Thursday, June 20, 2024
Homeदेश-समाजदिल्ली: राशन न मिलने से भड़के लोग, स्कूल का गेट तोड़कर शिक्षकों से की...

दिल्ली: राशन न मिलने से भड़के लोग, स्कूल का गेट तोड़कर शिक्षकों से की बदसलूकी

प्रिंसिपल ने बताया कि स्कूल स्टाफ के अलावा सिविल डिफेंस के वॉलिंटियर्स और पैरामिलिट्री स्टाफ ने भी जनता को राशन न बाँटे जाने के पीछे का कारण बताया। लेकिन, भीड़ उनपर ही भड़क गई और गाली-गलौच करने लगी। लोगों ने राशन चोरी का इल्जाम भी लगाया।

पश्चिमी दिल्ली के प्रेम नगर में गुरुवार (मई 13, 2020) को एक नगरपालिका स्कूल में राशन वितरण सेवा बंद देखकर भारी तादाद में इकट्ठा हुई भीड़ ने जमकर हंगामा किया। खबर है कि यहाँ लगभग 500 की संख्या में जुटी भीड़ ने पहले स्कूल का गेट तोड़ा और फिर प्रशासन पर पथराव किया।

स्कूल के प्रिंसिपल भरत लाल मीणा के मुताबिक दिल्ली सरकार की ओर से एक नोटिस मिला था। इसमें कहा गया था कि स्कूल द्वारा अब तक बाँटे गए राशन की रिपोर्ट तैयार कर खाद्य आपूर्ति विभाग को देनी है, इसके कारण गुरुवार को राशन वितरण का काम नहीं होगा।

उनके मुताबिक, दिल्ली सरकार के आदेश के बाद स्कूल ने इस संबंध में 13 मई को स्कूल के बाहर एक नोटिस भी लगाया। बावजूद इसके 14 तारीख की सुबह भीड़ इकट्ठा हुई और हंगामा करना शुरू कर दिया।

प्राइमरी स्कूल के प्रिंसिपल बताते हैं कि लोगों को भड़का देखकर स्टाफ के अलावा सिविल डिफेंस के वॉलिंटियर्स और पैरामिलिट्री स्टाफ ने भी जनता को राशन न बाँटे जाने के पीछे का कारण बताया। लेकिन, भीड़ उनपर ही भड़क गई और गाली-गलौच करने लगी। लोगों ने राशन चोरी का इल्जाम भी लगाया।

प्रिंसिपल मीणा के अनुसार, “भीड़ ने शिक्षकों को घेराव भी किया। जब चीजें नियंत्रण से बाहर हो गईं और भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया, तो हमें मदद के लिए पुलिस बुलानी पड़ी।” इसके बाद किसी तरह भीड़ को नियंत्रित कर स्कूल के मुख्य द्वार को बंद किया गया। लेकिन लोग इसके बाद भी गेट बजाते रहे और पथराव करते रहे।

गौरतलब है कि इस वाकये से पहले भी दिल्ली के कई इलाकों से इस तरह हिंसा के वाकये सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि दक्षिण और पूर्वी नगर निगम के स्कूलों में भी शिक्षकों का घेराव कर उनके साथ बदसलूकी की गई।  इन्हीं घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए नॉर्थ एमसीडी आयुक्त वर्षा जोशी ने कहा, “हमने इस विषय में खाद्य आपूर्ति विभाग को पत्र लिखा है। इस तरह की परेशानी राशन की लिस्ट न होने के कारण भी हो सकती है।”

इस बीच शिक्षकों ने भी महामारी के समय में अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा है, “हम विषम परिस्थितियों में ड्यूटी कर अपने जीवन को खतरे में डालने वाले स्कूल शिक्षकों की सुरक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई चाहते हैं। हम कोरोना महामारी के दौरान काम करने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हम शिक्षक हैं और एक भीड़ से निपटने के लिए प्रशिक्षित नहीं हैं।”

बता दें, देश भर में लॉकडाउन के बीच अप्रैल से 1,000 से अधिक दिल्ली सरकार और निगम स्कूल हंगर रिलीफ सेंटर्स और राशन सेंटर के तौर पर सेवा उपलब्ध करा रहे हैं। दिल्ली के 40,000 से अधिक सरकारी शिक्षक राशन वितरण ड्यूटी पर लगे हुए हैं। हंगर सेंटर्स रोजाना सुबह 8 बजे खुलते हैं और शाम 6 बजे तक बंद हो जाते हैं। चावल और गेहूँ का आटा यहाँ एक मानक राशन किट के रूप में प्रदान किया जा रहा है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

14 फसलों पर MSP की बढ़ोतरी, पवन ऊर्जा परियोजना, वाराणसी एयरपोर्ट का विस्तार, पालघर का पोर्ट होगा दुनिया के टॉप 10 में: मोदी कैबिनेट...

पालघर के वधावन पोर्ट की क्षमता अब 298 मिलियन टन यूनिट की जाएगी। इससे भारत-मिडिल ईस्ट कॉरिडोर भी मजबूत होगा। 9 कंटेनर टर्मिनल होंगे।

किताब से बहती नदी, शरीर से उड़ते फूल और खून बना दूध… नालंदा की तबाही का दोष हिन्दुओं को देने वाले वामपंथी इतिहासकारों का...

बख्तियार खिजली को क्लीन-चिट देने के लिए और बौद्धों को सनातन से अलग दिखाने के लिए वामपंथी इतिहासकारों ने नालंदा विश्वविद्यालय को तबाह किए जाने का दोष हिन्दुओं पर ही मढ़ दिया। इसके लिए उन्होंने तिब्बत की एक किताब का सहारा लिया, जो इस घटना के 500 साल बाद लिखी गई थी और जिसमें चमत्कार भरे पड़े थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -