Thursday, August 18, 2022
Homeदेश-समाजजामिया की सफूरा जरगर को फिर नहीं मिली बेल, मेडिकल ग्राउंड पर लगाई थी...

जामिया की सफूरा जरगर को फिर नहीं मिली बेल, मेडिकल ग्राउंड पर लगाई थी गुहार, दिल्ली दंगों की है आरोपी

सफूरा जरगर के वकील ने उसके गर्भवती होने की बात का उल्लेख करते हुए कहा कि सफूरा पॉलीसिस्टिक ओवेरी सिंड्रोम से पीड़ित है। इससे गर्भपात की आशंका बढ़ जाती है।

दिल्ली की एक अदालत ने जामिया मिलिया इस्लामिया की छात्रा सफूरा जरगर की जमानत याचिका को एक बार फिर खारिज कर दी है। दिल्ली के पटियाला कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने मेडिकल आधार पर जमानत देने की उसकी दलीलें ठुकरा दी।

बता दें, इसी साल फरवरी के महीने में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने सफूरा को 10 अप्रैल को गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया था। इसके बाद, उसने पटियाला कोर्ट में स्वास्थ्य का हवाला देकर बेल की गुहार लगाई थी।

सफूरा जरगर के वकील ने उसके गर्भवती होने की बात का उल्लेख करते हुए कहा कि सफूरा पॉलीसिस्टिक ओवेरी सिंड्रोम से पीड़ित है। इससे गर्भपात की आशंका बढ़ जाती है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि ऑन रिकॉर्ड बातों को ध्यान में रखते हुए, ये नहीं कहा जा सकता कि अभियुक्त के ख़िलाफ़ कोई प्रथम दृष्टया मामला नहीं है। इसके अलावा उन्होंने जेल अधिकारियों को आदेश दिया कि गर्भवती सफूरा जरगर को उपयुक्त मेडिकल सुविधाएँ दी जाएँ।

गौरतलब है कि इससे पहले भी दो बार सफूरा जरगर की याचिका को खारिज की जा चुकी है। इससे पूर्व पटियाला कोर्ट ने जरगर की बेल याचिका को खारिज करते हुए उसकी न्यायिक हिरासत की अवधि 25 जून तक बढ़ा दी थी। उससे पहले 23 अप्रैल को मेट्रोपोलिटियन मजिस्ट्रेट वसुंधरा छौंकर ने सफूरा को आरोपों को मद्देनजर राहत देने से मना कर दिया था।

बता दें कि सफूरा जरगर के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला चल रहा है। उसपर आरोप है कि उसने जाफराबाद-सीलमपुर में 50 दिनों के हंगामा की साजिश रची थी और वहाँ महिलाओं-बच्चों को बिठाने के लिए पूरा जोर लगाया था। यहाँ तक कि कॉन्ग्रेस पार्टी के फिरोज ख़ान ने भी सफूरा जरगर को रिलीज करने की माँग की है। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर अपनी शक्ति का दुरूपयोग करने और लोगों के अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए आधार कार्ड बनवा रहा है PFI : पटना पुलिस की जाँच में बड़ा खुलासा

फर्जी दस्तावेज से पीएफआई बनवा रहा है रोहिंग्याओं और बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए आधार कार्ड। पटना पुलिस की जाँच में बड़ा खुलासा।

श्रीकृष्ण ही सत्य हैं, अब तो ‘सुलेमान’ भी साक्षी है: द्वापर के इतिहास को आज से जोड़ती है ‘कार्तिकेय 2’, नए पैन-इंडिया स्टार का...

'कार्तिकेय 2' ने ये सुनिश्चित कर दिया है कि इस फ्रैंचाइजी जी अगली फिल्म पैन-इंडिया होगी। निखिल सिद्धार्थ का अभिनय उम्दा और उनकी स्क्रीन प्रेजेंस दमदार है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
215,056FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe