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तौफीक-दानिश ने वायरल किया फर्जी स्क्रीनशॉट, राजस्थान पुलिस ने बेकसूर दलित को जेल में रखा: अंजुमन कमिटी की FIR, SDM के स्टाफ कफील का दबाव

पुलिस ने इसी केस में 15 अन्य आरोपितों पर भी केस दर्ज किया है। स्क्रीनशॉट वायरल होने के चलते विशाल को कत्ल करने की धमकियाँ आने लगी थी।

राजस्थान के भीलवाड़ा में पुलिस द्वारा फर्जी स्क्रीनशॉट की वजह से एक दलित युवक को जेल भेजे जाने की खबर है। पीड़ित युवक 23 साल का विशाल खटीक है। उसके सोशल मीडिया का फर्जी स्क्रीनशॉट बनाने वाले आरोपितों के नाम तौफीक और दानिश हैं। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया है। वहीं बेकसूर विशाल को 7 दिन जेल में रहना पड़ा। जेल से छूटने के बाद अब विशाल को धमकियाँ मिल रही हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़ित युवक विशाल को सुरक्षा के लिए पुलिस के 2 जवान दिए गए हैं। एडिशनल SP शाहपुरा चंचल मिश्रा के मुताबिक, 7 जुलाई को विशाल की शिकायत पर जहाजपुर के तौफीक और देशवाली के दानिश को गिरफ्तार किया गया था। इन दोनों पर विशाल के फर्जी स्क्रीनशॉट को वायरल करने का आरोप था। जाँच के दौरान तौफीक और विशाल में कोई पुरानी दुश्मनी निकल कर आई थी जिसके चलते तौफीक ने विशाल को फँसाने के लिए ये कदम उठाया था।

विशाल ने बताया कि उदयपुर की घटना से वो काफी डरा हुआ है। 20 जून 2022 की रात उसे थाना जहाजपुर की पुलिस ने पकड़ लिया था। उसने SHO से बार-बार खुद को बेगुनाह बताया लेकिन उसकी किसी ने भी नहीं सुनी। आखिरकार उसे जेल भेज दिया गया। विशाल के फर्जी स्क्रीनशॉट में अपने ही मज़हब के खिलाफ खुद तौफीक और दानिश ऐसी बातें लिखीं थी जिस से आस-पास तनाव फ़ैल गया था।

दैनिक भास्कर के अनुसार, पुलिस ने इसी केस में 15 अन्य आरोपितों पर भी केस दर्ज किया है। स्क्रीनशॉट वायरल होने के चलते विशाल को कत्ल करने की धमकियाँ आने लगी थी। अब पुलिस के खुलासे के बाद भी कई चरमपंथी उसे जान से मारने की धमकी दिए जा रहे हैं। खुद विशाल का कहना है कि उसे उस अपराध में जेल भेजा गया जो उसने किया भी नहीं था और मुझे अभी भी अपनी बेगुनाही की सफाई देनी पड़ रही है।

पांचजन्य के मुताबिक विशाल की स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद अंजुमन कमेटी ने उस पर केस दर्ज करवाया। बाद में SDM ऑफिस के स्टाफ मोहम्मद कलीम ने मुज पर जबदरस्ती आरोप कबूल करने का दबाव बनाया। वही बाहर भीड़ विशाल को खुद के हवाले करने और उन्मादी नारे लगा रही थी जिसे सुन कर भी थाना प्रभारी चुप थे। अब विशाल ने केस के जाँच अधिकारी पर मानहानि का केस दर्ज करने का फैसला किया है। सर्व समाज ने विशाल के खिलाफ उन्मादी नारे लगाने वाली भीड़ पर FIR दर्ज करने की माँग की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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