Homeदेश-समाजलड़की के रेप का आरोप, फिर ब्लैकमेल और वसूली: 'सेक्सटॉरशन' रैकेट का मास्टरमाइंड नासिर...

लड़की के रेप का आरोप, फिर ब्लैकमेल और वसूली: ‘सेक्सटॉरशन’ रैकेट का मास्टरमाइंड नासिर धराया, यूट्यूब अधिकारी बन करता था कॉल

आरोपित के पास से पुलिस ने 2 लाख रुपए कैश बरामद किए हैं। साथ ही उसके पास से एक SUV गाड़ी भी मिली है, जो उसने अपराध की काली कमाई से खरीदी है। आरोपितों से जुड़े 6 बैंक खातों को सीज कर दिया गया है।

दिल्ली पुलिस ने एक ‘सेक्सटॉरशन’ रैकेट का पर्दाफाश करते हुए नासिर को गिरफ्तार किया है। वो फर्जी यूट्यूब अधिकारी बन कर लोगों को ब्लैकमेल करता था। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के एक सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी ने इसकी शिकायत की थी, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई। नासिर इस रैकेट का मास्टरमाइंड है। पिछले दो वर्षों से वो राजस्थान के मेवात में रह कर इस रैकेट का संचालन कर रहा था।

दिल्ली पुलिस ने जानकारी दी है कि पीड़ितों ने अपनी शिकायत में बताया था कि उन्हें खुद को यूट्यूब अधिकारी बता रहे कुछ लोगों से जबरन वसूली के फोन कॉल्स आ रहे थे। फोन करने वाले लोग कहते थे कि उन्हें एक लड़की से शिकायत मिली है कि आपने फलाँ लड़की का यौन शोषण किया है। एक पीड़ित ने तो डर के मारे ब्लैकमेल करने वालों के कहने पर उन्हें 4 लाख रुपए भी ट्रांसफर कर दिए।

आरोपित के पास से पुलिस ने 2 लाख रुपए कैश बरामद किए हैं। साथ ही उसके पास से एक SUV गाड़ी भी मिली है, जो उसने अपराध की काली कमाई से खरीदी है। आरोपितों से जुड़े 6 बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। इसी महीने राजस्थान से ही ऐसे ही एक और रैकेट का पर्दाफाश किया गया था, जब भरतपुर से 24 वर्षीय हकीमुद्दीन गिरफ्तार हुआ था। पिछले कुछ दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं।

ये रैकेट पूरी साजिश के तहत काम करता था। पहले तो फेसबुक पर एक लड़की की आईडी बनाई जाती थी और उससे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा जाता था। फेसबुक के बाद व्हाट्सएप्प पर बात होने लगती थी। चैटिंग करते-करते सामने वाले को यौन कृत्यों में शामिल होने के लिए उकसाया जाता था। बाद में उस पूरे वीडियो कॉल को रिकॉर्ड कर के जबरन वसूली की जाती थी। ऐसे कर के कई पीड़ितों से रुपए वसूले गए थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -