Thursday, April 25, 2024
Homeदेश-समाजकोरोना संक्रमितों को दफन करने के लिए छोटा पड़ा 5 बीघे का कब्रिस्तान, 300...

कोरोना संक्रमितों को दफन करने के लिए छोटा पड़ा 5 बीघे का कब्रिस्तान, 300 कब्र अकेले शमीम ने खोदे: लॉकडाउन के बाद शव दोगुने

शमीम ने बताया है कि जिस रफ्तार से मौतें हो रही है कोरोना संक्रमितों के लिए आरक्षित यह कब्रिस्तान हफ्ते भर से भी कम समय में भर जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके बाद ऐसे लोगों का शव दफन करने के लिए कब्रिस्तान प्रबंधन कमिटी को और जमीन आवंटित करनी पड़ेगी। शमीम यहॉं शवों के लिए कब्र खोदने का काम करते हैं।

नई दिल्ली में ITO के पास है जदीद कब्रिस्तान। यह 45 एकड़ में फैला है। इसमें से 5 बीघा जमीना कोरोना संक्रमण से मरने वालों को दफन करने के लिए आरक्षित की गई थी। दैनिक भास्कर की खबर के अनुसार, कुछ ही हफ्तों में इस 5 बीघे जमीन का 75 फीसदी हिस्सा भर चुका है।

शमीम के हवाले से दैनिक भास्कर ने बताया है कि जिस रफ्तार से मौतें हो रही है कोरोना संक्रमितों के लिए आरक्षित यह कब्रिस्तान हफ्ते भर से भी कम समय में भर जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके बाद ऐसे लोगों का शव दफन करने के लिए कब्रिस्तान प्रबंधन कमिटी को और जमीन आवंटित करनी पड़ेगी। शमीम यहॉं शवों के लिए कब्र खोदने का काम करते हैं।

यहाँ बता दें, कब्रिस्तान में 5 बीघा जमीन के लिए बहुत पेड़ गिराने पड़े थे। ऐसे में अगर जमीन की जरूरत आगे पड़ती है, तो और पेड़ों को गिराना होगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, शमीम को प्रति दिन हरेक कब्र के लिए 100 रुपए मिलते हैं। वे दिल्ली के पहले ऐसे शख्स हैं जो कोरोना के कारमण मरने वालों का कब्र खोदने आगे आए। लॉकडाउन से अब तक वह 300 शव दफना चुके हैं। 25 दिन पहले 4,500 रुपए का उन्होंने खुद का कोरोना टेस्ट भी कराया था।

दैनिक भास्कर से बातचीत में शमीम बताते हैं कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद शवों में अचानक वृद्धि हुई है। लॉकडाउन में कब्रिस्तान में सिर्फ 5-6 शव आते थे। लेकिन, इसके बाद से 10-12 शव रोज आ रहे।

शमीम का कहना है कि हो सकता है कोरोना महामारी के चलते लोगों को अन्य गम्भीर बीमारियों के लिए अच्छा इलाज नहीं मिल पा रहा है। इसलिए ऐसा हुआ हो।

उल्लेखनीय है कि इस कब्रिस्तान में आमतौर पर पुरानी दिल्ली के लोग आते हैं। लेकिन कोरोना के कारण यहाँ दिल्ली के अलग-अलग जगहों से शवों को लाया जा रहा है। इनमें से कई शव तो ऐसे भी हैं जिन्हें 4-5 दिन बाद लाया गया। उनके मुताबिक यह देरी, कोरोना जाँच की रिपोर्ट के इंतजार में हो रही है।

याद दिला दें, पिछले हफ्ते, दिल्ली में कब्रिस्तान कमेटी के सदस्य मसरूर सिद्दीकी ने कहा था कि दरियागंज में एक कब्रिस्तान में रोजाना लगभग 10-12 शवों को दफाने के लिए लाया जा रहा है। जिसके कारण कब्रिस्तान की जगह जल्द भर जाएगी।

उन्होंने बताया था कि अप्रैल से अब तक यहाँ 300 शव दफन किए जा चुके हैं। अब केवल 100-150 के लिए जगह बाकी है। लेकिन जिस तरह से शवों का आना चालू है, उस हिसाब से लगता है कि जून के अंत तक ये कब्रिस्तान भर जाएगा।

जानकारी के लिए बता दें, दिल्ली के मंगोलपुरी, द्वारका, खादर और गाजीपुर में प्रोटोकॉल के अनुसार कोरोनॉवायरस पॉजिटिव लोगों के शवों को दफनाया जा रहा है। हालाँकि, दिल्ली गेट में शवों की संख्या बहुत अधिक है। जहाँ अब तक 299 शव दफन किए जा चुके हैं।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कॉन्ग्रेस ही लेकर आई थी कर्नाटक में मुस्लिम आरक्षण, BJP ने खत्म किया तो दोबारा ले आए: जानिए वो इतिहास, जिसे देवगौड़ा सरकार की...

कॉन्ग्रेस का प्रचार तंत्र फैला रहा है कि मुस्लिम आरक्षण देवगौड़ा सरकार लाई थी लेकिन सच यह है कि कॉन्ग्रेस ही इसे 30 साल पहले लेकर आई थी।

मुंबई के मशहूर सोमैया स्कूल की प्रिंसिपल परवीन शेख को हिंदुओं से नफरत, PM मोदी की तुलना कुत्ते से… पसंद है हमास और इस्लामी...

परवीन शेख मुंबई के मशहूर स्कूल द सोमैया स्कूल की प्रिंसिपल हैं। ये स्कूल मुंबई के घाटकोपर-ईस्ट इलाके में आने वाले विद्या विहार में स्थित है। परवीन शेख 12 साल से स्कूल से जुड़ी हुई हैं, जिनमें से 7 साल वो बतौर प्रिंसिपल काम कर चुकी हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe