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मोहम्मद जुबैर की रिमांड के खिलाफ HC में हुई सुनवाई, दिल्ली पुलिस से दो सप्ताह में माँगा जवाब, धार्मिक भावना को आहत करने का मामला

जुबैर को 27 जून को दिल्ली पुलिस ने अपने एक ट्वीट के जरिए धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया था और उसी दिन निचली अदालत ने एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था।

दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने शुक्रवार (1 जुलाई 2022) को ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर (Mohammad Zubair) की एक याचिका पर दिल्ली पुलिस से उसका रुख पूछा है। जिसमें उसने 2018 में एक हिंदू देवता के खिलाफ पोस्ट किए गए एक कथित आपत्तिजनक ट्वीट से संबंधित एक मामले में उनकी पुलिस रिमांड की वैधता को चुनौती दी थी।

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस संजीव नरूला ने याचिका पर नोटिस जारी की। कोर्ट ने जाँच एजेंसी को उस याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। जिसमें निचली अदालत के 28 जून के आदेश को चुनौती दी गई थी। वहीं कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 जुलाई को लिस्टेड किया है।

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि रिमांड आदेश 2 जुलाई को समाप्त हो जाएगा। इसमें आगे कहा गया, “पुलिस रिमांड आदेश चार दिनों के लिए है। मुझे दूसरे पक्ष को सुनना होगा। मैं नोटिस जारी करूँगा।”

गौरतलब है कि जुबैर को 27 जून को दिल्ली पुलिस ने अपने एक ट्वीट के जरिए धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया था और उसी दिन निचली अदालत ने एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था। एक दिन की हिरासत में पूछताछ की समाप्ति पर पेश किए जाने के बाद मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट स्निग्धा सरवरिया ने ज़ुबैर की हिरासत चार दिनों के लिए बढ़ा दी थी।

निचली अदालत के आदेश के मुताबिक, जुबैर को चार दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने पर दो जुलाई को उसके समक्ष पेश किया जाएगा।

उस पर IPC (भारतीय दंड संहिता) की धारा-153 (ऐसे कृत्य जिससे दंगे और उपद्रव होने की आशंका हो) और धारा-295 (किसी समाज द्वारा पवित्र मानी जाने वाली वस्तु का अपमान करना) लगाई गई थी।

गौरतलब है कि मोहम्मद जुबैर फैक्ट चेक के नाम पर फेक न्यूज फैलाने वाले ऑल्ट न्यूज का को फाउंडर है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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