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मिलिए ‘जिला शामली’ वाली माइनिंग ऑफिसर डॉ. रंजना से, जानिए उनके करप्शन के किस्से: योगी सरकार ने कर दिया है सस्पेंड

डॉ रंजना पर ठेकेदारों और खनन माफिया से मोटी रकम उगाही करने के आरोप हैं। कहा जा रहा है कि वह खनन का ठेका जारी होने के बाद भी ठेकेदाराें से वसूली करती थीं, साथ ही पैसे लेकर निर्धारित स्थान के अलावा भी खनन की इजाजत दे देती थीं।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोप में प्रदेश के 4 जिलों में खनन अधिकारियों को सस्पेंड करके हाल में बड़ी कार्रवाई की। निलंबित होने वाले खनन अधिकारियों में सहारनपुर से आशीष कुमार, बांदा से सुभाष सिंह, शाहजहाँपुर से डॉ अभय सिंह और शामली से डॉ रंजना सिंह का नाम है। इन चारों अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का इल्जाम लगने के बाद इनके ख़िलाफ़ भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की निदेशक डा. रोशन जैकब ने संस्तुति की।

चारों अधिकारियों में सबसे जाना माना नाम डॉ रंजना सिंह का है। भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित होने से पहले डॉ रंजना ने इस साल नए साल पर ‘जिला शामली’ नाम के गाने को लॉन्च किया था। जिला शामली गाना गाने के बाद उन्हें कई जगह सराहना मिली थी। उनका कहना था कि उन्होंने जिला शामली की संस्कृति से प्रभावित होकर और डीएम की प्रेरणा से शामली पर गीत बनाने की योजना बॉलीवुड गायक गोविंद कौशिक के साथ की। उनके गाने में इतिहास एवं ऐतिहासिक स्थलों को दर्शाया गया था।

मगर, अब डॉ रंजना पर ठेकेदारों और खनन माफिया से मोटी रकम उगाही करने के आरोप हैं। कहा जा रहा है कि वह खनन का ठेका जारी होने के बाद भी ठेकेदाराें से वसूली करती थीं, साथ ही पैसे लेकर निर्धारित स्थान के अलावा भी खनन की इजाजत दे देती थीं। उनके खिलाफ ये शिकायत दो ठेकेदारों ने ही की थी। उन पर एक ठेकेदार के साथ हिस्सेदारी का भी आरोप था। हालाँकि लंबी जाँच के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया।

शिकायतकर्ता ठेकेदार ने उन्हें लेकर कहा था कि पद में हो रहे अवैध खनन में खनन अधिकारी रंजना चौधरी की मिलीभगत है। यही नहीं अवैध खनन के आरोपित मंजीत मंगलौरा (हरियाणा) के साथ उनकी हिस्सेदारी है। ठेकेदार ने अपनी शिकायत 2 जून को एसपी को पत्र लिखकर की थी। उसका कहना था कि मंजीत मंगलौरा और जिले की खनन अधिकारी उनको परेशान कर रहे हैं।

ठेकेदार दीपक पानू ने करोड़ों रुपए लेकर ठेका देने और निरस्त करने के आरोप लगाते हुए, कमिश्नर से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत की थी। वही कुछ दिन पहले जनपद के रहने वाले दीपक बंसल ने भी मुख्यमंत्री के यहाँ जाकर लिखित में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि खनन अधिकारी से लेकर उच्च अधिकारियों तक कैसे कोरोना कॉल में खाने के पैकिट में घोटाला किया गया। इसके बाद उसने अपनी जान को खतरा बताया था।

उल्लेखनीय है कि डॉ रंजना सिंह शामली में लगभग एक वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुकी हैं। इस दौरान वह बस विवादों में घिरी रहीं। उनका हाल ही में एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह व्यापारी दीपक बंसल को खनन का काम दिलाने की बात कह रही थी। इससे पहले ठेकेदार दीपक पन्नू ने खनन अधिकारी पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। ठेकेदार का कहना था कि उस पर हाइवे पर मिट्टी डालने के ठेका था। लेकिन एक अन्य ठेकेदार से मिलकर खनन अधिकारी ने उसका उत्पीड़न किया। उसे मिट्टी खनन की अनुमति नहीं दी और उसके ट्रक पकड़ लिए गए। इसके चलते उसे ठेका छोड़ना पड़ा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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