Thursday, June 13, 2024
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टीपू सुल्तान की तलवार, अखंड भारत को हरे रंग से पोत छाप दी औरंगजेब की तस्वीर… कर्नाटक के शिवमोगा में ईद मिलाद पर पत्थरबाजी

केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने राज्य की सिद्धारमैया सरकार को 'तुगलक सरकार' बताते हुए एक्स/ट्विटर पर पूछा है, "कॉन्ग्रेस सरकार ने कट्टरपंथियों को तलवार के साथ जुलूस निकालने की इजाजत क्यों दी? उनका असली इरादा क्या है? सरकार ने कर्नाटक पुलिस के हाथ क्यों बाँध दिए?"

कर्नाटक के शिवमोगा जिले में 1 अक्टूबर 2023 को ईद मिलाद के जुलूस के दौरान पत्थरबाजी की घटना हुई। कई वाहनों और घरों को भी निशाना बनाया गया। इस घटना के बाद धारा 144 लागू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार हालात अब नियंत्रण में हैं।

इस जुलूस की वायरल तस्वीरों और वीडियो में देखा जा सकता है कि अखंड भारत के नक्शे को हरे रंग से पोत कर उस पर मुगल शासक औरंगजेब की तस्वीर छाप दी गई है। साथ ही इस्लामी शासक टीपू सुल्तान के कटआउट और उसकी तलवार को भी प्रदर्शित किया गया था।

इसको लेकर भाजपा ने राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने राज्य की सिद्धारमैया सरकार को ‘तुगलक सरकार’ बताते हुए एक्स/ट्विटर पर पूछा है, “कॉन्ग्रेस सरकार ने कट्टरपंथियों को तलवार के साथ जुलूस निकालने की इजाजत क्यों दी? उनका असली इरादा क्या है? सरकार ने कर्नाटक पुलिस के हाथ क्यों बाँध दिए?”

वहीं मल्लेश्वरम से बीजेपी विधायक अश्वथ नारायण ने कॉन्ग्रेस सरकार को घेरते हुए कहा है कि कावेरी जल विवाद के निपटारे को प्राथमिकता देने की जगह वह सांप्रदायिक कट्टरता को बढ़ावा देने में लगी है। शिवमोगा में कट्टर टीपू सुल्तान के कटआउट और तलवार के साथ जुलूस लगाने की अनुमति देना निंदनीय है। यह मजहबी कट्टरपंथ को खुलेआम समर्थन जैसा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हिंसा जुलूस के दौरान शिवमोगा के रानीगुड्डा इलाके के शांति नगर में अचानक ही पत्थरबाजी शुरू हो गई। इसके बाद तनाव फ़ैल गया। दो पक्ष आमने-सामने आ गए। पत्थरबाजी में 6 लोग घायल हो गए। हालत बिगड़ते देख कर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इलाके में रैपिड एक्शन फ़ोर्स के साथ भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

नवभारत टाइम्स के अनुसार विवाद की जड़ में टीपू सुल्तान का एक विवादित कटआउट है। कटआउट में टीपू को दक्षिण भारत के एक हिन्दू योद्धा का कत्ल करते हुए दिखाया गया था। इसी चित्र पर एक मुस्लिम युवक द्वारा अपने खून से शेर टीपू लिख दिया गया। हिन्दू संगठनों ने इस कटआउट पर आपत्ति दर्ज करवाई। पुलिस ने भी जुलूस में शामिल लोगों से विवादित कटआउट को हटाने के लिए कहा। आखिरकार कटआउट को ढक दिया गया जिससे जुलूस में शामिल लोग नाराज हो गए।

आरोप है कि पत्थरबाजी में कई घरों को भी निशाना बनाया गया। शिवमोगा के एसपी जीके मिथुन कुमार ने बताया है कि इस घटना को लेकर कुछ लोगों की गिरफ्तारी की गई है। स्थिति अब नियंत्रण में है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।

जुलूस में टीपू सुल्तान की तलवार और औरंगज़ेब की होर्डिंग

जुलूस में टीपू सुल्तान की तलवार मेहराब की झाँकी निकाली गई थी। इस तलवार को बाकायदा मशीन से चारों तरफ घुमाया जा रहा था। तलवार की धार पर नीचे लाल रंग का निशान खून के प्रतीक के तौर पर दिखाया गया था। जुलूस के साथ चल रहे DJ पर जोर-जोर से म्यूजिक बज रहा था। इस वीडियो को @astitvam ने अपने (X) हैंडल पर शेयर किया है।

इसके अलावा जुलूस के एक एंट्री गेट पर अखंड भारत का कटआउट हरे रंग से पुता हुआ था। नक्शे के बीचोबीच औरंगजेब की फोटो लगी हुई थी। गेट के पिलर पर भी औरंगज़ेब को दिखाया गया था। औरंगजेब की फोटो के नीचे अंग्रेजी में मुस्लिम साम्राज्य लिखा हुआ था। इसी तरह से टीपू की तलवार के होर्डिंग पूरे शिवमोगा शहर में लगाए गए थे।

गौरतलब है शिवमोगा में ही फरवरी 2022 में बजरंग दल के कार्यकर्ता हर्षा की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। हिजाब के विरोध और भगवा शॉल के समर्थन में फेसबुक पोस्ट लिखने के कारण इस ह​त्या को अंजाम दिया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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