Saturday, July 13, 2024
Homeदेश-समाजदिल्ली में 2 आलू के बदले सफरदजंग अस्पताल में काम करने वाले अनिल की...

दिल्ली में 2 आलू के बदले सफरदजंग अस्पताल में काम करने वाले अनिल की हत्या: महताब ने पहले बाट से मारा, फिर साथियों संग पेट में घोंपा चाकू

"महताब हाथ में छुरा लेकर पहुँच गया। उसके साथ शादाब भी था। सबने अनिल को पकड़ लिया और महताब ने अनिल के पेट में ताबड़तोड़ छुरा मारना शुरू कर दिया।"

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में काम करने वाले अनिल की 6 जनवरी 2022 (गुरुवार) की शाम हत्या कर दी गई। शिकायत के मुताबिक उसने महताब की रेहड़ी से आलू उठा लिए थे, जिसकी वजह से उसकी चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। घटना जहांगीरपुरी थाना क्षेत्र के पार्क रोड की है। महताब के अलावा शादाब, अरशद उर्फ़ मक्खी, तौहीद और विक्की को भी शिकायत में नामजद किया गया है।

मृतक अनिल के भाई सुनील ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। इसमें कहा गया है, “मैं जहाँगीरपुरी के CD स्थित झुग्गी में रहता हूँ। आरोपित महताब आलू की रेहड़ी लगाता है। घटना के दिन अनिल ने मजाक में महताब की रेहड़ी से 2 आलू उठा लिए थे। इससे नाराज होकर महताब अनिल को गालियाँ देने लगा। अनिल ने विरोध किया तो महताब ने उसके सिर पर बाट से वार किया। आसपास के लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की। तभी वहीं पर लहसुन बेचने वाले विक्की ने और लड़के बुलाकर अनिल को मारने के लिए ललकारा।”

FIR

शिकायतकर्ता सुनील ने आगे बताया है, “विवाद बढ़ता देख कर मैं अनिल को अपने साथ घर के बगल गली में ले आया। शाम के करीब 6.20 बजे महताब का बेटा तौहीद हाथ में मुर्गा काटने वाला चापड़ लेकर आया। उसके साथ अरशद उर्फ मक्खी भी था। मौके पर बहस चल ही रही थी कि वहाँ पर महताब भी हाथ में छुरा लेकर पहुँच गया। उसके साथ शादाब भी था। सबने अनिल को पकड़ लिया और महताब ने अनिल के पेट में ताबड़तोड़ छुरा मारना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद सभी हमलावर भाग गए। घायल अनिल को अस्पताल ले जाया गया जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।”

ऑपइंडिया ने इस मामले में मृतक अनिल के ममेरे भाई रोहित से बात की। उसने बताया की मृतक का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा का रहने वाला है। अनिल शादीशुदा था और उसका एक बच्चा भी है। ऑपइंडिया को जहाँगीरपुरी के SHO ने बताया कि जल्द ही आरोपितों को पकड़ लिया जाएगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बिहार में निर्दलीय शंकर सिंह ने जदयू-राजद को हराया, बंगाल में 25 साल की मधुपूर्णा बनीं MLA, हिमाचल में CM सुक्खू की पत्नी जीतीं:...

उप-मुख्यमंत्री व भाजपा नेता विजय सिन्हा ने कहा कि शंकर सिंह भी हमलोग से ही जुड़े हुए उम्मीदवार थे। 'नॉर्थ बिहार लिबरेशन आर्मी' के थे मुखिया।

उत्तराखंड में तेज़ी से बढ़ रही मुस्लिमों और ईसाईयों की जनसंख्या: UCC पैनल की रिपोर्ट में खुलासा – पहाड़ों से हो रहा पलायन

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में आबादी घट रही है, तो मैदानी इलाकों में बेहद तेजी से आबादी बढ़ी है। इसमें सबसे बड़ा योगदान दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासियों ने किया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -