Homeदेश-समाजदिल्ली में प्रधानमंत्री की भतीजी से छिनैती, ₹56,000, मोबाइल समेत पर्स लूटा

दिल्ली में प्रधानमंत्री की भतीजी से छिनैती, ₹56,000, मोबाइल समेत पर्स लूटा

पुलिस के अनुसार दमयंतीबेन ने अपने कथन में बताया कि उन पर हमला पीछे से हुआ। जब उनका ऑटो गुजरात भवन के सामने रुका और वे ऑटोवाले को किराया देने ही वालीं थीं, तभी दो स्कूटर पर सवार दो 16-18 साल के किशोरों ने उनका पर्स झपट लिया।

ऐसा लगता है कि राजधानी दिल्ली में कोई भी व्यक्ति अपराध से सुरक्षित नहीं है। एक स्तब्धकारी घटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भतीजी से दिल्ली में शनिवार (12 अक्तूबर) को उनका पर्स, मोबाइल और पैसे छीन लिए गए, जब वे ऑटो वाले को पैसे दे रहीं थीं। यह घटना गुजरात समाज भवन के ठीक बाहर की है।

अमृतसर से आईं थीं दिल्ली

पीड़िता नरेंद्र मोदी के बड़े भाई प्रह्लाद मोदी की बेटी दमयंतीबेन मोदी हैं। अपने पति के साथ वे अमृतसर से दिल्ली आज सुबह-सुबह पहुँची थीं। उनका कार्यक्रम आज दिन भर गुजरात समाज भवन में रुक कर शाम को फ्लाइट से अहमदाबाद जाने का था

पुलिस के अनुसार दमयंतीबेन ने अपने कथन में बताया कि उन पर हमला पीछे से हुआ। जब उनका ऑटो गुजरात भवन के सामने रुका और वे ऑटोवाले को किराया देने ही वालीं थीं, तभी दो स्कूटर पर सवार दो 16-18 साल के किशोरों ने उनका पर्स झपट लिया। वह उनकी गोद में रखा हुआ था। दमयंती मोदी ने India Today को बताया कि उनके पर्स में कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज़, मोबाइल फ़ोन और ₹56,000 मौजूद थे।

सुबह 8.10 के करीब हुई इस घटना के बाद वे सिविल लाइन्स पुलिस थाने गईं और मामले की शिकायत दर्ज कराई। उत्तरी दिल्ली की पुलिस उपायुक्त (DCP) मोनिका भरद्वाज ने डकैती का मामला दर्ज कराए जाने की पुष्टि की है। टाइम्स ऑफ़ इंडिया के पत्रकार राज शेखर झा के अनुसार दिल्ली पुलिस ने अपनी आतंकरोधी इकाई (एंटी-टेरर यूनिट), क्राइम ब्रांच समेत सभी संसाधन मामले को सुलझाने में झोंक दिए हैं।

केजरीवाल के पड़ोस की घटना  

दिल्ली में गुजरात समाज भवन जिस सिविल लाइन्स क्षेत्र में है, उसे हाई-प्रोफाइल, ‘पॉश’ इलाका माना जाता है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविन्द केजरीवाल का आधिकारिक निवास घटनास्थल से महज़ कुछ ही दूरी पर स्थित है। ऐसे में सवाल यह है कि जो पुलिस मुख्यमंत्री आवास जैसे हाई-प्रोफाइल इलाकों में, महत्वपूर्ण लोगों की सुरक्षा करने में भी नाकाम हो रही है, उसके हाथ में आम आदमी की सुरक्षा किस हद तक राम-भरोसे है, इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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