Homeदेश-समाजदिल्ली के हिंदू विरोधी दंगे: ताहिर हुसैन को 5 मामलों में हाई कोर्ट ने...

दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगे: ताहिर हुसैन को 5 मामलों में हाई कोर्ट ने दी बेल

ताहिर हुसैन को जिन मामलों में जमानत दी गई है, उससे संबंधित प्राथमिकी दयालपुर पुलिस स्टेशन में आईपीसी की कई धाराओं के तहत दर्ज है। ये मामले हत्या, दंगा, आगजनी, उपद्रव और आपराधिक साजिश से जुड़े हुए हैं।

दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों से जुड़े 5 मामलों में ताहिर हुसैन को जमानत मिल गई है। आप के पूर्व पार्षद हुसैन को दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस अनीश दयाल की पीठ ने बुधवार (12 जुलाई 2023) को यह राहत प्रदान की। इससे पहले 20 अप्रैल को जस्टिस दयाल ने उसकी जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

उसे जिन मामलों में जमानत दी गई है उससे संबंधित प्राथमिक दयालपुर पुलिस स्टेशन में आईपीसी की कई धाराओं के तहत दर्ज है। ये मामले हत्या, दंगा, आगजनी, उपद्रव और आपराधिक साजिश से जुड़े हुए हैं। हाई कोर्ट में ताहिर हुसैन की तरफ से सलमान खुर्शीद हुसैन ने दलीलें दी। उन्होंने कहा कि इन मामलों में सभी सह अभियुक्तों को जमानत मिल चुकी है। ताहिर हुसैन एकमात्र व्यक्ति है जो बीते तीन साल से जेल मे है।

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में फरवरी 2020 में दिल्ली में दंगे भड़क उठे थे। दंगे में मुस्लिमों ने मुख्य रूप से हिंदुओं को निशाना बनाते हुए गोलीबारी, पेट्रोल बम, चाकू, तलवार, पत्थरबाजी समेत अन्य तरह से हमले किए थे। इस दंगे में कई पुलिसकर्मियों सहित 53 लोग मारे गए थे। जबकि 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग से बनाई दूरी, CJP में फूट के बाद क्या अब आंदोलन की उलटी गिनती हो...

शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर छात्र आंदोलन बंटता हुआ दिख रहा है। जहाँ सोनम वांगचुक ने इसे अपनी शर्तों में तरजीह नहीं दी है वहीँ सीजेपी की यह पहली शर्त है।

रवीश कुमार तुम ही पत्रकारों की पिटाई के जिम्मेदार हो, खुद ‘गोदी’ में बैठ करते रहे पत्रकारिता… अब चला रहे ‘गोदी मीडिया’ वाला प्रोपेगेंडा

रवीश कुमार की मौकापरस्ती सिर्फ एक व्यक्ति का पतन नहीं है, बल्कि यह उस विचार का पतन है जो खुद को 'पत्रकार' कहकर जनता को गुमराह करता रहा है।
- विज्ञापन -