Homeदेश-समाजबेटी से बलात्कार के आरोपित दिलशाद हुसैन को पिता ने गोरखपुर कचहरी में मारी...

बेटी से बलात्कार के आरोपित दिलशाद हुसैन को पिता ने गोरखपुर कचहरी में मारी गोली, दरिंदगी के बाद जमानत पर घूम रहा था बाहर

कहा जा रहा है कि जिस वक्त कचहरी में गोली चली, उस वक्त जो पुलिसवाले वहाँ मौजूद थे वे भाग खड़े हुए। बहरहाल इस घटना के बाद वकीलों ने कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया है। घटनास्थल पर वकीलों और पुलिस अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस भी हुई।

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गोरखपुर की दीवानी अदालत की गेट पर शुक्रवार (21 जनवरी 2022) की दोपहर को रेप (Rape) की शिकार हुई एक नाबालिग बच्ची के पिता ने जमानत पर बाहर घूम रहे दरिंदे दिलशाद हुसैन की गोली मारकर हत्या (Murder) कर दी। आरोपित मुकदमे की पहली तारीख पर पेशी के लिए गोरखपुर आया हुआ था।

रिपोर्ट के मुताबिक, रेप का आरोपित दिलशाद हुसैन (30) बिहार के मुजफ्फपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र के विधिपुर का रहने वाला था। उस पर बड़हलगंज क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता के साथ रेप करने का आरोप है। शुक्रवार को वह गोरखपुर में मुकदमे की तारीख के लिए आया था, लेकिन कोरोना के कारण कोर्ट के अंदर जाने पर रोक है। इसी कारण दीवानी कचहरी के गेट पर पहुँचने के बाद आरोपित दिलशाद ने अपने वकील को मिलने के लिए गेट पर बुलाया।

हालाँकि, इससे पहले के उसका वकील उस तक पहुँचता, बलात्कार की शिकार किशोरी के पिता ने पिस्टल से उसके सिर में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दिलशाद हुसैन रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपित था और जमानत में बाहर था। फिलहाल पुलिस ने उसकी हत्या के आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

इस घटना की पुष्टि करते हुए गोरखपुर पुलिस ने ट्वीट किया, “आज कलेक्ट्रेट परिसर के पास वादी भागवत निषाद द्वारा प्रतिवादी दिलशाद हुसैन को गोली मार दी गई। आरोपी को मय असलहा पकड़ लिया गया है। मृतक स्वयं आरोपित की नाबालिग बेटी से दुष्कर्म का आरोपित था। मौके पर सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं।”

यह कहा जा रहा है कि जिस वक्त कचहरी में गोली चली, उस वक्त जो पुलिसवाले वहाँ मौजूद थे वे भाग खड़े हुए। बहरहाल इस घटना के बाद वकीलों ने कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया है। घटनास्थल पर वकीलों और पुलिस अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस भी हुई।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -