसान हुआ है। असम में रेमल के कारण 4 मौतें हुई हैं। असम में भी रेमल के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। बिजली की आपूर्ति भी रुक गई है। कई जगह पेड़ गिरने के कारण यातायात की गति भी प्रभावित हो गई है। मेघालय में भी तूफान रेमल के कारण 2 मौतें दर्ज की गई हैं। तूफान रेमल ने उत्तरपूर्वी राज्यों से पहले पश्चिम बंगाल में भी काफी तबाही मचाई है। पश्चिम बंगाल में रेमल के कारण 6 मौतें हुई हैं। 135 किलोमीटर की रफ़्तार आने वाले तूफान के कारण यहाँ जनजीवन बड़े स्तर पर प्रभावित है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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