Tuesday, October 19, 2021
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बाइक पर ‘जय श्री राम’ का स्टीकर देख 40 लोगों ने मेरे पिता को मार डाला: नितिन ने सुनाई आपबीती

"देखिए, मुस्लिमों का ये हाल। हिन्दुओं का जीना बेहाल कर दिया है। एक लाश भेजी गई है दूसरे समुदाय की तरफ़ से हमारे हिन्दू भाई की। ये घटना ब्रह्मपुरी गली नंबर एक की है। वो सन्देश दे रहे हैं- ले जाओ लाश, ऐसी लाशें तो रात भर उठती ही रहेंगी।"

नीचे जो वीडियो संलग्न किया गया है, वो सोमवार (फरवरी 24, 2020) का है। जिस व्यक्ति की लाश सड़क पर पड़ी हुई है, उनका नाम विनोद कुमार है। दंगाइयों ने उन्हें मार डाला। उनके बेटे नितिन किसी तरह इस हिंसा में बच निकले लेकिन अपने पिता की मौत का गम शायद ही कभी उनका पीछा छोड़ पाए। नितिन अभी तक सोच रहे हैं कि आख़िर उन पर हमला क्यों किया गया। हमला करने का कोई कारण नहीं था क्योंकि नितिन या विनोद ने कुछ भी ग़लत नहीं किया था। पहले देखें वीडियो:

ऊपर के वीडियो में आप ये भी देख सकते हैं कि कैसे विनोद कुमार की लाश को जब ले जाया जा रहा है, तब बैकग्राउंड में ‘अल्लाहु अकबर’ और ‘नारा-ए-तकबीर’ गूँज रहा है। भड़काऊ नारेबाजी के बीच विनोद कुमार की हत्या कर दी गई। नितिन ने अंदेशा जताया है कि उनकी बाइक के स्टिकर पर ‘जय श्री राम’ लिखा हुआ था और यही देख कर दंगाई भड़क उठे। अब आप समझ सकते हैं कि उपर्युक्त मजहबी नारे लगाने वाले और ‘जय श्री राम’ देखते ही हत्या कर देने वाले कौन लोग हो सकते हैं? ‘स्वराज्य’ की पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा ने नितिन का ये बयान शेयर किया है।

उन्होंने इस घटना की ग्राउंड रिपोर्टिंग की है, जिसे यहाँ हम आपके सामने पेश कर रहे हैं। 51 वर्षीय विनोद की हत्या कर दी गई और उनके 25 वर्षीय बेटे नितिन गंभीर रूप से घायल हैं। दोनों ही बाइक से दवा की दुकान पर जा रहे थे, जब उन पर लाठियों से हमला किया गया। घटना के कई वीडियो वायरल हुए हैं। एक वीडियो शूट कर रहा व्यक्ति उस फुटेज में बताता है:

“देखिए, मुस्लिमों का ये हाल। हिन्दुओं का जीना बेहाल कर दिया है। एक लाश भेजी गई है दूसरे समुदाय की तरफ़ से हमारे हिन्दू भाई की। ये घटना ब्रह्मपुरी गली नंबर एक की है। वो सन्देश दे रहे हैं- ले जाओ लाश, ऐसी लाशें तो रात भर उठती ही रहेंगी।”

स्थानीय लोग भी बताते हैं कि सोमवार को हिंसा काफ़ी ज्यादा भड़क गई थी। अभी तक इलाक़े में मातम पसरा हुआ है। प्लास्टिक और मेटल जलने की बू वातावरण में फैली हुई है। पुलिस गश्त लगा रही। सड़क पर लोग शायद ही दिख रहे हैं। गली नंबर एक में जली हुई बाइक पड़ी हुई है। एक व्यथित हिन्दू ने कहा- “आप आए हैं। बहुत बड़ी बात है। यहाँ तो अभी तक कोई भी नहीं आया, हमारा आदमी मार दिया गया।” नितिन ने बताया कि उस रात क्या हुआ था?

बकौल नितिन, जब वो और उनके पिता बाइक से जा रहे थे, एक बड़ा सा पत्थर आकर उन्हें लगा और वो होश खो बैठे। नितिन बताते हैं कि वो 40 लोगों की इस्लामी भीड़ थी। उन्होंने लाठियों और पत्थरों से बाप-बेटे को पीटना शुरू कर दिया। नितिन ने कई दरवाजे खटखटाए लेकिन किसी ने भी दरवाजा नहीं खोला। मृतक विनोद की एक बेटी भी है। नितिन कहते हैं कि अब वो अनाथ हो चुके हैं, उनके ऊपर से पिता का साया उठ गया। नितिन को केवल इतना ही याद है कि आरोपितों ने इस्लामी टोपी पहन रखी थी।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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